तमिलनाडु सीएम विजय का पहला Gen Z बजट-युवाओं के लिए महा-पैकेज

The CSR Journal Magazine

Tamil Nadu Budget 2026: सीएम विजय का Gen Z बजट! युवाओं के लिए AI, फ्री लैपटॉप और रोजगार का बड़ा पैकेज

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अगुवाई वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) गठबंधन सरकार ने विधानसभा में अपना पहला पूर्ण संशोधित बजट 2026-27 पेश कर दिया है। राज्य के वित्त मंत्री डॉ. एन. मैरी विल्सन द्वारा पेश किए गए इस वित्तीय रोडमैप में जेनरेशन जेड (Gen Z) यानी आज के युवा वर्ग और कॉलेज छात्रों को केंद्र में रखा गया है। सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कौशल, मुफ्त लैपटॉप वितरण और बड़े पैमाने पर रोजगार प्रशिक्षण के जरिए युवा सशक्तिकरण का एक ऐतिहासिक पैकेज घोषित किया है

तमिलनाडु बजट 2026: सीएम विजय का ‘Gen Z’ मास्टरस्ट्रोक

तमिलनाडु की राजनीति और आर्थिक इतिहास में आज का दिन एक नए युग की शुरुआत के रूप में दर्ज हो गया है। नव-निर्वाचित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य का पहला संशोधित आम बजट (2026-27) विधानसभा में पेश कर दिया है। वित्त मंत्री डॉ. एन. मैरी विल्सन द्वारा 2 घंटे 30 मिनट तक दिए गए बजट भाषण में सबसे बड़ी गूंज ‘Gen Z’ यानी राज्य के युवाओं और छात्र वर्ग के लिए सुनाई दी। मुख्यमंत्री विजय के ‘वेत्री तमिझगम’ (सफल तमिलनाडु) विज़न डॉक्यूमेंट के आधार पर तैयार इस बजट में राज्य को साल 2031 तक 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस बड़े लक्ष्य को साधने के लिए विजय सरकार ने राज्य के युवाओं की तकनीकी क्षमता और रोजगार क्षमता (Employability) को अपग्रेड करने के लिए खजाना खोल दिया है।

‘वेत्री मडिकणनी थिट्टम’: कॉलेज छात्रों के लिए ₹2,000 करोड़ का लैपटॉप पैकेज

बजट की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित घोषणाओं में से एक ‘वेत्री मडिकणनी थिट्टम’ (Vetri Laptop Scheme) रही। उच्च शिक्षा और डिजिटल अंतर को पाटने के संकल्प के साथ विजय सरकार ने राज्य के कॉलेज छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने के लिए ₹2,000 करोड़ की भारी-भरकम राशि आवंटित की है। इस योजना का सीधा उद्देश्य सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ने वाले तकनीकी, व्यावसायिक और सामान्य पाठ्यक्रमों के छात्रों को आधुनिक उपकरणों से लैस करना है ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। शिक्षाविदों के अनुसार, यह कदम उच्च शिक्षा में ड्रॉप-आउट रेट को कम करने और डिजिटल साक्षरता को चरम पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।

IIT मद्रास के साथ साझेदारी: 5 लाख युवाओं को AI और डीप-टेक ट्रेनिंग

बजट को विशुद्ध रूप से ‘Gen Z’ और भविष्योन्मुखी (Futuristic) बनाते हुए सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर विशेष दांव खेला है। वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि प्रतिष्ठित IIT मद्रास के साथ विशेष साझेदारी के तहत राज्य के 5 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीप-टेक कौशल की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, AI प्रशिक्षण कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए इसे राज्य के 2,600 से अधिक अतिरिक्त स्कूलों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) में अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।

भारत का पहला AI शहर: ‘अरीवगम’ (Arivagam)

