भारत में नए नाम से अलकायदा फैला रहा आतंक, क्या है AGuH Interim?

The CSR Journal Magazine
लाल किला ब्लास्ट की जांच में NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट ने AGuH Interim का नाम फिर से चर्चा में ला दिया है। यह संगठन केवल एक स्थानीय मॉड्यूल नहीं था, बल्कि यह भारत में एक सक्रिय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा है। NIA का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करना, नए सदस्यों की भर्ती करना, और बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचना है। इसी को लेकर दिल्ली के लाल किला में 2025 में हुए कार बम धमाके की जांच में AGuH Interim के सदस्यों का नाम सामने आया।

सोशल मीडिया का इस्तेमाल: नए सदस्यों की भर्ती

NIA के अनुसार, AGuH Interim संगठन ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मेसेंजिंग ऐप्स का उपयोग किया। इसकी योजना थी कि वो गुप्त बैठकों के जरिए नए सदस्यों को जोड़ें। इसके अलावा, सदस्यों को विस्फोटक बनाने, उनकी ट्रेनिंग देने तथा आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने का भी संदेह है। अबतक 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। कुछ आरोपी फरार हैं।

लाल किला ब्लास्ट का कनेक्शन: कैसे जुड़े हैं मामले?

NIA के अनुसार, नवंबर 2025 में लाल किला के पास हुए कार बम धमाके से AGuH Interim की सक्रियता का पता चला। इस धमाके की योजना बनाने में संगठन के सदस्यों की भूमिका थी। एजेंसी का कहना है कि इन लोगों ने मिलकर हमले की साजिश बनाई और उसे अंजाम देने की जिम्मेदारी निभाई। सप्लीमेंट्री चार्जशीट में फंसे 13 आरोपियों में से कुछ अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

डॉ. मुजफ्फर अहमद: पेशेवर चिकित्सक और आरोपी

NIA के आरोपों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के डॉ. मुजफ्फर अहमद पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जबकि वह बच्चों के डॉक्टर हैं, एजेंसी ने उन्हें AGuH Interim संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक बताया है। यह भी कहा गया है कि डॉ. मुजफ्फर अहमद ने विस्फोटकों की तैयारी और परीक्षण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह फरार चल रहे हैं और उनकी तलाश तेज हो चुकी है।

क्या है AGuH Interim का भविष्य?

AGuH Interim का गठन भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया। इसके सदस्य आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, जिससे वे आसानी से अपने नेटवर्क को फैलाते हैं। NIA की कार्रवाइयाँ और इस संगठन के खिलाफ जांच में नई जानकारियाँ मिलना आशाजनक है। यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन चुका है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos