नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बवाल: दिल्ली में 10 हजार महिलाओं ने राहुल गांधी के घर किया मार्च

The CSR Journal Magazine
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि संसद में विपक्षी पार्टियों ने एक सुर में कहा है कि महिलाओं को आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। पिछले 30 वर्षों से देश की आधी आबादी अपमान सह रही है, जबकि यह बिल बार-बार सदन में आता है। विपक्ष के नेताओं को डर है कि साधारण परिवारों की महिलाएं सांसद और विधायक ना बन जाएं। इस विरोध को देखते हुए बीजेपी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के गिरने के बाद विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। शनिवार दोपहर, 10 हजार से अधिक महिलाएं मोती लाल नेहरू मार्ग पर इकट्ठा हुईं।

महिलाओं का विरोध: राहुल गांधी की ओर बढ़ती हुई भीड़

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि संसद में एक ऐतिहासिक निर्णय होने वाला था जिसमें साधारण परिवार से आने वाली माताओं और बहनों को अपना हक मिलने वाला था। महिलाओं ने राहुल गांधी के सुनहरी बाग स्थित घर की ओर मार्च करते हुए प्रदर्शन किया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने भारी बल प्रयोग कर महिलाओं को रोका और कई प्रमुख महिला नेताओं को गिरफ्तार किया। यह स्थिति तब बनी जब महिलाओं ने राहुल गांधी का पुतला फूंकने का प्रयास किया। इस दौरान, सचदेवा ने यह भी कहा कि विपक्ष सिर्फ राजनीति कर रहा है और महिलाओं के हक को खत्म करने का काम कर रहा है।

महिलाओं की ताकत का एहसास

वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि आज देश के विभिन्न हिस्सों से माताएं-बहनें अपने हक के लिए सड़कों पर उतरी हैं। विपक्ष को इस आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। राहुल गांधी को महिलाओं से जवाब देना होगा कि क्या उन्हें 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने संसद में यह सुनिश्चित किया कि प्रस्तावित संशोधनों को शामिल करने के लिए सरकार तैयार है, लेकिन कांग्रेस इसके खिलाफ है।

कांग्रेस पर लग रहे गंभीर आरोप

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं के आरक्षण बिल के खिलाफ कई साजिशें की हैं। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता महिलाओं की हार पर क्यों जश्न मना रहे हैं। क्या उन्हें इस बात का डर है कि साधारण घर की महिलाएं संसद में पहुँच जाएंगी? यह विपक्ष की नारी विरोधी मानसिकता का एक और उदाहरण है।

महिलाओं को उनके अधिकार मिलेंगे

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि वे बिल न पास होने की स्थिति से स्तब्ध हैं और उनका उद्देश्य महिलाओं के हक के लिए समर्थन देना है। तिवारी ने यह भरोसा दिलाया कि महिलाओं को उनका हक मिलेगा। भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार प्रयास कर रहे हैं कि देश की महिलाएं अपने अधिकार हासिल करें।

महिलाओं के संघर्ष की कहानी

महिलाओं के अधिकारों के लिए सांसद कमलजीत सहरावत ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री ने प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस ने इसे पास नहीं होने दिया। सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि किसी भी प्रकार का बल उनकी लड़ाई को कमजोर नहीं कर सकता। आज महिलाएं सिर्फ वोट देने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि वे नीतिगत निर्णयों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगी।

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