भारत में कितना बड़ा है नकली पनीर का कारोबार?

The CSR Journal Magazine
भारत में पनीर की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। फिर भी, नकली और एनालॉग पनीर का कारोबार तेजी से पनप रहा है। हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने एनालॉग पनीर की बिक्री और उत्पादन पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया है। इसका मुख्य कारण यह है कि कई जगहों पर की गई जांच में एनालॉग पनीर की गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिलना मुश्किल हो गया है।

फोड हुए होटल और रेस्तरां में मिलावट का असर

कम कीमत की वजह से होटल और रेस्तरां में नकली पनीर का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। ग्राहक अक्सर घटिया गुणवत्ता वाले एनालॉग पनीर को असली पनीर समझकर खरीदते हैं, जिससे उनकी सेहत पर खतरा मंडरा रहा है। इस स्थिति में खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। महाराष्ट्र सरकार का यह कदम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए जरूरी माना जा रहा है।

नकली पनीर की पहचान कैसे करें?

असली पनीर की पहचान करना भी अब एक चुनौती बन गया है। असली पनीर हल्का दानेदार और मुलायम होता है, जबकि नकली पनीर रबर जैसा खिंचता है और कई बार तेल छोड़ता है। यदि पनीर में अत्यधिक चिकनाई या कृत्रिम स्वाद हो, तो उसे तुरंत पहचानने की आवश्यकता है।

क्या है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर असली दूध से नहीं बनता। इसे वनस्पति तेल, स्टार्च, इमल्सीफायर और सिंथेटिक सामग्री के जरिए तैयार किया जाता है। इस पनीर का पोषण मूल्य असली पनीर के मुकाबले बहुत अलग होता है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत में पर्यवेक्षित क्षेत्र में पनीर का बाजार 640 अरब रुपये तक पहुंच चुका है। इसके बढ़ने की गति के चलते 2030 तक यह बाजार 1,848 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।

जांच में क्या सामने आया?

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा की गई जांच में पाया गया कि लगभग 83% पनीर के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें से अधिकांश में लेबलिंग नियमों का उल्लंघन पाया गया और कई तरह की मिलावट भी सामने आई। यह स्थिति उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

राजस्थान में भी सक्रियता

राजस्थान में भी मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस ने हालही में कई जिलों में छापेमारी कर सैकड़ों किलो मिलावटी पनीर जब्त किया है। अन्य राज्यों जैसे गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में भी नकली पनीर के खिलाफ कार्रवाई तेज की जा रही है।

सरकार की पहल: क्या हर नॉन-डेयरी पनीर नकली है?

यह समझना जरूरी है कि हर नॉन-डेयरी पनीर खराब गुणवत्ता का नहीं होता। अगर इसे नियमानुसार बनाया गया हो और सही लेबल के साथ बेचा जाए, तो वह एक अच्छी गुणवत्ता का उत्पाद हो सकता है। हालाँकि, गुणवत्ता मानकों से भटके उत्पाद उपभोक्ताओं को धोखा देने का काम कर रहे हैं।

पनीर की खपत से जुड़े स्वास्थ्य खतरे

अगर पनीर गुणवत्ता में कमजोर है या उसमें मिलावट है, तो यह पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे उत्पादों का सेवन करने से विशेष ध्यान रखना चाहिए।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos