MSCI इंडेक्स में बड़ा उलटफेर: ग्रो और लेन्सकार्ट की एंट्री, SBI कार्ड्स बाहर

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MSCI India Index में बड़ा बदलाव: ग्रो, लेन्सकार्ट और अन्य शेयरों की एंट्री, अगस्त रिव्यू ने किया नया बदलाव

ग्लोबल इंडेक्स प्रोवाइडर MSCI (Morgan Stanley Capital International) ने अगस्त 2026 की अपनी आवधिक समीक्षा (Periodic Review) की घोषणा कर दी है, जिसके तहत भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। इस रीबैलेंसिंग में दिग्गज टेक-इनेबल्ड कंपनियों लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस (Lenskart Solutions) और ग्रो (Groww) की पैरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स समेत कुल 4 नए शेयरों को MSCI इंडिया ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल किया गया है। वहीं दूसरी ओर, SBI कार्ड्स समेत 3 प्रमुख शेयरों को इस इंडेक्स से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है। MSCI द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इंडेक्स में किए गए ये सभी बदलाव 31 अगस्त 2026 को बाजार बंद होने के बाद लागू होंगे और 1 सितंबर 2026 से प्रभावी माने जाएंगे। इस महत्वपूर्ण फेरबदल के कारण भारतीय इक्विटी बाजार में लगभग 1.5 अरब डॉलर (करीब 12,500 करोड़ रुपये) से अधिक का विदेशी पैसिव इनफ्लो आने की उम्मीद जताई जा रही है।

इंडेक्स में शामिल होने वाले 4 नए शेयर

इस बार के रिव्यू में मुख्य सूचकांक (Global Standard Index) में शामिल होने वाली चार कंपनियों में फार्मा, न्यू-एज डिजिटल ब्रोकिंग, रिटेल और एनर्जी सेक्टर का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला है। बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (Billionbrains Garage Ventures) भारत के अग्रणी डिजिटल इन्वेस्टमेंट और डिस्काउंट ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म ग्रो (Groww) की पैरेंट कंपनी है। लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस (Lenskart Solutions) देश की सबसे बड़ी ओमनीचैनल आईवियर रिटेलर और ऑप्टिकल चेन ब्रांड है। लॉरस लैब्स (Laurus Labs) एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) और दवा निर्माण क्षेत्र की प्रमुख वैश्विक कंपनी है। अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस (Adani Energy Solutions) अडाणी समूह की बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन शाखा, जिसने हाल के महीनों में अपने मार्केट कैप में भारी सुधार किया है।

इंडेक्स से बाहर हुए 3 बड़े शेयर

इंडेक्स की सख्त गाइडलाइंस और फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन की शर्तों को पूरा न कर पाने के कारण निम्नलिखित 3 कंपनियों को मुख्य इंडेक्स से बाहर किया गया है-
SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज (SBI Cards): देश की दिग्गज क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता कंपनी।
एस्ट्रल लिमिटेड (Astral Ltd): बिल्डिंग मैटेरियल्स और पाइप्स बनाने वाली प्रमुख कंपनी।
बालकृष्ण इंडस्ट्रीज (Balkrishna Industries): ऑफ-हाईवे टायर (OHT) सेगमेंट की दिग्गज मैन्युफैक्चरिंग कंपनी।
नोट: एस्ट्रल और बालकृष्ण इंडस्ट्रीज को मुख्य इंडेक्स से हटाकर अब MSCI इंडिया स्मॉलकैप इंडेक्स में शामिल कर दिया गया है।

शेयरों के अनुसार संभावित निवेश (Inflow & Outflow)

नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च (Nuvama Research) और जेएम फाइनेंशियल के अनुमानों के मुताबिक, इस बदलाव के बाद विभिन्न कंपनियों में होने वाले संभावित विदेशी निवेश (Inflows) और बिकवाली (Outflows) का विवरण इस प्रकार है:
कंपनी का नाम – स्थिति – संभावित वित्तीय प्रभाव (USD)
लॉरस लैब्सएंट्री – (शामिल) – +$59.8 करोड़ (Inflow)
लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस – एंट्री (शामिल) – +$35.2 करोड़ (Inflow)
अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस – एंट्री (शामिल) – +$31.0 करोड़ (Inflow)
बिलियनब्रेन्स (ग्रो) – एंट्री (शामिल) – +$25.6 करोड़ (Inflow)
बालकृष्ण इंडस्ट्रीज – बाहर (Exit) -$16.2 करोड़ (Outflow)
SBI कार्ड्स – बाहर (Exit) -$14.1 करोड़ (Outflow)
एस्ट्रल लिमिटेड – बाहर (Exit) -$13.3 करोड़ (Outflow)

