सिर्फ 80 सेकंड में पाकिस्तानी फाइटर ढेर: संग्राम सिंह ने रचा इतिहास, बने एशिया MMA चैंपियन

The CSR Journal Magazine
भारतीय एमएमए फाइटर और पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान संग्राम सिंह ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। मलेशिया में आयोजित स्ट्राइक एशिया एमएमए चैंपियनशिप में उन्होंने पाकिस्तान के मोहम्मद आबिद अली को महज 1 मिनट 20 सेकंड में हराकर एशिया चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ संग्राम सिंह ने न केवल अपना अपराजित रिकॉर्ड कायम रखा, बल्कि स्ट्राइक एशिया एमएमए चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी बन गए।

कुश्ती के दांव ने बदल दिया मुकाबले का रुख

मुकाबले की शुरुआत में मोहम्मद आबिद अली ने अपनी दमदार पंचिंग से दबाव बनाने की कोशिश की। उनकी लंबी कदकाठी और बेहतर रीच के कारण शुरुआती क्षणों में उन्होंने कई आक्रामक हमले किए। मुकाबले के दौरान उनका एक पंच संग्राम सिंह की आंख पर भी लगा। हालांकि, संग्राम ने संयम बनाए रखा और बिना जल्दबाजी किए सही मौके का इंतजार किया।
करीब 30 सेकंड के बाद उन्होंने अपनी कुश्ती की तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया। संग्राम ने तेज़ी से लेग अटैक करते हुए आबिद को संतुलन से बाहर किया और एंकल होल्ड में जकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने प्रतिद्वंद्वी को रिंग के किनारे से नियंत्रित करते हुए अंदर खींचा और चोक तकनीक का इस्तेमाल कर मुकाबले पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया। आबिद अली इस पकड़ से बाहर नहीं निकल सके और मुकाबला 80 सेकंड में ही समाप्त हो गया।

एमएमए में लगातार चौथी जीत, पाकिस्तान पर दूसरी जीत

यह एमएमए में संग्राम सिंह की लगातार चौथी जीत है। खास बात यह है कि पाकिस्तान के किसी फाइटर के खिलाफ यह उनकी दूसरी जीत रही। इससे पहले वह पाकिस्तान के अली रजा नासिर को भी मात दे चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ट्यूनीशिया के हाकिम तराबेसी और फ्रांस के फ्लोरियन काउडियर को भी हराकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था। लगातार जीत के इस सिलसिले ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय एमएमए सर्किट में मजबूत पहचान दिलाई है।

कोच ने बताई जीत की रणनीति

संग्राम सिंह के कोच भूपेश कुमार ने मुकाबले के बाद बताया कि मोहम्मद आबिद अली की सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज पंचिंग थी। उनकी लंबाई के कारण पंचों की पहुंच भी काफी प्रभावी थी, इसलिए शुरुआती समय में संग्राम ने रक्षात्मक रणनीति अपनाई। सही अवसर मिलते ही उन्होंने अपनी कुश्ती की तकनीक का इस्तेमाल किया, जो मुकाबले का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। कोच के अनुसार, संग्राम ने धैर्य और अनुभव का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।

140 करोड़ भारतीयों को समर्पित की जीत

खिताब जीतने के बाद संग्राम सिंह ने अपनी सफलता देशवासियों को समर्पित की। उन्होंने कहा कि हर मुकाबले में उनका उद्देश्य केवल जीत हासिल करना नहीं, बल्कि भारत का तिरंगा अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऊंचा लहराना होता है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि को वह देश के 140 करोड़ नागरिकों को समर्पित करते हैं।
उनकी जीत के बाद स्टेडियम में मौजूद भारतीय समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई दर्शकों ने भारत माता की जय के नारे लगाए और भारतीय खिलाड़ी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जोरदार स्वागत किया। एशिया चैंपियन बनने के साथ संग्राम सिंह ने यह साबित कर दिया कि भारतीय खिलाड़ी एमएमए जैसे वैश्विक खेल में भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की क्षमता रखते हैं।

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