रांची में झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्रों ने जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक पर पहुंची। इस दौरान छात्रों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई।
वहीं, कई दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे। उन्हें लेकर रांची सदर अस्पताल परिसर में पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। घटना के बाद छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई।
20 अगस्त को सीएम आवास घेरने का ऐलान
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अब सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। छात्रों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगों में मामले की सीबीआई जांच या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की कमेटी से जांच शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी है।
JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी
इस आंदोलन के बीच JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, खियांग्ते 1988 बैच के झारखंड कैडर के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं और झारखंड के मुख्य सचिव समेत कई अहम पदों पर रह चुके हैं। फरवरी 2025 में उन्हें JPSC अध्यक्ष बनाया गया था।
JPSC प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट के बाद कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद बढ़ा। इसके बाद CID की जांच और छापेमारी के बीच खियांग्ते ने जुलाई में अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। अब परीक्षा अनियमितता मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद छात्रों का आंदोलन और राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है।
पुतला दहन का भी ऐलान
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला जलाने का भी ऐलान किया है। हालांकि, आंदोलन का मुख्य फोकस भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और अभ्यर्थियों के हितों से जुड़ी मांगों पर है।