इंडोनेशिया में फ्लोरेस द्वीप के उत्तरी तट के पास आया शक्तिशाली भूकंप, कई आफ्टरशॉक्स के बाद लोगों ने ऊंचाई वाले इलाकों की ओर किया पलायन
इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के पास शनिवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.7 थी और इसका केंद्र फ्लोरेस द्वीप के उत्तरी तट से समुद्र में, एंडे शहर से करीब 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई, जिसके कारण सतह पर तेज झटके महसूस हुए।
सुनामी की चेतावनी
भूकंप के तत्काल बाद इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भू-भौतिकी एजेंसी (BMKG) ने संभावित सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की। पूर्वी नुसा तेंगारा, पश्चिमी नुसा तेंगारा और दक्षिणी सुलावेसी के तटीय इलाकों को सतर्क किया गया। शुरुआती सुनामी मॉडलिंग में कुछ क्षेत्रों में करीब आधा मीटर से लेकर तीन मीटर तक की लहरों की संभावना जताई गई थी। इससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों तथा ऊंचे इलाकों की ओर चले गए।
भूकंप के आफ्टरशॉक से दहशत में लोग
भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए। शुरुआती रिपोर्टों में इनमें से एक की तीव्रता 6 से अधिक बताई गई। लगातार आ रहे झटकों के कारण लोगों को घरों और इमारतों में लौटने में डर लगा। कई स्थानों पर अस्पतालों ने मरीजों को इमारतों से बाहर निकालकर खुले स्थानों में उपचार की व्यवस्था की।
मकानों के नुकसान की खबर
फ्लोरेस के आसपास के इलाकों में भूकंप से कई मकानों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। स्थानीय रिपोर्टों में कुछ इमारतों के ढहने और मलबा गिरने की घटनाओं का उल्लेख है। एक धार्मिक परिसर में छत गिरने से एक पादरी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई। कई जगहों पर लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए और सड़कों तथा खुले मैदानों में जमा हो गए।
जनहानी के आंकड़ों पर नजर
भूकंप के बाद शुरुआती घंटों में जनहानि के आंकड़े लगातार बदलते रहे। शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि बाद की रिपोर्ट में पूर्वी नुसा तेंगारा के गवर्नर के हवाले से मृतकों की संख्या पांच बताई गई। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन कर रही हैं, इसलिए अंतिम आंकड़ा आगे बदल सकता है। सुनामी को लेकर जारी चेतावनी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था। तटीय क्षेत्रों के निवासियों को समुद्र से दूर जाने और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। कुछ इलाकों में समुद्र के पीछे हटने की खबरों के बाद लोगों में सुनामी को लेकर भय और बढ़ गया।
वापिस ली गई सुनामी की चेतावनी
हालांकि, बाद में समुद्र के स्तर में किसी बड़े और खतरनाक बदलाव की पुष्टि नहीं होने के बाद BMKG ने सुनामी चेतावनी हटा दी। रिपोर्टों के अनुसार कुछ स्थानों पर छोटी सुनामी लहरें दर्ज की गईं, लेकिन शुरुआती आशंका के अनुरूप विनाशकारी सुनामी नहीं आई। इसके बावजूद अधिकारियों ने लोगों से आफ्टरशॉक्स के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
रिंग ऑफ फायर में स्थित इंडोनेशिया
फ्लोरेस क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां सामान्य हैं। फ्लोरेस के उत्तर में सक्रिय फॉल्ट सिस्टम मौजूद हैं और इस क्षेत्र में पहले भी बड़े भूकंप और सुनामी आ चुके हैं। इस क्षेत्र का 1992 का फ्लोरेस भूकंप विशेष रूप से विनाशकारी रहा था। उस समय करीब 7.8 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी आई थी और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण शनिवार के 7.7 तीव्रता वाले भूकंप के बाद अधिकारियों ने सुनामी के खतरे को लेकर तत्काल चेतावनी जारी की।
राहत और बचाव कार्य जारी
विशेषज्ञों के अनुसार किसी समुद्री भूकंप के बाद सुनामी का खतरा मुख्य रूप से भूकंप की तीव्रता के साथ-साथ उसकी गहराई, समुद्र तल के विस्थापन और भूकंप की प्रकृति पर निर्भर करता है। शनिवार का भूकंप अपेक्षाकृत कम गहराई पर आया, इसलिए इसका प्रभाव सतह पर अधिक महसूस किया गया और सुनामी की आशंका को गंभीरता से लिया गया। भूकंप के बाद राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं। प्रशासन की प्राथमिकता क्षतिग्रस्त इमारतों का जायजा लेने, घायलों को चिकित्सा सहायता पहुंचाने और लोगों को आफ्टरशॉक्स से सुरक्षित रखने की है। अधिकारियों ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस नहीं जाने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
स्थिति पर लगातार नजर
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि इंडोनेशिया जैसे भूकंप-संवेदनशील देश में प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और तटीय इलाकों में आपदा तैयारी कितनी महत्वपूर्ण है। शनिवार सुबह के झटकों के बाद हजारों लोगों का ऊंचे स्थानों की ओर जाना इस बात का संकेत है कि सुनामी चेतावनी मिलने पर तत्काल प्रतिक्रिया कितनी जरूरी होती है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती आफ्टरशॉक्स और क्षति का पूरा आकलन करना है। भूकंप के बाद स्थिति तेजी से बदल रही है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार सुनामी चेतावनी अब हटा दी गई है, लेकिन आफ्टरशॉक्स और स्थानीय नुकसान का आकलन जारी है। मृतकों और घायलों की संख्या में भी आगे बदलाव संभव है।
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