IIAS की ‘वंदे मातरम्: ए जर्नी’ 10 जुलाई को होगी लॉन्च, सामने आएगा 150 साल का इतिहास

The CSR Journal Magazine
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी (IIAS) राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के बहुचर्चित इतिहास को लेकर एक महत्वपूर्ण कॉफी टेबल बुक तैयार कर रहा है। इस बुक का नाम है ‘वंदे मातरम्: ए जर्नी’। इसकी लॉन्चिंग 10 जुलाई को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन द्वारा की जाएगी। उपराष्ट्रपति के आने को लेकर राज्य के चीफ सेक्रेटरी केके पंत ने आज तैयारियों की समीक्षा बैठक की। इस बुक में ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्ष की यात्रा को दस्तावेजों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

दस्तावेजों के आधार पर इतिहास का अनावरण

यह कॉफी टेबल बुक रचनाओं और प्रमाणिक दस्तावेजों पर आधारित है, जो 1875 से 1950 के बीच ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाती है। IIAS का कहना है कि इस किताब का उद्देश्य लोगों तक इस राष्ट्रीय गीत से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को पहुंचाना है। यह गीत न केवल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा है, बल्कि समय-समय पर इसके प्रति उठे विवादों का भी जिक्र किया गया है।

विवादों का भी होगा विवरण

पुस्तक में कांग्रेस अधिवेशन में ‘वंदे मातरम्’ पर उठी आपत्तियों का विस्तृत चर्चा किया जाएगा। इसमें 1923 में काकीनाडा अधिवेशन में हुई पहली आपत्ति से लेकर 1937 में चार छंदों को हटाने की प्रक्रिया का विवरण दिया गया है। IIAS के अनुसार, यह जानकारी अद्वितीय और प्रमाणिक है, जिससे पाठकों को इस गीत के महत्व का सही अंदाजा होगा।

दुर्लभ चित्रों से दर्शकों को जोड़ा जाएगा

कॉफी टेबल बुक के विमोचन समारोह के साथ ‘वंदे मातरम्’ की यात्रा को दर्शाने वाली 20 दुर्लभ चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। ये चित्र इस राष्ट्रीय गीत के विकास को स्पष्ट रूप से उजागर करेंगे। IIAS का कहना है कि वे किसी भी अकादमिक प्रकाशन से पहले उसकी गुणवत्ता और प्रमाणिकता का ध्यान रखते हैं। इसलिये इस पुस्तक में शामिल सभी जानकारियाँ प्राथमिक दस्तावेजों पर आधारित हैं।

विचार धाराओं का पेश किया जाएगा संदर्भ

पुस्तक में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान उभरी दो अलग-अलग वैचारिक धाराओं का भी उल्लेख किया गया है। एक धारा आधुनिक विचारों को अपनाने की थी, जबकि दूसरी पश्चिमी प्रभावों से अधिक प्रभावित थी। यह समझना आवश्यक है कि ‘वंदे मातरम्’ से जुड़ी वैचारिक भिन्नताएँ उस समय की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में कैसे उभरी।

सीखने को मिलेगा ऐतिहासिक ज्ञान

इस बुक द्वारा इतिहास को प्रमाणिकता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। IIAS का मानना है कि हमें ‘वंदे मातरम्’ के बारे में तथ्यात्मक जानकारी मिलनी चाहिए। इस पुस्तक के ज़रिये पाठक न केवल गीत के इतिहास को समझेंगे, बल्कि वो विवादों और विभिन्न विचारधाराओं को भी स्पष्ट रूप से देख सकेंगे।

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