Zero Tolerance Policy के तहत यूपी में अवैध नशीली दवाओं के नेटवर्क पर ताबड़तोड़ छापेमारी, 128 FIR, कई जिलों में बड़ी बरामदगी
उत्तर प्रदेश सरकार ने कोडीन मिश्रित Cough Syrup पर अपनी Zero Tolerance Policy के तहत बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर Food Safety and Drug Administration (FSDA) और UP Police राज्यभर में अभियान चला रहे हैं। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि इन दवाओं का इस्तेमाल दवा की जगह Intoxicant यानी नशे के रूप में किया जा रहा था। कोडीन कफ सिरप के मुद्दे पर प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की सचिव डॉ. रोशन जैकब तथा सूचना निदेशक विशाल सिंह (Vishal Singh, IAS) ने प्रेस वार्ता में योगी सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई के विषय में जानकारी दी।
नागरिकों की Health and Safety को लेकर योगी सरकार बेहद गंभीर है
प्रेस कॉन्फ्रेंस में Principal Secretary Home संजय प्रसाद ने बताया कि सरकार नागरिकों की Health and Safety को लेकर बेहद गंभीर है और किसी भी कीमत पर घटिया, प्रतिबंधित या नशीली दवाओं की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक कोडीन वाली दवा से किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन अवैध बाजार और नशे का नेटवर्क बेहद बड़ा पाया गया है। यही वजह है कि राज्य स्तर पर IG रैंक के अफसर की अगुवाई में विशेष SIT बनाई गई है, जिसमें FSDA अधिकारी भी शामिल हैं। यह SIT पूरे नेटवर्क की जांच, वित्तीय लेनदेन और सप्लाई चेन को खंगालेगी।
बड़ी बरामदगी और धड़ाधड़ FIR – यूपी पुलिस का सख्त एक्शन
DGP राजीव कृष्ण ने बताया कि नशा मुक्त भारत—नशा मुक्त उत्तर प्रदेश अभियान के तहत 28 जिलों में 128 दवा प्रतिष्ठानों पर FIR दर्ज की गई है। बीते दो महीनों में FSDA, जिला पुलिस, UP STF और Anti-Narcotics सेल की संयुक्त कार्रवाई में बहुत बड़ी मात्रा में अवैध कोडीन कफ सिरप बरामद किया गया। सोशल मीडिया पर भ्रामक अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई हुई है। वाराणसी में इस सिलसिले में एक FIR भी दर्ज की गई है।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क, हजारों बोतलों की तस्करी
FSDA अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान कई राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और झारखंड में फैले निर्माण यूनिट और स्टॉकिस्ट की जांच की गई। इनके दस्तावेजों से पता चला कि बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप बिना लाइसेंस और बिना डॉक्टर की पर्ची के यूपी में सप्लाई हो रहा था। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गाजियाबाद जैसे शहरों में हजारों-लाखों बोतलों का अवैध कारोबार चलता मिला। कई दुकानों ने 1 से 3 लाख तक कफ सिरप की बोतलें गैरकानूनी तरीके से बेच डाली थीं। जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क की कड़ियां नेपाल और बांग्लादेश तक जुड़ी हुई हैं।
FSDA की टीमों ने 279 जगह छापेमारी, गिरफ्तारियां और बड़ी रिकवरी
FSDA सचिव रोशन जैकब ने बताया कि अभियान में 279 प्रतिष्ठानों की जांच की गई और कई जगह यह साबित हुआ कि दवा को Medicine नहीं बल्कि Drug/ Intoxicant के रूप में बेचा जा रहा था। ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। राज्यभर में पुलिस और STF ने अब तक कई जिलों में 128 से अधिक केस दर्ज कर 20 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोनभद्र में दो ट्रकों से 1,19,675 बोतलें मिलीं, रांची में 13,400 बोतलें बरामद, सोनभद्र और गाजियाबाद की संयुक्त कार्रवाई में 1,57,350 बोतलें जब्त, कई और आरोपियों के नाम सामने आ चुके हैं और SIT इन सभी की गहराई से जांच करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की Zero Tolerance Policy ने यूपी में अवैध नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क को सामने ला दिया है। SIT के गठन के बाद अब पूरे रैकेट की कड़ियों पैसे के लेनदेन से लेकर सप्लाई चेन तक की जांच और तेज होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि यूपी पूरी तरह Drug-Free और Safe for Youth बनाया जा सके।
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