पाकिस्तान में दौड़ी इमरान खान की मौत की अफवाह; ISPR ने कहा-सुरक्षित हैं पूर्व पीएम

The CSR Journal Magazine

इमरान खान की मौत की अफवाह: पाकिस्तान सेना का बड़ा बयान

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पूरी तरह सुरक्षित और जीवित हैं, और उनकी मौत से जुड़ी सभी खबरें पूरी तरह से झूठी, मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं। पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन अफवाहों का पुरजोर खंडन किया है।

इमरान खान की मौत की अफवाह: पाकिस्तानी सेना ने तोड़ी चुप्पी, जारी किया बड़ा बयान

रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की मौत की सनसनीखेज अफवाहों ने पूरे देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैली इस खबर के बाद पाकिस्तान में व्यापक राजनीतिक अशांति और जनता के बीच बढ़ते आक्रोश को देखते हुए आखिरकार पाकिस्तानी सेना को सामने आना पड़ा। सेना की मीडिया विंग ISPR (Inter-Services Public Relations) ने एक दुर्लभ और त्वरित बयान जारी कर इन सभी दावों को खारिज कर दिया है।

सेना का आधिकारिक बयान: ‘सब बकवास और मनगढ़ंत’

पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR ने इमरान खान की मौत की खबरों को पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और एक सुनियोजित दुष्प्रचार करार दिया है। सेना ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री बिल्कुल सुरक्षित हैं और अदियाला जेल में कानून के मुताबिक हिरासत में हैं। इसी बीच, अदियाला जेल प्रशासन ने भी स्थानीय मीडिया को बताया कि इमरान खान पूरी तरह स्वस्थ हैं, सुरक्षित हैं और उन्हें उचित चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। जेल प्रशासन ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद और अफवाहों का बाजार?

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका में रह रहे वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने अपने एक वीडियो में दावा किया कि रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय (GHQ) के कम से कम तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को यह डर है कि इमरान खान अब इस दुनिया में नहीं रहे। इस दावे ने आग की तरह काम किया और सोशल मीडिया पर #ImranKhan ट्रेंड करने लगा। हालाँकि, सेना का सख्त रुख देखने के बाद पत्रकार वजाहत सईद खान अपने बयान से पलट गए। उन्होंने एक नया वीडियो जारी कर सफाई दी कि उनके सूत्रों ने इमरान खान की मौत की पुष्टि नहीं की थी, बल्कि उन्होंने केवल सेना के भीतर फैले एक गंभीर डर और अंदेशे को साझा किया था, क्योंकि इमरान खान को लेकर काफी समय से रहस्यमयी चुप्पी साधी गई थी। पत्रकार ने सेना के खंडन का स्वागत करते हुए कहा, “मुझे खुशी है कि महीनों की चुप्पी के बाद ISPR ने जवाब दिया। इसका सीधा मतलब यह है कि इमरान खान जिंदा हैं।

CCTV पर दिखे इमरान खान

अफ़वाहों पर पूरी तरह विराम तब लगा जब इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के रिश्तेदारों ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। जेल नियमों के तहत किए गए एक दौरे के दौरान, जेल अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों को आंतरिक सीसीटीवी (CCTV) मॉनिटर पर इमरान खान को अपने पैरों पर चलते हुए दिखाया। इस विजुअल प्रूफ के सामने आने के बाद समर्थकों ने थोड़ी राहत की सांस ली है, हालांकि उनकी सेहत को लेकर चिंताएं अब भी बनी हुई हैं।

देश में भारी तनाव: PTI ने दी 20 लाख लोगों के साथ सड़कों पर उतरने की चेतावनी

भले ही सेना ने मौत की खबरों का खंडन कर दिया है, लेकिन पाकिस्तान में राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। इमरान खान के परिवार, बहनों और वकीलों को पिछले कई दिनों से उनसे मिलने नहीं दिया गया था, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और पीटीआई (PTI) नेता सोहेल आफरीदी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इमरान खान से परिवार और डॉक्टरों को तुरंत मिलने की अनुमति नहीं दी गई, तो 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। पार्टी ने इसके साथ ही 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक एक विशाल लॉन्ग मार्च निकालने का भी बड़ा ऐलान कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ा दबाव

इमरान खान की सुरक्षा और एकांत कारावास (Solitary Confinement) को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार घिरती नजर आ रही है। अमेरिका के 13 सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की रिपोर्टों का हवाला देते हुए इमरान खान के स्वास्थ्य और जेल की अमानवीय स्थितियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। फिलहाल, इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में सजा काट रहे हैं। सेना के इस दुर्लभ बयान ने फिलहाल किसी बड़े हिंसक बवाल को तो टाल दिया है, लेकिन पाकिस्तान की हाइब्रिड सरकार और पीटीआई समर्थकों के बीच टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने की पूरी आशंका है।

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