न्यू-एज कंपनियों की ऐतिहासिक सफलता

इस रिव्यू की सबसे खास और उल्लेखनीय बात यह है कि लेन्सकार्ट और ग्रो (बिलियनब्रेन्स) दोनों ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी लिस्टिंग के महज 10 महीनों के भीतर ही इस प्रतिष्ठित वैश्विक सूचकांक में जगह बना ली है। लेन्सकार्ट ने 10 नवंबर 2025 को और बिलियनब्रेन्स ने 12 नवंबर 2025 को शेयर बाजार में कदम रखा था। इतनी कम अवधि में वैश्विक पैसिव फंड्स के राडार पर आना भारतीय न्यू-एज स्टार्टअप्स और फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

वैश्विक मंच पर बढ़ा भारत का दबदबा

इस रीबैलेंसिंग के बाद वैश्विक निवेश मंच पर भारत की स्थिति और अधिक मजबूत हो गई है।
घटकों की संख्या में वृद्धि: मुख्य MSCI इंडिया इंडेक्स में कुल भारतीय कंपनियों की संख्या 165 से बढ़कर 166 हो जाएगी।
इंडेक्स वेटेज में उछाल: MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में भारत का वेटेज 11.8% से बढ़कर 11.9% होने का अनुमान है। वहीं, व्यापक स्तर पर भारतीय बाजारों की मजबूत जीडीपी ग्रोथ (वित्त वर्ष 2024-25 में 6.7%) के चलते भारत लगातार चीन को कड़ी टक्कर दे रहा है।
अडाणी समूह को दोहरा फायदा: नए शेयरों के अलावा, MSCI ने अडाणी एंटरप्राइजेज और अडाणी पोर्ट्स जैसी कई मौजूदा अडाणी ग्रुप कंपनियों के वेटेज को भी बढ़ाया है, जिससे समूह में अलग से $20.2 करोड़ से अधिक का निवेश आ सकता है।
रिलायंस को मामूली झटका: दूसरी ओर, प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़ने के कारण फ्री-फ्लोट कम होने की वजह से रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के वेटेज में थोड़ी कटौती की गई है।

स्मॉलकैप इंडेक्स में भी बड़ा उलटफेर

मुख्य सूचकांक के साथ-साथ MSCI इंडिया डोमेस्टिक स्मॉलकैप इंडेक्स में भी भारी फेरबदल देखने को मिला है। इस सेगमेंट में कुल 12 नए शेयरों को जोड़ा गया है, जबकि 19 शेयरों को बाहर कर दिया गया है।
प्रमुख नए स्मॉलकैप एंट्रीज: एथर एनर्जी (Ather Energy), अर्बन कंपनी (Urban Company), वीवर्क इंडिया (WeWork India), एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (LTTS) और डलमिया भारत।
प्रमुख स्मॉलकैप एग्जिट: नेटवर्क18, सीएमएस इन्फो सिस्टम्स, और RCF।

बाजार और निवेशकों पर क्या होगा असर?

MSCI इंडेक्स में किसी शेयर के शामिल या बाहर होने का सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर चलने वाले पैसिव फंड्स और Exchange Traded Funds (ETFs) से होता है। दुनिया भर के बड़े पेंशन फंड, म्यूचुअल फंड और संस्थागत निवेशक इन सूचकांकों को ट्रैक करते हैं। जैसे ही 31 अगस्त को बाजार बंद होगा, इन फंड्स को अनिवार्य रूप से शामिल कंपनियों (जैसे ग्रो और लेन्सकार्ट) के शेयर खरीदने होंगे और बाहर होने वाली कंपनियों (जैसे SBI कार्ड्स) के शेयर बेचने होंगे। इसके चलते आने वाले दिनों में ग्रो, लेन्सकार्ट और लॉरस लैब्स के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है, जबकि बाहर होने वाले शेयरों में कुछ समय के लिए बिकवाली का दबाव और शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी देखी जा सकती है।

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