मानसून से पहले राजीव नगर और कुर्जी इलाके को जलजमाव व ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने की तैयारी, निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश! 15 करोड़ की अतिरिक्त राशि स्वीकृत हुई।
कुर्जी ड्रेन-कम-रोड परियोजना को मिली ₹15 करोड़ की अतिरिक्त मंजूरी, मानसून से पहले जलजमाव और जाम से मिलेगी राहत
राजधानी पटना के बहुचर्चित और लंबे समय से लंबित कुर्जी ड्रेन-कम-रोड परियोजना को गति देने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शहरी विकास एवं आवास विभाग ने इस परियोजना के लिए ₹15 करोड़ की अतिरिक्त राशि को स्वीकृति दे दी है। यह मंजूरी 30 जनवरी 2026 को दी गई, जिससे परियोजना से जुड़े कार्यों को बिना किसी रुकावट के तेज़ी से पूरा किया जा सके। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आगामी मानसून से पहले राजीव नगर, कुर्जी और आसपास के इलाकों में वर्षों से चली आ रही जलजमाव और यातायात अव्यवस्था की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। इस अतिरिक्त बजट से न सिर्फ निर्माण कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि गुणवत्ता और मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।
हर साल की परेशानी से मिलेगा छुटकारा
राजीव नगर और कुर्जी क्षेत्र पटना के उन इलाकों में शामिल हैं, जहां बरसात के दौरान स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। हल्की बारिश में ही सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं, नालों का पानी सड़कों पर बहने लगता है और घंटों तक यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों को स्कूल, अस्पताल, कार्यालय और बाजार तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ड्रेन-कम-रोड मॉडल पर आधारित इस परियोजना की परिकल्पना की गई थी, जिसमें नाले के ऊपर मजबूत स्लैब डालकर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
क्यों जरूरी पड़ी अतिरिक्त राशि ?
विभागीय सूत्रों के अनुसार, निर्माण के दौरान-
• नाले की चौड़ाई और गहराई बढ़ाने,
• जलनिकासी क्षमता में सुधार,
• सड़क की मजबूती के लिए अतिरिक्त स्लैबिंग,
• अतिक्रमण हटाने और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसे कार्यों में लागत बढ़ गई थी। इन्हीं कारणों से परियोजना के लिए अतिरिक्त ₹15 करोड़ की आवश्यकता पड़ी, जिसे सरकार ने समय रहते मंजूरी दे दी।
मानसून से पहले काम पूरा करने का दबाव
शहरी विकास एवं आवास विभाग ने निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि तय समय सीमा के भीतर अधिकतम कार्य पूरा किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यदि कार्य योजना के अनुसार चलता रहा तो मानसून से पहले जलजमाव की सबसे बड़ी समस्या पर काबू पा लिया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
• कुर्जी, राजीव नगर और अटल पथ के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी,
• वैकल्पिक मार्ग मिलने से मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा,
• आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही सुगम होगी। इसके साथ ही क्षेत्र के शहरी स्वरूप में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
सरकार की शहरी विकास नीति का हिस्सा
राज्य सरकार का कहना है कि पटना सहित पूरे बिहार में ड्रेनेज सुधार, सड़क चौड़ीकरण और स्मार्ट शहरी बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुर्जी ड्रेन-कम-रोड परियोजना इसी नीति का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधा उपलब्ध कराना है। कुल मिलाकर, ₹15 करोड़ की अतिरिक्त मंजूरी से इस महत्वपूर्ण परियोजना को नई ऊर्जा मिली है। यदि तय समय पर काम पूरा होता है, तो आने वाले मानसून में पटना के इस हिस्से के लोगों को वर्षों पुरानी परेशानी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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