NCP विलय पर अटका पेंच, NDA एंट्री पर मंथन, महाराष्ट्र में क्या चल रहा सियासी खेल

The CSR Journal Magazine

महाराष्ट्र का नया सियासी खेल: NCP विलय पर फंसा पेंच, BJP का दो-तिहाई बहुमत वाला ‘मास्टरप्लान’

महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के पुनर्मिलन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में एंट्री को लेकर बड़ा सियासी मंथन चल रहा है। इस पूरे सियासी खेल के पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का एक बड़ा ‘मास्टरप्लान’ बताया जा रहा है, जिसमें बीजेपी का मुख्य संदेश स्पष्ट है- “पहले दोनों गुटों का विलय हो, फिर NDA में एंट्री मिलेगी।” यह पूरा मामला संसद के समीकरणों, आगामी परिसीमन और मराठा वोट बैंक की राजनीति को साधने से जुड़ा हुआ है।

एनसीपी में मचा घमासान

महाराष्ट्र में एनसीपी के विभिन्न गुटों में विलय को लेकर मंथन चल रहा है। शरद पवार और अजीत पवार के नेतृत्व में दो अलग-अलग धड़े सक्रिय हैं। सुनेत्रा पवार और सुप्रिया सुले के बीच चल रहे मतभेद, विलय की मुख्य रुकावट बन रहे हैं। क्या शरद पवार का गुट एनडीए में शामिल होगा, या अजीत पवार की एनसीपी के साथ मिलकर वर्तमान सियासी समीकरण को बदलने की कोशिश की जाएगी? सूत्रों के अनुसार, एनसीपी (शरद पवार) की एनडीए में एंट्री को लेकर मंथन जारी है लेकिन विलय को लेकर स्पष्टता अभी नहीं आई है।

नेतृत्व पर टकराव

शुत्रों की मानें, सुनेत्रा पवार का मानना है कि यदि शरद पवार का गुट एनसीपी में विलय करता है तो पार्टी की कमान सुप्रिया सुले के हाथों में चली जाएगी। यह बात उनके लिए चिंता का विषय है। अजीत पवार की एनसीपी में भी दो धड़े बनने की खबरें आ रही हैं। एक ओर सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार का गुट है, जबकि दूसरी ओर सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल का खेमा सक्रिय दिख रहा है। इस स्थिति में नेतृत्व पर गहरी चर्चा हो रही है।

संधि का दूसरा विकल्प

सूत्रों के अनुसार, अगर संसद में परिसीमन विधेयक आता है, तो शरद पवार की एनसीपी उसके समर्थन पर विचार कर सकती है। यह भी संभव है कि बाद में एनसीपी एक अलग सहयोगी दल के रूप में एनडीए में शामिल हो जाए। इस फ़ॉर्मूले के तहत शरद पवार की पार्टी पहले समर्थन करेगी और फिर भविष्य में विलय की कोशिश की जा सकती है। लेकिन इस पर दोनों खेमों में कोई खुलकर बात नहीं कर रहा है।

पार्टी का रुख स्पष्ट

एनसीपी (शरद पवार) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने इस विषय पर अपनी बात स्पष्ट की है। उनका कहना है कि पार्टी शर्तों के आधार पर परिसीमन विधेयक का समर्थन कर सकती है, यदि इसमें महिला आरक्षण और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल किए जाएं। इसका अंतिम निर्णय सुप्रिया सुले लेंगी, लेकिन पहले पार्टी के भीतर विस्तृत चर्चा होगी।

कहां अटका है विलय का पेंच?

पार्टी के भीतर और बाहर कई मोर्चों पर पेंच फंसे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार चाहते हैं कि सुनेत्रा पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनें और राज्य में उन्हें वित्त मंत्रालय मिले। वहीं, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल जैसे वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि सत्ता का संतुलन सभी को ध्यान में रखकर हो, ताकि शरद पवार गुट भी इसके लिए सहमत हो सके।

पार्टी के भीतर दो राय

शरद पवार गुट के 8 लोकसभा सांसद और 10 विधायक भविष्य को लेकर दो धड़ों में बंटे हैं। एक धड़ा सीधे NDA में जाकर केंद्रीय मंत्री पद (सुप्रिया सुले के लिए) के पक्ष में है, जबकि दूसरा धड़ा कांग्रेस के साथ विलय चाहता है। शिवसेना (UBT) के संजय राउत और खुद शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल व सुप्रिया सुले फिलहाल सार्वजनिक मंचों पर इस तरह के किसी भी राजनीतिक विलय या NDA में जाने की खबरों का पूरी तरह खंडन कर रहे हैं।

बीजेपी की रणनीति और शर्त

बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) और सुनेत्रा पवार (अजित पवार के निधन के बाद प्रभावी गुट) की अगुवाई वाली NCP आपस में मिलकर फिर से एक हो जाएं। अलग-अलग रहने पर समीकरण उलझने का डर है. यदि दोनों धड़े विलय कर एक पार्टी बनते हैं, तो बीजेपी उन्हें NDA का सहयोगी बनाने और केंद्रीय कैबिनेट में दो पद (दोनों गुटों से एक-एक) देने का प्रस्ताव दे रही है।

परिसीमन बिल का दिल्ली कनेक्शन

बीजेपी के लिए यह कदम संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है। दरअसल, केंद्र सरकार महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने वाले परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) जैसे बड़े संविधान संशोधन पास कराना चाहती है। इसके लिए NCP (SP) के पास 8 लोकसभा और 1 राज्यसभा सांसद (कुल 9 सांसद) हैं, जिनका समर्थन बीजेपी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

क्या होगी महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल?

शिवसेना के शिंदे गुट के नेता संजय शिरसाठ ने एनसीपी के विलय पर कहा कि दोनों दलों के बीच सहमति बनाना मुश्किल हो रहा है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए, उनका साथ आकर एनडीए में शामिल होना संभव नहीं लग रहा है। लेकिन शरद पवार की एनसीपी अगर स्वतंत्र रूप से एनडीए में शामिल होती है, तो यह सियासी दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos