मृणालताई गोरे फ्लाईओवर एक्सटेंशन 6 जून से होगा शुरू, गोरेगांव के लाखों यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में रहने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे इंतजार के बाद गोरेगांव स्थित मृणालताई गोरे फ्लाईओवर (Mrinal Tai Gore Flyover) का बहुप्रतीक्षित विस्तार (एक्सटेंशन) 6 जून 2026 को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। यह नया 750 मीटर लंबा और चार लेन वाला फ्लाईओवर राम मंदिर और गोरेगांव को सीधे जोड़ते हुए क्षेत्र की वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या को काफी हद तक कम करेगा।
क्या है इस परियोजना की खासियत?
नया फ्लाईओवर एक्सटेंशन पश्चिमी उपनगरों में यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके शुरू होने के बाद वाहन चालकों को गोरेगांव और राम मंदिर क्षेत्र के बीच यात्रा करने के लिए कई ट्रैफिक सिग्नलों और भीड़भाड़ वाले मार्गों से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे यात्रा का समय कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी।
2016 में खुला था मुख्य फ्लाईओवर
मृणालताई गोरे रेलवे फ्लाईओवर का मुख्य हिस्सा वर्ष 2016 में चालू कर दिया गया था। हालांकि, इसके दोनों ओर बनने वाले एप्रोच आर्म्स (Approach Arms) का काम अधूरा रह गया था। लगभग 390-390 मीटर लंबे इन एप्रोच मार्गों के पूरा होने के बाद अब पूरी परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।
क्यों हुई इतनी देरी?
इस परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी वर्ष 2018 में मिली थी और मार्च 2019 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था। मूल रूप से इसे कुछ वर्षों में पूरा होना था, लेकिन कोविड-19 महामारी, तकनीकी चुनौतियों और निर्माण संबंधी बाधाओं के कारण परियोजना लगातार विलंबित होती गई। इसी वजह से इसकी लागत भी बढ़ गई।
लागत में भी हुआ इजाफा
शुरुआत में इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 209 करोड़ रुपये रखी गई थी, लेकिन निर्माण में आई विभिन्न चुनौतियों और देरी के कारण कुल लागत बढ़कर करीब 248 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
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गोरेगांव और राम मंदिर के बीच यातायात अधिक तेज और सुगम होगा।
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पश्चिमी उपनगरों में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।
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कई व्यस्त ट्रैफिक सिग्नलों को बायपास किया जा सकेगा।
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रोजाना सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों का समय बचेगा।
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ईंधन की खपत और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।

