जल जीवन मिशन: 18 हजार से अधिक शिकायतें, 1,810 अफसरों-ठेकेदारों पर कार्रवाई

The CSR Journal Magazine

जल जीवन मिशन में गड़बड़ियों की भरमार, 18 हजार से ज्यादा शिकायतें आईं, कार्रवाई का सिलसिला जारी

20 जुलाई 2026 को जल शक्ति मंत्रालय ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत देशभर से 18,790 शिकायतें मिलीं। इन शिकायतों के आधार पर 1,810 अधिकारियों, ठेकेदारों और थर्ड पार्टी एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से पानी पहुंचाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन इसके क्रियान्वन में कई खामियां सामने आई हैं।

गड़बड़ियों का खुलासा, कितनी शिकायतें आईं?

जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत कुल 18,790 शिकायतें दर्ज की गई हैं। ये शिकायतें मीडिया, जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, ग्रिवांस पोर्टल और अन्य स्रोतों से आई हैं। हालांकि, इनमें से कोई भी शिकायत सीधे तौर पर भ्रष्टाचार से संबंधित नहीं थी। सभी शिकायतें वित्तीय अनियमितताओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर आधारित थीं।

क्या-क्या गड़बड़ियां सामने आईं?

शिकायतों में विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया है। इनमें वित्तीय अनियमितताएं शामिल हैं, जैसे कि सरकारी धन का ग़लत उपयोग, भुगतान में समस्याएं और नियमों का उल्लंघन। साथ ही, घटिया निर्माण कार्य, जैसे पाइपलाइन की गुणवत्ता में कमी और अधूरे काम की शिकायतें भी दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं और तकनीकी कमियों की भी समस्याएं सामने आई हैं।

कितनों पर हुई कार्रवाई?

विभागीय अधिकारी: भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप में 635 विभागीय अधिकारियों पर निलंबन, आरोप पत्र और विभागीय जांच जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
ठेकेदार: नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,020 ठेकेदारों के अनुबंध समाप्त किए गए, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया या उन पर जुर्माना लगाया गया।
निरीक्षण एजेंसियां: कार्यों की सही निगरानी न करने वाली 155 थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसियों (TPIAs) के खिलाफ भी कड़ा एक्शन लिया गया है।

कैसे हो रही है निगरानी?

जल शक्ति मंत्रालय ने बताया है कि जल जीवन मिशन की निगरानी के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रणाली स्थापित की गई है। केंद्रीय नोडल अधिकारी साइट पर निरीक्षण करते हैं, और तकनीकी टीमें भौतिक सत्यापन के लिए जाती हैं। योजना का डिजिटल असेसमेंट फ्रेमवर्क के माध्यम से मूल्यांकन किया जा रहा है।

मिशन की वर्तमान प्रगति

देश के कुल 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 15.89 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुँचाया जा चुका है। मिशन ने अब तक ग्रामीण भारत में 82.09 प्रतिशत कवरेज का लक्ष्य हासिल कर लिया है।

क्या है जल जीवन मिशन का महत्व?

जल जीवन मिशन देश की सबसे बड़ी ग्रामीण पेयजल योजनाओं में से एक है, जो लाखों परिवारों को पीने के पानी की सुविधा प्रदान कर रही है। यह योजना खासकर महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत दिला सकती है। अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो इससे लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार संभव है।

पेयजल संकट से बचने की आवश्यकता

जल जीवन मिशन के सफल कार्यान्वन से न केवल करोड़ों लोगों को पेयजल की उपलब्धता में सुधार हो सकता है, बल्कि इससे भविष्य में पेयजल संकट की संभावनाएं भी कम हो जाएंगी। यदि इस योजना में गड़बड़ियों को समय रहते ठीक किया जाए, तो यह देश के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

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