तकनीकी क्रांति को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने देश के पहले समर्पित AI और इनोवेशन सिटी ‘अरीवगम’ की स्थापना का ऐलान किया है। इस हाई-टेक सिटी के भीतर एक समर्पित AI यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। एक अंतरराष्ट्रीय कौशल विकास केंद्र और सेमीकंडक्टर हार्डवेयर टेस्टिंग लैब बनाई जाएगी। बहु-विषयक नवाचार इनक्यूबेटर्स (Incubators) और आधुनिक आवासीय बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। इस ड्रीम प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता समीक्षा (Feasibility Study) के लिए शुरुआती ₹5 करोड़ मंजूर किए गए हैं।

‘वेत्री कौशल प्रशिक्षण योजना’: 13 लाख युवाओं के लिए रोजगार का मार्ग

बेरोजगारी की समस्या पर सीधा प्रहार करते हुए विजय सरकार ने ‘वेत्री कौशल प्रशिक्षण योजना’ (Vetri Skill Training Scheme) लॉन्च की है। इसके तहत राज्य के 12 लाख कॉलेज छात्रों और 1 लाख बेरोजगार युवाओं (कुल 13 लाख) को सीधे उद्योगों की मांग के अनुसार आधुनिक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, निजी उद्योगों के सहयोग से एक मेगा इंटर्नशिप प्रोग्राम (Internship Programme) की शुरुआत हो रही है। इसके प्रथम चरण में 20,000 युवाओं को पेड इंटर्नशिप (Stipend आधारित) के अवसर दिए जाएंगे। इसमें उन परिवारों के ग्रेजुएट और वोकेशनल डिग्रीधारी उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके घर में कोई भी सदस्य स्थायी रोजगार में नहीं है।

स्कूली शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹44,527 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन

बजट में शिक्षा क्षेत्र के कायाकल्प के लिए बजटीय आवंटन को अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया गया है। सरकार ने अकेले स्कूली शिक्षा विभाग के लिए ₹44,527 करोड़ और उच्च शिक्षा के लिए ₹8,393 करोड़ आवंटित किए हैं।

‘पल्ली निरइवू थिट्टम’ और कैंपस स्वच्छता

₹2,132 करोड़ की कुल लागत वाले ‘पल्ली निरइवू थिट्टम’ के तहत राज्य के 3,734 सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके तहत क्लासरूम को स्मार्ट बनाया जाएगा और ₹300 करोड़ की लागत से इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारा जाएगा।

सुपर क्लीन, सुपर कैंपस

स्कूलों की स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ₹139 करोड़ की लागत से यह योजना शुरू की जा रही है, जो पहले चरण में 10,000 सरकारी स्कूलों को कवर करेगी। इसमें टॉयलेट्स और पेयजल प्रणालियों के 24 घंटे रख-रखाव का प्रावधान है।

मुफ्त साइकिलें और किट

राज्य के 5.32 लाख कक्षा 11वीं के छात्र-छात्राओं को ₹277 करोड़ की लागत से आधुनिक साइकिलें वितरित की जाएंगी, जिनके साथ सुरक्षा के लिए हेलमेट और बॉटल होल्डर भी मुफ्त मिलेंगे।

नाश्ता योजना का विस्तार

प्रसिद्ध ‘पेरुंथलाइवर कामराजार नाश्ता योजना’ का दायरा अब सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के बच्चों के लिए भी बढ़ा दिया गया है, जिसके लिए ₹710 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

महिलाओं और नवजातों के लिए ‘थाई मामन’ और ‘अन्नान सीर’ योजनाएं

मुख्यमंत्री विजय ने खुद को बच्चों और युवाओं के बीच “विजय मामा” या “थाई मामन” (सगे मामा) के रूप में स्थापित करने की कोशिश की है, जो बजटीय कल्याणकारी योजनाओं में भी साफ झलकता है।

थाई मामन थंगा मोथिरम थिट्टम

सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात शिशु के स्वागत के लिए सरकार 1 ग्राम सोने की अंगूठी उपहार में देगी। इसके लिए ₹560 करोड़ का फंड रखा गया है।

अन्नान सीर थिट्टम (बड़े भाई का उपहार)

विवाह सहायता योजना का विस्तार करते हुए सरकार ने पात्र दुल्हनों को उनकी शादी के दिन 8 ग्राम (एक संप्रभु/Sovereign) सोने का सिक्का और एक रेशमी साड़ी देने की घोषणा की है। इस योजना के लिए संशोधित बजट में ₹812 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है।

खेल सुधार: 10 ‘ओलंपिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना

युवाओं के शारीरिक विकास और वैश्विक खेल पटल पर तमिलनाडु की धमक बढ़ाने के लिए खेल और युवा कल्याण विभाग का बजट करीब दोगुना कर ₹1,051 करोड़ कर दिया गया है। राज्य में खेल संस्कृति को जमीनी स्तर पर बदलने के लिए 10 ‘ओलंपिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए शुरुआती ₹50 करोड़ की मंजूरी दी गई है।

‘ड्रग-फ्री तमिलनाडु’- एंटी-ड्रग क्लब और ‘STING’ टास्क फोर्स

Gen Z युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए बजट में कानून-व्यवस्था और पुनर्वास का एक कड़ा चक्रव्यूह तैयार किया गया है।सभी स्कूलों और कॉलेजों में अनिवार्य रूप से एंटी-ड्रग क्लब (Anti-Drug Clubs) और छात्र स्वयंसेवक समूह बनाए जाएंगे। ग्रेटर चेन्नई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट का विस्तार पूरे राज्य में करते हुए इसका नाम बदलकर ‘STING’ (स्पेशल टास्क फोर्स फॉर इंटरडिक्शन ऑफ नारकोटिक्स एंड गैंग्स) कर दिया गया है। राज्य के सभी 37 जिलों और शहरी क्षेत्रों में कुल 65 ‘STING’ इकाइयां सीधे नशा तस्करों की संपत्तियां फ्रीज करने और उनके वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने का काम करेंगी। नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए ₹70 करोड़ का पुनर्वास कोष बनाया गया है।

राजकोषीय स्थिति और विपक्ष का हमला

जहाँ एक तरफ यह बजट लोक-लुभावन और युवा-केंद्रित घोषणाओं से भरा है, वहीं वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने राज्य की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र (White Paper) का हवाला देते हुए पिछली द्रमुक (DMK) सरकार को कटघरे में खड़ा किया। सरकार के अनुसार, राज्य पर सार्वजनिक उपक्रमों सहित कुल ₹13.18 लाख करोड़ का भारी कर्ज बकाया है और राजस्व घाटा ₹90,500 करोड़ तक पहुंचने की चेतावनी है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि विजय सरकार निविदाओं (Tenders) में भ्रष्टाचार और ‘कट’ (कमीशन) की प्रथा को पूरी तरह बंद कर चुकी है, जिससे सरकारी खजाने की लीकेज रुकी है। सरकार वित्तीय अनुशासन के जरिए ₹15,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के मार्ग पर लौटने के लिए दो साल का समय तय किया है। दूसरी ओर, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की अगुवाई में द्रमुक (DMK) ने इस बजट को ‘शून्य बजट’ (Zero Budget) करार देते हुए आरोप लगाया है कि सरकार केवल पुरानी योजनाओं का नाम बदलकर और पैकेजों को रीपैकेज करके जनता को गुमराह कर रही है।

बदलाव की बयार या वित्तीय चुनौती?

तमिलनाडु का बजट 2026-27 स्पष्ट रूप से दिखाता है कि मुख्यमंत्री विजय ने अपने राजनीतिक सफर की पहली वित्तीय परीक्षा में युवाओं (Gen Z) के भविष्य पर सबसे बड़ा दांव खेला है। AI यूनिवर्सिटी, लैपटॉप योजना, मुफ्त साइकिलें और व्यापक रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम निश्चित रूप से राज्य के युवाओं में एक नया जोश भरेंगे। हालांकि, ₹13 लाख करोड़ से अधिक के कर्ज के साये में इन सभी वादों को जमीन पर पूरी तरह उतारना विजय सरकार के लिए आने वाले समय में एक बड़ी प्रशासनिक और वित्तीय अग्निपरीक्षा होगी

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos