वाराणसी को ट्रैफिक जाम से मुक्ति: कैबिनेट ने दी दो मेगा एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी

The CSR Journal Magazine

वाराणसी में एलिवेटेड कॉरिडोर: कैबिनेट ने मेगा प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि वाराणसी में हर साल लगभग 15 करोड़ पर्यटक और तीर्थयात्री आते हैं। उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाराणसी में ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करना और एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच को सहज बनाना है।

आसान यात्रा के लिए नई पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने वाराणसी को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ₹25,446 करोड़ की लागत वाले दो मेगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इन दोनों कॉरिडोर के बनने के बाद शहर का एक घंटे का सफर सिर्फ 20 मिनट में पूरा हो सकेगा।यह मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार किया जा रहा है।

वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर

वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण पर कुल ₹10,998.32 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह 43.218 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर मुख्य रूप से 4 और 6-लेन के मिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में तैयार होगा। यह मार्ग NH-31 से शुरू होकर वाराणसी रिंग रोड और काशी रेलवे स्टेशन को आपस में जोड़ेगा। इस रूट के बनने से लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और पड़ोसी जिले चंदौली की ओर आने-जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर फंसे बिना सीधे बाईपास का रास्ता मिल सकेगा।

वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर (रूट और एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स)

यह कॉरिडोर हरहुआ-राजातालाब रिंग रोड क्षेत्र और NH-31 के संगम से शुरू होगा। यह वरुणा नदी के समानांतर (पैरेलल) गुजरते हुए शहर के घने इलाकों जैसे प्रताप पट्टी, वाजिदपुर, मनसापुर सदर और हुकुलगंज के ऊपर से निकलेगा। यह मुख्य रूप से फ्लाईओवर, लूप और रैंप के नेटवर्क से लैस होगा। वरुणा और गंगा नदी के संगम स्थल यानी नमो घाट के पास और काशी रेलवे स्टेशन पर जाकर यह समाप्त होगा। लखनऊ, प्रयागराज और जौनपुर की तरफ से आने वाले लोग शहर के मुख्य रास्तों के जाम में फंसे बिना सीधे काशी स्टेशन, नमो घाट और लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट (बाबतपुर) तक पहुंच सकेंगे।

गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर

गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर को ₹14,447.64 करोड़ के बड़े निवेश के साथ तैयार किया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 46.04 किलोमीटर होगी और यह मुख्य रूप से एक शानदार 6-लेन एक्सप्रेसवे के रूप में काम करेगा। यह कॉरिडोर NH-19 को वाराणसी रिंग रोड से सीधे कनेक्ट करेगा, जिससे भारी वाहनों को शहर के बाहरी हिस्सों से ही गुजरने का मौका मिलेगा। इस परियोजना के तहत गंगा नदी पर एक 910 मीटर लंबा ‘केबल-स्टेयड’ (तारों पर टिका) आधुनिक पुल भी बनाया जाएगा, जो इस रूट का मुख्य आकर्षण होगा।

गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर (रूट और एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स)शुरुआती पॉइंट

यह कॉरिडोर विश्व सुंदरी पुल के बाएं छोर (NH-19) से शुरू होकर सामने घाट पुल तक पहुंचेगा। इसके बाद रामनगर की तरफ लगभग 6 किलोमीटर का दायरा तय करते हुए नमो घाट की तरफ बढ़ेगा। नमो घाट के पास एक विशेष डबल-डेकर स्ट्रक्चर बनेगा, जिसमें ऊपर रेलवे लाइन और नीचे 6-लेन हाईवे होगा। यह कॉरिडोर आगे जाकर वाराणसी रिंग रोड के गंगा पुल से सीधे जुड़ जाएगा। बिहार, चंदौली, मिर्जापुर और गाजीपुर से आने वाले वाहन शहर में घुसे बिना रिंग रोड पर निकल जाएंगे। इसके अलावा काशी विश्वनाथ धाम, मणिकर्णिका, अस्सी और नमो घाट के लिए यहां से डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी।

पर्यटकों की संख्या को देखते हुए जरूरी कदम

केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा है कि वाराणसी में हर साल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं। इसी वजह से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने की आवश्यकता महसूस की गई है। इस प्रोजेक्ट के जरिए श्री काशी विश्वनाथ धाम आने वाले तीर्थयात्रियों की यात्रा को और आसान बनाया जाएगा। इसके अलावा, यह शहर की मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक जाम को कम करने में मददगार साबित होगा।

समग्र विकास की दिशा में प्रयास

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, ये दोनों प्रोजेक्ट्स वाराणसी के समग्र शहरी विकास को बढ़ावा देंगे। इसके साथ ही ये पर्यटन और धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेंगे, जिससे शहर की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। मंत्रियों ने यह भी कहा कि यह कदम वाराणसी के विकास में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होगा।

रेलवे में सुधार की नई योजनाएं

इसके अलावा, केंद्रीय रेल मंत्री ने रेलवे में सुधारों की एक नई श्रृंखला की भी घोषणा की है। इन आठ नए सुधारों का मकसद रेलवे के कामकाज को और बेहतर बनाना और यात्रियों को अधिक सुविधाएं प्रदान करना है। इन सुधारों को लागू करने से व्यापारियों और यात्रियों दोनों को लाभ होगा। नई नीतियों के तहत माल ढुलाई की लागत को कम करना, सप्लाई चेन को बेहतर बनाना और पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए उपाय किए जाएंगे।

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