खुद को अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताने वाला फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार

The CSR Journal Magazine

बिहार में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति ज़ब्त!

बिहार के खगड़िया जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खुद को IAS अधिकारी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का ‘अंडरकवर एजेंट’ बताने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 100 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित बेनामी संपत्ति, एक ड्राइवरलेस टेस्ला (Tesla Model Y) कार, लग्जरी गाड़ियां, भारी मात्रा में विदेशी शराब और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। खगड़िया पुलिस और जिला अपराध इकाई (DIU) की टीम ने करीब साढ़े सात घंटे तक छापेमारी कर इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया।

100 करोड़ के साम्राज्य वाला फर्जी IAS गिरफ्तार, खुद को बताता था अजीत डोभाल का ‘अंडरकवर एजेंट’

बिहार के खगड़िया जिले से नटवरलाल की तर्ज पर ठगी करने वाले एक हाईप्रोफाइल फर्जी IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार निवासी मनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 10 वर्षों से खुद को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बताकर लोगों और प्रशासनिक महकमे में अपना खौफ दिखाकर ठगी का धंधा चला रहा था। खगड़िया पुलिस अधीक्षक (SP) भानु प्रताप सिंह के निर्देश पर जिला अपराध इकाई (DIU) और गोगरी पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को आरोपी के आलीशान बंगले पर करीब साढ़े सात घंटे तक छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद जब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, तो वह अपनी ही ‘भारत सरकार’ बोर्ड लगी टेस्ला कार में बैठकर रोब से थाने गया।

अजीत डोभाल का एजेंट और CVC अधिकारी होने का दावा

एसपी भानु प्रताप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी मनीष गुप्ता का आत्मविश्वास देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। उसने पुलिस टीम को केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) का फर्जी पहचान पत्र दिखाया और दावा किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का ‘अंडरकवर एजेंट’ है। हालांकि, कड़ाई से पूछताछ करने पर उसके सभी दस्तावेज और दावे पूरी तरह से जाली पाए गए।

ड्राइवरलेस टेस्ला और लग्जरी गाड़ियों का काफिला

पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से दो लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं, जिनमें टेस्ला मॉडल वाई (Tesla Model Y) और एक टाटा सफारी शामिल है। दोनों ही निजी गाड़ियों पर अवैध रूप से ‘IAS’ और ‘Government of India’ के बोर्ड लगे हुए थे। पुलिस के मुताबिक, भारत में गिने-चुने लोगों के पास ही यह ऑटोपायलट/ड्राइवरलेस कार है, जिसके लिए विशेष सरकारी अनुमति की आवश्यकता होती है। पुलिस अब इन गाड़ियों के मालिकाना हक और कागजात खंगाल रही है। घर के बाहर लगे थे 100 सीसीटीवी कैमरेजांच में सामने आया है कि मनीष गुप्ता ने शादी नहीं की थी और वह जमालपुर स्थित अपने आलीशान मकान में अकेले रहता था। बाहर की हर गतिविधि पर नजर रखने और कानून की नजरों से बचने के लिए उसने घर के चारों तरफ 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे। वह दिन में बेहद कम घर से बाहर निकलता था और दिल्ली-पटना के रसूखदारों से अपने संबंध होने का दावा करता था।

छापेमारी में बरामद सामानों की सूची

अनुमानित संपत्ति: ₹100 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति (बिहार, अन्य राज्यों और विदेशों में होने की आशंका)।
वाहन: भारत सरकार के बोर्ड लगी 1 टेस्ला कार और 1 टाटा सफारी।
शराब: 29 अलग-अलग ब्रांडों की लगभग 31 लीटर महंगी विदेशी शराब (एक बोतल की कीमत 1 लाख से अधिक)।
प्रतिबंधित सामग्री: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दंडनीय हिरण और बारहसिंगा के सींग।
गैजेट्स व कार्ड: 5 एप्पल iPhone, 20 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड और 4 चेकबुक।

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) करेगी जांच

गोगरी थाना के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, सरकारी पद का दुरुपयोग और मद्यनिषेध कानून के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। फर्जी IAS द्वारा जुटाई गई अकूत संपत्ति के वित्तीय ट्रेल और मनी लॉन्ड्रिंग के कोण की जांच के लिए पटना से आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का सहयोग लिया जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि इस बड़े रैकेट के तार दिल्ली से लेकर पटना के कई बड़े अधिकारियों और सफेदपोशों से जुड़े हो सकते हैं।

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