स्थानीय कला और संस्कृति को मिलेगा ग्लोबल मंच, Gems of India से बदलेंगे क्रिएटर्स के दिन

The CSR Journal Magazine

डिजिटल क्रिएटर्स के लिए सरकार का बड़ा तोहफा! शुरू किया ‘Gems of India’ चैलेंज

भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश के जमीनी स्तर के डिजिटल क्रिएटर्स को बढ़ावा देने के लिए ‘Gems of India’ चैलेंज के पायलट चरण की शुरुआत की है। यह पहल उभरती हुई ऑरेंज इकोनॉमी (क्रिएटिव सेक्टर) को मजबूत करने के लिए तैयार की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के प्रत्येक जिले की अनूठी पहचान, संस्कृति, विरासत, पर्यटन, लोक कला, पारंपरिक खान-पान और स्थानीय इतिहास को डिजिटल स्टोरी टेलिंग (वीडियो) के माध्यम से देश और दुनिया के सामने लाना है।

नई पहल से बढ़ेगा क्रिएटिव सेक्टर

भारत सरकार ने डिजिटल क्रिएटर्स और उभरते हुए कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आज ‘Gems of India’ चैलेंज का पायलट फेज शुरू किया है। यह चैलेंज देश के क्रिएटिव सेक्टर को मजबूत करने के लिए एक नई पहल है। ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ के विकास में मदद करने के लिए यह चैलेंज महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

क्या है ‘Gems of India’ चैलेंज?

‘Gems of India’ चैलेंज एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां डिजिटल क्रिएटर्स और कलाकार अपने अनोखे विचारों और प्रोजेक्ट्स को प्रस्तुत कर सकते हैं। इस चैलेंज के तहत प्रतिभागियों को अपने काम को दिखाने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें व्यापक दर्शकों के बीच पहचान मिलेगी। सरकार का उद्देश्य इस पहल के जरिए क्रिएटिव प्रतिभाओं को एक नया अवसर देना है।

कैसे लें सकते हैं हिस्सा?

अगर आप भी इस चैलेंज में भाग लेना चाहते हैं तो आपको कुछ चरणों का पालन करना होगा। सबसे पहले, प्रतिभागियों को अपनी डिजिटल क्रीएशन्स को एक निर्दिष्ट फॉर्मेट में तैयार करना होगा। इसके बाद, उन्हें अपनी क्रीएशन्स को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। सभी जमा की गई क्रीएशन्स का मूल्यांकन विशेषज्ञों की एक जूरी द्वारा किया जाएगा।

प्रतियोगिता के नियम और भागीदारी

प्रतिभागियों को अपने जिले की खासियत पर 1 से 3 मिनट का एक मौलिक वीडियो बनाना होगा। इसके लिए सबमिशन विंडो 1 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक खुली रहेगी। वीडियो को WAVES OTT प्लेटफॉर्म के अंतर्गत सिटिजन क्रिएटर प्लेटफॉर्म MyWAVES सेक्शन पर अपलोड करना होगा।

पायलट चरण के क्षेत्र

शुरुआत में यह चैलेंज 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लाइव हो रहा है- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, गोवा और लद्दाख। बाद में इसका विस्तार पूरे देश में किया जाएगा। सरकार इस पहल के व्यापक प्रसार के लिए यूट्यूब (YouTube) और मेटा (Meta) जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है।

सरकार की योजनाएं और उद्देश्य

सरकार ने इस पहल के माध्यम से न केवल डिजिटल क्रिएटर्स को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखा है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि भारतीय कला और संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान मिले। इस चैलेंज में हिस्सा लेने से युवा कलाकारों को न केवल अपने कौशल को और बेहतर बनाने का मौका मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने काम के लिए आर्थिक सहायता भी प्राप्त होने का अनुमान है।

मिलने वाले पुरस्कार

चैलेंज के विजेताओं को तीन स्तरों पर नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक जिले में अधिकतम 20 क्रिएटर्स को ₹50,000 का पुरस्कार। हर जिले से चुने गए सर्वश्रेष्ठ क्रिएटर को ₹2 लाख का पुरस्कार। राज्य स्तर से शॉर्टलिस्ट की गई बेहतरीन एंट्रीज को ₹5 लाख का भव्य पुरस्कार मिलेगा। अधिक विवरण और नियम व शर्तों के लिए आप पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर जाकर इसकी विस्तृत जानकारी देख सकते हैं।

प्रतिभागियों के लिए संभावनाएं

प्रतिभागियों को इस चैलेंज के जरिए न केवल पुरस्कार मिलने की संभावनाएं हैं, बल्कि उन्हें अपनी क्रीएशन्स को राष्ट्र स्तर पर प्रस्तुत करने का भी मौका मिलेगा। इससे उन्हें अपने काम के प्रति विश्वास बढ़ाने और व्यापक दर्शकों के बीच अपने कौशल को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। यह पहल निश्चित रूप से भविष्य में कई नए टैलेंट को सामने लाने में मदद करेगी।

Gems of India: एक नया अध्याय

‘Gems of India’ चैलेंज का आरंभ होना भारतीय कला और संस्कृति के नए अध्याय की शुरुआत करने जैसा है। इससे न केवल डिजिटल क्रिएटर्स को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि इससे देश में एक सकारात्मक बदलाव भी आएगा। यह चैलेंज भारत के समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को बनाए रखने और अपनी कला को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का एक साधन बन सकता है।

उपस्थितियों की अपील

सरकार की ओर से इस तरह की पहल के बाद अब सभी युवा डिजिटल क्रिएटर्स को अपना सर्वश्रेष्ठ देने का मौका है। ‘Gems of India’ चैलेंज उन सभी के लिए एक सुनहरा अवसर है जो अपने टैलेंट को एक नई पहचान देना चाहते हैं। इस प्लेटफार्म के माध्यम से देशभर से प्रतिभागी अपनी क्रीएशन्स को संप्रेषित कर सकते हैं, जिससे सभी के लिए एक नई शुरुआत संभव हो सके।

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