राममंदिर दान चोरी: आरोपी ने उड़ाए 19 लाख, भाई के नाम खरीदी SUV, दोस्त को दिया iPhone

The CSR Journal Magazine

राम मंदिर दान चोरी केस में बड़ा खुलासा! आरोपी ने रिश्तेदारों पर उड़ाए 19 लाख, खरीदी SUV

अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले में मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि उसने श्रद्धालुओं के चढ़ावे से चोरी किए गए पैसों में से ₹19 लाख अपने रिश्तेदारों और दोस्तों पर खर्च किए और अपने भाई के नाम पर एक Maruti Brezza SUV कार खरीदी। उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी (SIT) और स्थानीय टीम ने 13 घंटे की कस्टडी रिमांड के दौरान जब आरोपी को 45 दिनों के सीसीटीवी फुटेज दिखाए, तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

जांच में सामने आए नए तथ्य

राम मंदिर दान चोरी केस में पुलिस की जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला ने अपने रिश्तेदारों के लिए लगभग 19 लाख रुपये खर्च किए। यह जानकारी जांच के दौरान सामने आई, जिसे पुलिस ने गंभीरता से लिया है। अविनाश के खिलाफ कई आरोप हैं और अब ये बेकार की कमाई के बारे में बातें करने लगे हैं।

19 लाख के खर्च का पूरा विवरण

पूछताछ में सामने आया कि चोरी के पैसों से अविनाश ने ऐशो-आराम की जिंदगी जी और करीबियों पर पैसे लुटाए। एक भाई की शादी के समारोहों में करीब ₹6 लाख खर्च किए। दूसरे भाई को सीधे ₹5 से ₹6 लाख की नकद रकम दी। करीब ₹3.5 लाख में एक सेकंड-हैंड विटारा ब्रेजा (Maruti Brezza) कार खरीदी।

महंगा मोबाइल फोन और ट्रांसफर की गई राशि

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अविनाश ने अपने एक दोस्त के खाते में करीब 2.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा, उसने अपने उस दोस्त को एक महंगा मोबाइल फोन गिफ्ट में भी दिया। यह पता लगने के बाद पुलिस ने उस दोस्त से भी पूछताछ शुरू कर दी है। अविनाश पर शक है कि उसने छोटी-छोटी रकम अन्य लोगों में भी बांटी।

भाई के नाम पर क्यों खरीदी कार?

जांचकर्ताओं के मुताबिक, अविनाश शुक्ला ने इस कार (रजिस्ट्रेशन नंबर UP42AP6054) को अपने बड़े भाई अभिषेक शुक्ला के नाम पर रजिस्टर कराया था। अभिषेक एक सरकारी शिक्षक है, जिससे आरोपी को लगता था कि किसी को इतनी महंगी गाड़ी अचानक खरीदने पर शक नहीं होगा। मामला सामने आते ही इस कार को छिपाने के लिए प्रतापगढ़ स्थित पैतृक घर भेज दिया गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर जब्त कर लिया है।

पीड़ितों और जांच में तेजी

इस मामले में जांच तेज हो गई है। पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद से पुलिस सक्रियता से काम कर रही है। यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि एक बड़े वित्तीय घोटाले का प्रतीक है। पुलिस ने जांचकर्ताओं की एक टीम बनाई है, जो इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है।

अब तक की पुलिसिया कार्रवाई और बरामदगी

इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कई बड़े खुलासे और बरामदगी हो चुकी हैं। इस दान चोरी सिंडिकेट में शामिल अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अविनाश के पास से ₹20.39 लाख कैश, 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के आभूषण और विलासिता का सामान बरामद हुआ है। आरोपी सीसीटीवी कैमरों के सामने जानबूझकर खड़े होकर स्क्रीन ‘ब्लैक’ या ब्लॉक कर देते थे। चोरी के बाद सभी आरोपी 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर लखनऊ हाईवे के किनारे एक सुनसान बाग में नियमित बैठक कर रकम का बंदरबांट करते थे।

शहर में बढ़ी चर्चा

राम मंदिर दान चोरी केस की चर्चा पूरे शहर में हो रही है। अनेक लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या ऐसे मामले आम नागरिकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस पूरे मामले ने समाज में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या इस तरह के घोटाले भविष्य में फिर से हो सकते हैं।

पुलिस की कार्रवाई का असर

पुलिस हैरान करने वाले तथ्यों को समझने में जुटी है। कई लोग अविनाश को लेकर अलग-अलग बातें कर रहे हैं और उसकी वित्तीय स्थिति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि वे अविनाश के सारे लेन-देन की जांच करेंगे और सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करेंगे।

भविष्य के संभावित कदम

इस केस में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे यह देखने वाली बात होगी। पुलिस ने कई संभावित रास्तों पर विचार किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आगे भविष्य में कोई भी ऐसा बड़ा कांड न हो। समाज में विश्वास फिर से स्थापित करना ही सबसे बड़ी चुनौती है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos