लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की लगातार घटनाओं के बाद NHAI ने बड़ा फैसला लिया है। मरम्मत पूरी होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली रोक दी गई है। परियोजना निदेशक को हटाया गया, पूर्व निदेशक को चार्जशीट मिली और निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक पर भी सख्त कार्रवाई की गई है। विशेषज्ञों की टीम पूरे मामले की तकनीकी जांच करेगी। करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के महज 22 दिन बाद ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को बड़ा फैसला लेना पड़ा है। एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की लगातार घटनाओं के बाद फिलहाल टोल वसूली पूरी तरह बंद कर दी गई है। मरम्मत पूरी होने तक वाहन चालक बिना टोल दिए इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकेंगे।
सड़क धंसने पर NHAI का बड़ा एक्शन
NHAI ने लापरवाही के मामले में कई अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई की है। लखनऊ यूनिट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को हटाकर मुख्यालय भेज दिया गया है। उनकी जगह बरेली के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नवरतन को नई जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को चार्जशीट जारी की गई है, क्योंकि उनके कार्यकाल में एक्सप्रेसवे का अधिकांश निर्माण हुआ था।
निर्माण एजेंसी पर भी गिरी गाज
सड़क धंसने के मामले में निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। अब कंपनी भविष्य में NHAI के टेंडरों में हिस्सा नहीं ले सकेगी। एजेंसी को अपने खर्च पर करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उसकी रेटिंग डाउनग्रेड करने सहित अन्य कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
इंजीनियरों पर भी कार्रवाई
इस मामले में निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर और रेजिडेंट इंजीनियर को भी परियोजना से हटा दिया गया है। इन्हें अगले दो वर्षों तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, NHAI और NHIDCL की किसी भी परियोजना में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं, थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी भविष्य की NHAI परियोजनाओं से प्रतिबंधित करने के लिए डिबारमेंट नोटिस जारी किया गया है।
IIT खड़गपुर की टीम करेगी जांच
NHAI ने बताया कि एक्सप्रेसवे की तकनीकी जांच लेजर प्रोफिलोमीटर मशीन से कराई जा रही है। साथ ही IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी। टीम सड़क धंसने के कारणों का पता लगाकर सुधार के सुझाव देगी और एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
मरम्मत तक नहीं लगेगा टोल
NHAI के अनुसार एक्सप्रेसवे पर मरम्मत का काम जारी है। जब तक सभी खामियां दूर नहीं हो जातीं, तब तक किसी भी वाहन से टोल नहीं लिया जाएगा। टोल बंद रहने से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक से की जाएगी।
NHAI का अगला कदम
देश के सबसे महंगे टोल वाले एक्सप्रेसवे में शामिल लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ ही दिनों में सड़क धंसने की घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट और मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही यह तय होगा कि एक्सप्रेसवे दोबारा पूरी तरह सुरक्षित तरीके से संचालित हो सकेगा।

