पुणे विप्रो में जबरन धर्मांतरण का आरोप: पीड़िता बोली, सहकर्मी ने डाला इस्लाम अपनाने का दबाव

The CSR Journal Magazine

IT कंपनी विप्रो में धार्मिक उत्पीड़न: हिंदू महिला से जबरन इस्तीफा लेने और धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप

IT दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro Technologies) की एक पूर्व हिंदू महिला कर्मचारी ने कंपनी के सहकर्मियों पर धार्मिक उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण (इस्लाम अपनाने) का दबाव बनाने और कार्यस्थल पर भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला पुणे के हिंजवड़ी (Hinjawadi) स्थित विप्रो कैंपस का है, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा है।

धार्मिक उत्पीड़न के संगीन मामलों में एक और घटना

पुणे की एक महिला ने विप्रो टेक्नोलॉजीज कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसने कार्यस्थल पर धार्मिक उत्पीड़न और भेदभाव का सामना किया। यह घटनाएं उस वक्त की हैं जब वह कंपनी के हिंजवडी ऑफिस में काम कर रही थी। हाल ही में हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला ने इन आरोपों को स्पष्ट किया। वह अब मामले को लेकर पुणे के हिंजवडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा चुकी हैं।

इस्तीफे के लिए बनाया गया दबाव

पीड़ित महिला ने कहा है कि अगस्त 2025 में उसे कंपनी की एक टीम मीटिंग में बुलाया गया था। इस मीटिंग के दौरान उस पर इस्तीफा देने का दबाव डाला गया। उन्होंने बताया कि उन्हें अपना पक्ष रखने का कोई अवसर नहीं दिया गया और अंततः वह इस्तीफा देने पर मजबूर हो गईं। महिला ने कहा कि ऑफिस में उन पर इस्लाम अपनाने का दबाव भी डाला गया था।

सहकर्मी की खुलासा: निजी जीवन में दखल

पीड़िता का आरोप है कि उसकी एक महिला सहकर्मी (शाहीन रफीक) ने नौकरी के पहले दिन से ही उसे परेशान करना शुरू कर दिया था। उसने पीड़िता पर हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने और एक मुस्लिम व्यक्ति से संबंध बनाने के लिए लगातार दबाव डाला। उसे बार-बार यह कहा जाता था कि ऐसा करने से उसकी जिंदगी बेहतर होगी और विदेश जाने के अवसर खुलेंगे। यह स्थिति उन्हें 10 महीने तक सहन करनी पड़ी।

करियर और विदेश जाने का लालच

आरोपी सहकर्मी ने पीड़िता से कहा कि इस्लाम अपनाने से उसकी जीवनशैली और सामाजिक प्रतिष्ठा बेहतर होगी और उसे विदेश (दुबई) में बसने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। शिकायत के अनुसार, पीड़िता को कंपनी के कंट्री हेड के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी राजी करने की कोशिश की गई। महिला ने इन मांगों को मानने से इनकार कर दिया और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की।

कंपनी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं

महिला ने आगे कहा कि उसने इस मामले की जानकारी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके विपरीत, कंपनी की ओम्बड्स कमेटी में उनके खिलाफ ही शिकायत दर्ज कर दी गई। इस से मामला और भी जटिल हो गया। हिंजवडी पुलिस ने अब शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।

वर्तमान स्थिति और कानूनी कार्रवाई

पीड़िता ने पुणे के हिंजवड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी महिला बॉस (जो वर्तमान में बेंगलुरु में तैनात हैं) को अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है। पीड़िता के वकील ने विप्रो कंपनी को एक कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें महिला को दोबारा नौकरी पर बहाल करने, मानसिक उत्पीड़न के लिए ₹50 लाख का मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है।

हिंदू जनजागृति समिति का समर्थन

इस मुद्दे को लेकर ‘हिंदू जनजागृति समिति’ ने पुणे प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की, जहां उन्होंने इसे आईटी इंडस्ट्री में “कॉरपोरेट जिहाद” का रूप बताते हुए पीड़िता के लिए न्याय की मांग की है।

मल्टीनेशनल IT कंपनी में यौन उत्पीड़न के आरोप

यह अकेला मामला नहीं है। इससे पहले नासिक की एक मल्टीनेशनल IT कंपनी में भी हिंदू महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न और धार्मिक भेदभाव के आरोप लगे थे। वहां भी पिछले चार साल में HR मैनेजर के पास कई शिकायतें गईं, जिन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। यह समस्या अब बहुत गंभीर होती जा रही है।

कॉर्पोरेट जिहाद पर बहस तेज

यह मामला हाल ही में नासिक में सामने आए टीसीएस (TCS) से जुड़े एक कथित धर्मांतरण विवाद के बाद सामने आया है, जिससे कॉर्पोरेट कार्यस्थलों पर धार्मिक तटस्थता और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। फिलहाल विप्रो कंपनी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान नहीं आया है और पुलिस आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला

नासिक में TCS ऑफिस के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है। याचिकाकर्ता ने केंद्र और राज्य सरकारों से सख्त कदम उठाने की मांग की है। इस बीच, कंपनी ने सभी कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें घर से काम करने का निर्देश दिया है। अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 9 FIR दर्ज की जा चुकी हैं।

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