नेपाल से आया 13.62 टन ‘नियारा’ तो खुला राज, बखिरा में राख से निकाला जाता है सोना-चांदी

The CSR Journal Magazine
आम तौर पर सराफा दुकानों और कारखानों से निकलने वाली राख, धूल और कचरे को बेकार समझकर फेंक दिया जाता है। लेकिन संतकबीरनगर के बखिरा इलाके में यही ‘नियारा’ कई परिवारों के लिए कमाई का जरिया है। यहां सराफा कारोबार से निकलने वाली राख को धोकर और अलग-अलग प्रक्रिया से गुजारकर उसमें मौजूद सोना-चांदी के बारीक कण निकाले जाते हैं। हाल ही में सोनौली सीमा पर नेपाल से भारत लाई जा रही 13.62 टन नियारा पकड़े जाने के बाद बखिरा में चल रहे इस कारोबार की चर्चा फिर तेज हो गई है। कस्टम और SSB की संयुक्त टीम ने डीसीएम से यह धातुयुक्त राख बरामद की थी। मामले में दो लोगों को पकड़ा गया है और कस्टम विभाग इसकी जांच कर रहा है।

राख से शुरू होता है कमाई का पूरा कारोबार

बखिरा क्षेत्र के लेडुआ महुआ, अमरडोभा, गौरा, हारापट्टी, झुंगिया और सईबुजुर्ग समेत आसपास के गांवों में नियारा से जुड़े कई स्तर के काम होते हैं। कहीं इसकी खरीद होती है तो कहीं ढुलाई और धुलाई। इसके बाद राख को अलग-अलग चरणों से गुजारकर उसमें मौजूद कीमती धातुओं को अलग किया जाता है। सराफा दुकानों की धूल और राख में सोने-चांदी के बेहद छोटे कण मौजूद हो सकते हैं। इन्हीं कणों को निकालने के लिए नियारा को पानी में धोया और छाना जाता है। राख की मात्रा काफी कम होने के बाद बची सामग्री को आगे प्रसंस्करण के लिए भेजा जाता है।

पोखरों के किनारे होती है राख की धुलाई

बखिरा इलाके में पोखरों और छोटे जलस्रोतों के किनारे नियारा की धुलाई लंबे समय से होती रही है। कई जगह लोग राख को पानी में धोकर भारी कणों को नीचे बैठाते हैं। इसके बाद बची सामग्री को अलग कर आगे की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जाता है। छोटे कारोबारी अपने घरों के आसपास सीमेंट के टैंक या गड्ढों में भी राख धोने का काम करते हैं। इस कारोबार में सीधे तौर पर धातु निकालने वाले लोगों के अलावा राख ढोने, साफ करने और प्रसंस्करण से जुड़े लोगों को भी काम मिलता है।

सोनौली में 13.62 टन नियारा पकड़ा गया

इस कारोबार की चर्चा तब और बढ़ गई जब 8 अगस्त की रात सोनौली सीमा पर कस्टम और SSB की संयुक्त टीम ने 13,620 किलोग्राम धातु राख यानी नियारा बरामद किया। अधिकारियों के मुताबिक, यह खेप नेपाल के काठमांडू से लाकर भैरहवा-सोनौली के रास्ते बखिरा ले जाई जा रही थी। डीसीएम में सवार बखिरा निवासी शरीफ अहमद और बहराइच निवासी मोहम्मद कामरान को पकड़ा गया। पूछताछ में माल के मालिक के तौर पर बखिरा निवासी आफताब आलम का नाम सामने आया। अधिकारियों के अनुसार, माल से संबंधित जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके। कस्टम विभाग ने दोनों के खिलाफ सीमा शुल्क कानून के तहत कार्रवाई शुरू की है।

रोजगार के साथ स्वास्थ्य का सवाल भी

नियारा से सोना-चांदी निकालने का कारोबार स्थानीय लोगों के लिए कमाई का जरिया है, लेकिन इसकी प्रक्रिया को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ जगह आबादी के बीच भट्ठियां चलती हैं और उनमें रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल से धुआं निकलता है। ग्रामीणों के मुताबिक, शाम के समय कई बार धुआं इतना बढ़ जाता है कि आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है। बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी लोग चिंता जता रहे हैं।

आबादी के बीच चल रही भट्ठियों पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि नियारा गलाने वाली कुछ भट्ठियां लंबे समय तक चलती हैं। इनसे निकलने वाला धुआं आसपास के घरों तक पहुंचता है। लोगों ने आबादी से दूर भट्ठियां लगाने और पूरे कारोबार की जांच कराने की मांग की है। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस कारोबार से लोगों को रोजगार मिल रहा है, उसे स्वास्थ्य और पर्यावरण के नियमों के साथ कैसे चलाया जाए। स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।

अधिकारियों ने जांच की बात कही

क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह के मुताबिक, नियारा के कारोबार और भट्ठियों के संचालन के संबंध में संबंधित विभागों से जानकारी ली जाएगी। नियमों के खिलाफ गतिविधियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सोनौली में पकड़ी गई 13.62 टन नियारा की खेप को लेकर कस्टम विभाग की जांच जारी है। अधिकारियों की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि माल कहां से आया, इसका वास्तविक मालिक कौन है और इसे भारत लाने के पीछे पूरा नेटवर्क क्या है।

अब जांच पर टिकी नजर

बखिरा का नियारा कारोबार इस बात की मिसाल है कि जिसे आम नजर से सिर्फ कचरा समझा जाता है, उसमें भी कीमती धातु और लोगों की रोजी-रोटी छिपी हो सकती है। लेकिन रोजगार के साथ यह भी जरूरी है कि राख की धुलाई और भट्ठियों का संचालन सुरक्षित तरीके से हो। अब सोनौली में हुई बड़ी बरामदगी के बाद इस पूरे कारोबार की निगरानी और जांच पर नजर रहेगी।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos