हिमालया केयर की CSR पहल के तहत बनी यह आधुनिक सुविधा
रेलवे यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में प्रयागराज मंडल (Prayagraj Division) ने एक सराहनीय कदम उठाया है। DRM रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बेबी फीडिंग पॉड (Baby Feeding Pod) की स्थापना की गई है। यह सुविधा हिमालया केयर (Himalaya Care) द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR – Corporate Social Responsibility) के अंतर्गत प्रदान की गई है।
CSR के तहत मातृत्व सम्मान की पहल
यह पहल न केवल रेलवे की यात्री-हितैषी सोच को दर्शाती है, बल्कि कॉर्पोरेट क्षेत्र की सामाजिक जिम्मेदारी (Corporate Social Responsibility in India) का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। हिमालया केयर ने अपने CSR फंड से इस आधुनिक सुविधा का निर्माण कराया है ताकि शिशुओं के साथ यात्रा करने वाली माताओं को एक स्वच्छ, सुरक्षित और निजी स्थान मिल सके।
बेबी फीडिंग पॉड की आधुनिक विशेषताएं
फतेहपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 01 पर स्थापित इस पॉड में दो सोफा-बेड, पंखा, एग्जॉस्ट फैन, बेबी लेटिंग एरिया और चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई है। इसमें प्राइवेसी डोर लॉक सिस्टम (Privacy Door Lock System) दिया गया है ताकि माताओं को स्तनपान के दौरान पूरी निजता मिल सके। पॉड का निर्माण हाइजीनिक स्टैंडर्ड्स (Hygiene Standards) के अनुसार किया गया है और इसे नियमित रूप से साफ-सुथरा रखने की व्यवस्था भी की गई है।
प्रयागराज मंडल की संवेदनशील पहल
फतेहपुर के अलावा प्रयागराज मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों प्रयागराज जंक्शन, छिवकी, मिर्जापुर और पनकी धाम पर भी ऐसी सुविधाएं पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं। यह दिखाता है कि भारतीय रेलवे अब महिला यात्रियों की जरूरतों (Women Passenger Facilities) को लेकर गंभीर और संवेदनशील दृष्टिकोण अपना रहा है।
समाज और रेलवे के बीच CSR का मजबूत पुल
यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जब कॉर्पोरेट सेक्टर और सरकारी संस्थान (Corporate–Government Collaboration) मिलकर समाज के संवेदनशील वर्गों के लिए काम करते हैं, तो नतीजे अत्यंत सकारात्मक होते हैं। हिमालया केयर की CSR पहल से प्रेरित यह मॉडल अन्य स्टेशनों के लिए भी एक रोल मॉडल (Model CSR Initiative) बन सकता है। फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर स्थापित यह बेबी फीडिंग पॉड, महिलाओं और नवजातों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। यह न केवल यात्रियों की सुविधा का प्रतीक है, बल्कि CSR के माध्यम से सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का बेहतरीन उदाहरण भी है। रेलवे और हिमालया केयर की यह साझेदारी साबित करती है कि जब जिम्मेदारी और संवेदना मिलती है, तो विकास का रास्ता और भी मानवीय बन जाता है।
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