बेंगलुरु में TTP का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, भारत-पाक सेना पर हमले की रच रहा था साजिश

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बेंगलुरु में आतंकी लिंक से युवक गिरफ्तार: भारत-पाक पर हमले की साजिश

बेंगलुरु पुलिस ने 11 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल के रहने वाले 25 वर्षीय युवक आसफूल मल्लिक (असाफुल मलिक) को प्रतिबंधित वैश्विक आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से कथित संबंध और भारत व पाकिस्तानी सेना पर जवाबी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई केंद्रीय और स्थानीय खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी डिवीजन की हेब्बागोडी पुलिस द्वारा की गई। आरोपी बेंगलुरु के बाहरी इलाके जिगनी में छिपकर रह रहा था और एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहा था।

TTP लिंक के साथ बंगाल का युवक गिरफ्तार; भारत और पाकिस्तानी सेना पर हमले की थी खौफनाक साजिश

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में स्वतंत्रता दिवस के ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बेंगलुरु सिटी पुलिस के इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी डिवीजन के तहत आने वाली हेब्बागोडी पुलिस ने एक चौंकाने वाले अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 25 साल के एक संदिग्ध को दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान आसफूल मल्लिक (पुत्र आबेद मल्लिक) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के नाओपारा गांव का निवासी है। वह बेंगलुरु के जिगनी औद्योगिक क्षेत्र में टाटा एडवांस्ड लिमिटेड में बीते दिसंबर 2025 से सुरक्षा गार्ड (सिक्योरिटी गार्ड) की नौकरी कर रहा था।

फेसबुक के जरिए TTP हैंडलर से संपर्क

पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति और दर्ज FIR के मुताबिक, आसफूल मल्लिक सोशल मीडिया पर अत्यधिक कट्टरपंथ की ओर बढ़ रहा था। उसने फेसबुक के जरिए अफगानिस्तान में मौजूद एक शख्स इमरान हैदर (Imran Haider) से दोस्ती की थी, जो प्रतिबंधित खूंखार आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का सक्रिय सदस्य माना जाता है। दोनों के बीच लंबे समय से सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड चैट प्लेटफॉर्म्स पर भारत और पाकिस्तान विरोधी बातचीत चल रही थी।

हमले की साजिश के पीछे की अजीब वजह

पुलिस पूछताछ में आरोपी आसफूल ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह पाकिस्तानी सेना द्वारा वहां के नागरिकों और मस्जिदों पर की जाने वाली कथित सैन्य कार्रवाई से बेहद गुस्से में था। इसके अतिरिक्त, वह इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर पाकिस्तान के रुख से भी नाराज था कि पाकिस्तानी सेना फिलिस्तीनी मुसलमानों की मदद नहीं कर रही है। इसी गुस्से के तहत उसने पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाने और तबाही मचाने के लिए टीटीपी (TTP) में शामिल होने का फैसला किया।

भारत और पाकिस्तान दोनों पर हमले का प्लान

पुलिस के अनुसार, आसफूल न सिर्फ पाकिस्तान में सैन्य ठिकानों पर हमला करना चाहता था, बल्कि उसके मंसूबे भारत को लेकर भी खतरनाक थे। जांच में सामने आया है कि यदि भारत में मुसलमानों को किसी भी प्रकार की परेशानी या कठिनाई का सामना करना पड़ता, तो वह भारत के भीतर भी जवाबी हिंसक हमले (Retaliatory Attacks) करने की योजना बना रहा था। इसके लिए वह इमरान हैदर की मदद से आतंकी ट्रेनिंग लेने के लिए अफगानिस्तान जाने की फिराक में था। उसने इसके लिए बाकायदा पासपोर्ट बनवाया था और वीजा के लिए आवेदन भी कर दिया था। हालांकि, बाद में पैसों की तंगी और परिवार की जिम्मेदारियों के चलते वह अफगानिस्तान नहीं जा सका और बेंगलुरु में ही रहकर नेटवर्क बढ़ाने लगा।

मोबाइल फोन से मिले पुख्ता डिजिटल सबूत

हेब्बागोडी पुलिस के इंस्पेक्टर सोमशेखर जी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को बोम्मासंद्रा औद्योगिक क्षेत्र से 11 अगस्त को हिरासत में लिया था। उसके मोबाइल फोन की गहराई से जांच करने पर पुलिस को इमरान हैदर के साथ की गई सोशल मीडिया चैट्स, कई वॉयस कॉल्स और ऑडियो रिकॉर्डिंग्स मिली हैं। इन ऑडियो फाइलों में आतंकी गतिविधियों के जरिए पाकिस्तानी सेना को तबाह करने और भारत में माहौल बिगाड़ने की साजिशों पर साफ चर्चा सुनी जा सकती है। पुलिस ने उसका फोन जब्त कर फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेज दिया है।

कड़ी धाराओं में मामला दर्ज

बेंगलुरु पुलिस ने आरोपी आसफूल मल्लिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 113(3) (आतंकवादी कृत्य के लिए साजिश रचना, उकसाना या सुविधा प्रदान करना) के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज कर उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल केंद्रीय खुफिया एजेंसियां, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के साथ मिलकर इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि बेंगलुरु या देश के अन्य हिस्सों में उसके कौन-कौन से मददगार या स्लीपर सेल सक्रिय हैं।

अन्य संदिग्धों की तलाश

बेंगलुरु पुलिस ने बताया कि मल्लिक की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच जारी है। उनकी कोशिश है कि अन्य संभावित संदिग्धों की पहचान की जा सके जो उसके नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। इस मामले से जुड़ी पूरी जानकारी पुलिस द्वारा जल्द ही साझा की जाएगी। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर सतर्क कर दिया है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की गतिविधियाँ भविष्य में और बढ़ सकती हैं इसलिए अधिक सतर्कता की आवश्यकता है। बेंगलुरु में इस प्रकार की गिरफ्तारी आतंकवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है।

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