राजस्थान में फिर तेज हुआ राजनीतिक नियुक्तियों का दौर, बोर्ड-आयोगों के खाली पद भरने की तैयारी

The CSR Journal Magazine
आरपीएससी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में हालिया नियुक्तियों के बाद राजस्थान में बोर्डों, आयोगों और अकादमियों के रिक्त पदों पर भी नियुक्तियों की उम्मीद बढ़ गई है। भाजपा सरकार के ढाई साल पूरे होने के साथ ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और दावेदार नेताओं ने पैरवी शुरू कर दी है।

आरपीएससी और शिक्षा बोर्ड में नियुक्तियों से बढ़ीं उम्मीदें

करीब 11 माह के अंतराल के बाद राज्य सरकार ने राजनीतिक और संवैधानिक नियुक्तियों की प्रक्रिया को फिर गति दी है। हाल ही में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) में प्रो. संतोष आनंद और डॉ. दीपक कुमार शर्मा को सदस्य नियुक्त किया गया, जबकि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में हनुमान सिंह राठौड़ को अध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों के साथ राज्य सरकार द्वारा अब तक की गई राजनीतिक और संवैधानिक नियुक्तियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इससे लंबे समय से खाली पड़े अन्य बोर्डों और आयोगों में भी नियुक्तियों की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

ढाई साल बाद तेज होता है राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश में किसी भी दल की सरकार बड़े स्तर पर राजनीतिक नियुक्तियां आमतौर पर कार्यकाल के ढाई साल पूरे होने के बाद ही शुरू करती है। भाजपा सरकार भी अब अपने कार्यकाल के ढाई वर्ष पूरे कर चुकी है। ऐसे में विभिन्न बोर्डों, आयोगों और अकादमियों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की कवायद तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। इसे लेकर पार्टी के कई वरिष्ठ और संगठन से जुड़े नेता सक्रिय हो गए हैं।

नौ प्रमुख आयोगों और संस्थाओं में शीर्ष पद अब भी खाली

प्रदेश में लोकायुक्त सहित नौ महत्वपूर्ण आयोगों और संस्थाओं के शीर्ष पद अभी भी रिक्त हैं। पूर्व में नियुक्तियों में देरी को लेकर हाईकोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था। इसके अलावा बीस सूत्री कार्यक्रम एवं समन्वय समिति, राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड तथा राजस्थान स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बोर्ड जैसे महत्वपूर्ण पद भी लंबे समय से खाली हैं। पिछली कांग्रेस सरकार ने इन पदों पर अध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया था।

कांग्रेस ने उठाए सवाल, भाजपा पर लगाया संघ से जुड़े लोगों को तरजीह देने का आरोप

हालिया नियुक्तियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि आरपीएससी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि युवाओं को भर्ती परीक्षाओं से ज्यादा चयन प्रक्रियाओं की निष्पक्षता की चिंता करनी चाहिए। वहीं, राजनीतिक नियुक्तियों के अगले दौर को लेकर सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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