उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने प्रयागराज से वाराणसी रूट पर छह अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया! आधुनिक सुविधाओं से लैस, जनरथ के बराबर किराया, नई इलेक्ट्रिक बसों से यात्रियों को मिली बड़ी राहत !
प्रयागराज–वाराणसी रूट पर दौड़ीं छह नई इलेक्ट्रिक बसें
प्रयागराज और वाराणसी के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने मंगलवार 27 जनवरी को प्रयागराज- वाराणसी मार्ग पर छह नई अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कर दिया। इन बसों के शुरू होने से दोनों धार्मिक और सांस्कृतिक शहरों के बीच यात्रा अब अधिक आरामदायक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हो गई है।
वाराणसी रूट के लिए विशेष रूप से शुरू की गईं बसें
इन सभी इलेक्ट्रिक बसों को खास तौर पर प्रयागराज से वाराणसी रूट के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। बसें प्रयागराज के लीडर रोड डिपो से संचालित होंगी और इनका संचालन निजी कंपनी आरजी मोबिलिटी (RG Mobility) द्वारा किया जा रहा है। यह रूट प्रयागराज → मिर्जापुर → वाराणसी (काशी/बनारस) के बीच संचालित किया जा रहा है, जिससे रोजाना हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। श्रद्धालु, विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और पर्यटक बड़ी संख्या में इस मार्ग पर यात्रा करते हैं।
प्रीमियम सुविधाएं, लेकिन किराया जनरथ के बराबर
UPSRTC अधिकारियों के अनुसार, इन इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों को प्रीमियम श्रेणी की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जबकि किराया जनरथ बसों के समान रखा गया है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा के साथ किफायती सफर का विकल्प मिलेगा। प्रयागराज से वाराणसी के लिए यूपीएसआरटीसी (UPSRTC) इलेक्ट्रिक बसें मुख्य रूप से ‘ई-बस इंडिया’ के अंतर्गत चल सकती हैं, जिनका किराया लगभग ₹200 से ₹300 (अनुमानित) के बीच हो सकता है। redBus पर बुकिंग उपलब्ध है। बसें सुबह से रात तक चलती हैं, हालांकि सटीक समय और उपलब्धता के लिए redBus या redBus चेक करें।Uttar Pradesh State Road Transport Corporation (UPSRTC) और E-Bus India के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से डीजल बसों की तुलना में प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार की हरित और स्वच्छ परिवहन नीति को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रयागराज को चरणबद्ध तरीके से कुल 33 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन बसों को आगे चलकर लखनऊ, कानपुर और अयोध्या जैसे प्रमुख मार्गों पर भी संचालित किया जाएगा।
नई बसों के शुरू होने से यात्रियों में उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अब प्रयागराज से वाराणसी का सफर न केवल आरामदायक होगा, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर साबित होगा। प्रयागराज और वाराणसी के बीच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नया और महत्वपूर्ण मार्ग खुला है। डीजल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण और शोर को काफी कम करती हैं, जिससे वायु की गुणवत्ता बेहतर होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इसके साथ ही ईंधन की बचत भी होगी, जिससे प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव घटेगा।
प्रयागराज–वाराणसी जैसे व्यस्त और धार्मिक मार्ग पर इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत न केवल यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक यात्रा का अनुभव देगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम साबित होगी। इलेक्ट्रिक बसों की यह शुरुआत प्रदेश में आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की ओर एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
Indian Railways has recently approved a pioneering hydrogen-powered train service on the Jind-Sonipat route. This marks a significant step towards improving the sustainability of...
Two Indian women, Parveen Shaikh and Barkha Subba, have gained international recognition for their significant contributions to conservation at the 2026 Whitley Awards, commonly...