नासिक TCS धर्मांतरण मामला: AIMIM नेता मतीन पटेल के अवैध मकान पर चला बुलडोजर

The CSR Journal Magazine
नासिक के चर्चित TCS धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान को पनाह देने के आरोप में AIMIM पार्षद अब्दुल मतीन पटेल के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है। नगर निगम ने इस निर्माण का नोटिस देने के बाद यह कदम उठाया। इस दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए। महाराष्ट्र के नासिक में TCS धर्म परिवर्तन मामले में कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद अब उनकी मदद करने वाले पार्षद मतीन पटेल के घर और ऑफिस पर कार्रवाई की जा रही है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

बुलडोजर कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए क्षेत्र में व्यापक पुलिस बंदोबस्त किया गया है। मौके पर डीसीपी, एसीपी और 11 पुलिस निरीक्षक सहित कुल 120 पुरुष और 60 महिला पुलिसकर्मी मौजूद थे। नगर निगम के कर्मचारी भी बड़ी संख्या में तैनात किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के चलते कार्रवाई सुचारू रूप से जारी है, और अवैध निर्माण तोड़ने का कार्य बगैर किसी रुकावट के जारी रहा।

नगर निगम का दावा

नगर निगम ने यह स्पष्ट किया है कि AIMIM पार्षद मतीन पटेल का घर और कार्यालय नियमों के खिलाफ बनाये गए हैं। इससे पहले निगम ने तीन दिन पहले इन्हें नोटिस जारी किया था। निर्धारित समय के बाद नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करने के लिए पहुंची, और उनके साथ भारी पुलिस बल मौजूद था। इस तरह की कार्रवाई नासिक में अवैध निर्माण के खिलाफ एक सख्त संदेश भेजने का प्रयास है।

AIMIM पार्षद के खिलाफ FIR दर्ज

निदा खान को पनाह देने के मामले में AIMIM पार्षद मतीन पटेल के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। नासिक पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 249 के तहत केस दर्ज किया है। निदा खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मतीन पटेल को भी हिरासत में लिया था और उनसे पूछताछ की थी। इस मामले को लेकर पुलिस ने गंभीरता से जांच जारी रखी है।

छत्रपति संभाजीनगर के पार्षद हैं मतीन

AIMIM के नेता मतीन पटेल महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के एक पार्षद हैं। हाल ही में उन्होंने TCS धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान को शरण देने के आरोप में सुर्खियाँ बटोरी हैं। निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया था, जो इस विवाद का मुख्य केंद्र बन गया है।

क्या है मामला?

TCS के नासिक ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद आठ और महिलाओं ने भी शिकायत दर्ज कराई। इन बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है। नासिक पुलिस की विशेष जांच दल इस मामले में नौ छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मामलों की गहनता से जांच कर रही है।

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