Delhi Fire: जले शवों की पहचान करना मुश्किल, परिजन अस्पतालों में कर रहे हैं चक्कर

The CSR Journal Magazine
दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में लगी भीषण आग ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया है। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई और अब उनके परिजन अपनों की तलाश में अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। एक युवक विवेक अपनी 25 साल की दोस्त सुजिता की तलाश में कई अस्पतालों का दौरा कर रहा है। पुलिस ने पहचान के लिए कई तस्वीरें दिखाई, लेकिन विवेक अपनी दोस्त को पहचानने में असफल रहा।

परिजनों की बेबसी और उम्मीद

गुरुग्राम के रहने वाले नमित गोयल ने बताया कि उनके परिवार के छह सदस्य इस हादसे में फंसे हुए हैं। वे सभी वहां एक समारोह में शामिल होने गए थे। अब नमित की आंखों में बस एक ही दरख्वास्त है कि उनके परिवार के सदस्य सुरक्षित लौटें। अस्पतालों में भीड़ भाड़ है और हर किसी की आंखों में अपने प्रेमियों का न देखने का डर है।

पुलिस और अस्पतालों की कोशिशें

पुलिस और अस्पताल दोनों ही इस मामले में तेजी से काम कर रहे हैं। जले शवों की पहचान करना बेहद कठिन हो गया है। विशेषज्ञों की टीम शवों की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट और डेंटल रिकॉर्ड्स का इस्तेमाल कर रही है। इस दौरान परिजनों को भी सहयोग करने के लिए कहा गया है। पहचान की प्रक्रिया में देरी से लोगों में विचारधारा और चिंता बढ़ती जा रही है।

लोगों का इकट्ठा होना और अनजान लोगों का समर्थन

अस्पतालों के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए हैं, जो अपने रिश्तेदारों की खोज में हैं। कई लोगों ने अपने दोस्तों और अनजान लोगों से मदद मांगी है। तबीयत में असहायता महसूस कर रहे व्यक्तियों के लिए यह घटना बेहद कठिनाई भरी साबित हो रही है। लोग एक-दूसरे के बीच जानकारी साझा कर रहे हैं और जहां अधिकतर लोग अपने परिजनों को खोजने की कोशिश में जुटे हैं, वहीं कुछ लोग सहायता देने के लिए भी सजग हैं।

सुरक्षा मानकों पर सवाल उठना शुरू

इस घटना के बाद सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या होटल में आग बुझाने के उपाय सही थे? क्या फायर अलार्म काम कर रहे थे? ऐसी कई बातें अब चर्चा का विषय बन रही हैं। जानकारी मिल रही है कि होटल में आग लगने के समय सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया था, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।

बचाव कार्य के प्रयास बेहतर करने की जरूरत

अब लोगों में यह चिंता बढ़ रही है कि इस तरह की घटनाओं से कैसे बचा जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा उपायों में सुधार होना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। हर जगह इन परिस्थितियों के प्रति सजग रहना आवश्यक है। अगर सुरक्षा नियमों का सही पालन किया जाता, तो इस तरह की दुखद घटनाएं रोकी जा सकती थीं।

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