बारिश से फ्लाइट में देरी होने पर भी यात्रियों के अधिकार सुरक्षित, जानिए क्या कहता है पैसेंजर चार्टर
देश में मानसून के दौरान भारी बारिश, आंधी-तूफान, कम दृश्यता (लो विजिबिलिटी) और खराब मौसम के कारण अक्सर उड़ानों में देरी या रद्द होने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे समय में यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ता है। हालांकि मौसम संबंधी परिस्थितियां एयरलाइंस के नियंत्रण से बाहर होती हैं, फिर भी यात्रियों के अधिकार पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाते। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) के Passenger Charter और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार एयरलाइंस पर यात्रियों की सहायता करने की जिम्मेदारी बनी रहती है।
मौसम खराब होने पर क्यों होती हैं उड़ानों में देरी?
बारिश, तेज हवाएं, बिजली गिरने का खतरा, रनवे पर जलभराव, कम दृश्यता तथा एयर ट्रैफिक की भीड़ जैसी परिस्थितियों में विमानों का सुरक्षित संचालन प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ानों को रोक सकता है या उनका समय बदल सकता है। इसलिए मौसम के कारण हुई देरी को सामान्यतः “Force Majeure” यानी असाधारण परिस्थिति माना जाता है।
क्या बारिश के कारण फ्लाइट लेट होने पर मुआवजा मिलता है?
यदि उड़ान केवल खराब मौसम के कारण विलंबित होती है तो सामान्यतः एयरलाइन पर नकद मुआवजा देने की बाध्यता नहीं होती, क्योंकि यह उसके नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति होती है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं कि एयरलाइन यात्रियों को बिना सहायता के छोड़ सकती है। यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना एयरलाइन की जिम्मेदारी बनी रहती है।
यात्रियों को कौन-कौन सी सहायता मिलनी चाहिए?
यदि उड़ान में लंबी देरी होती है तो एयरलाइन को परिस्थितियों के अनुसार यात्रियों को बेसिक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। जैसे भोजन एवं पेयजल (Meals and Refreshments), उड़ान की स्थिति की नियमित जानकारी, वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था (जहां लागू हो), लंबी अथवा रात्रिकालीन देरी की स्थिति में होटल में ठहरने की सुविधा और होटल तक आने-जाने की व्यवस्था (जहां आवश्यक हो)। ये सुविधाएं मौसम संबंधी देरी के दौरान भी लागू हो सकती हैं, भले ही नकद मुआवजा देय न हो।
यदि फ्लाइट रद्द हो जाए तो क्या करें?
यदि खराब मौसम के कारण उड़ान रद्द हो जाती है तो यात्रियों को एयरलाइन से निम्न विकल्पों की जानकारी लेनी चाहिए—
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उपलब्ध होने पर अगली उड़ान में स्थानांतरण
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लागू नियमों के अनुसार टिकट का रिफंड
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यात्रा पुनर्निर्धारण (Rescheduling)
यात्रियों को एयरलाइन द्वारा भेजे गए SMS, ई-मेल और आधिकारिक सूचना पर ध्यान देना चाहिए।
एयरपोर्ट पहुंचने से पहले क्या करें?
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकालने से पहले एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर उड़ान की स्थिति जांचें, वेब चेक-इन कर लें। यात्री मौसम खराब होने पर अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचें और एयरलाइन के संदेशों और अलर्ट पर नजर रखें। सबसे जरूरी- महत्वपूर्ण यात्रा दस्तावेज अपने पास रखें।
यदि एयरलाइन सहायता न दे तो क्या करें?
यदि यात्री को निर्धारित सहायता नहीं मिलती या शिकायत का समाधान नहीं होता तो वह—
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एयरलाइन के कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज कर सकता है।
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DGCA के दिशा-निर्देशों के अनुसार उपलब्ध शिकायत निवारण माध्यमों का उपयोग कर सकता है।
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आवश्यकता होने पर उपभोक्ता आयोग में भी शिकायत कर सकता है।
सरकार का संदेश
नागरिक उड्डयन मंत्रालय लगातार यात्रियों को जागरूक कर रहा है कि “मौसम के कारण उड़ानों में व्यवधान आ सकता है, लेकिन यात्रियों के अधिकार हमेशा महत्वपूर्ण हैं।” इसलिए प्रत्येक यात्री को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर वह उचित सहायता प्राप्त कर सके।
Know Your Rights
मानसून के दौरान उड़ानों में देरी या रद्द होना असामान्य नहीं है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों को अपने अधिकारों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। खराब मौसम के कारण एयरलाइन नकद मुआवजा देने के लिए बाध्य न हो, फिर भी भोजन, आवश्यक सहायता, सूचना, वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था और कुछ परिस्थितियों में होटल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी है। जागरूक यात्री अपने अधिकारों का सही उपयोग कर यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
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