क्या हर कोई पा सकता है कोरियन ग्लो? जानें एक्सपर्ट की राय
आजकल सोशल मीडिया पर ‘कोरियन ग्लास स्किन’ (शीशे जैसी चमकती त्वचा) का ट्रेंड सिर चढ़कर बोल रहा है। हर कोई बेदाग़, छिद्ररहित और चमकदार त्वचा पाने की होड़ में महंगे कोरियन ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन क्या यह चमक हर किसी के लिए मुमकिन है? सौंदर्य विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ग्लास स्किन’ केवल ब्यूटी प्रोडक्ट्स का खेल नहीं है, बल्कि यह आपकी आनुवंशिकता, स्किन टाइप और सही दिनचर्या पर निर्भर करता है। बिना सोचे-समझे इस ट्रेंड को फॉलो करना आपकी त्वचा के प्राकृतिक सुरक्षा कवच को नुकसान पहुँचा सकता है।
K-ड्रामा की चमक से प्रभावित
आजकल भारतीय युवा और खासकर Gen Z में “कोरियन ग्लास स्किन” का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। K-ड्रामा और कोरियन सिनेमा ने न केवल एंटरटेनमेंट की दुनिया में हलचल मचाई है, बल्कि स्किनकेयर ट्रेंड्स को भी बदल दिया है। इस चमकदार और बेदाग त्वचा की चाहत में लोग महंगे प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स की ओर बढ़ रहे हैं।
सोशल मीडिया का योगदान
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे Instagram और TikTok, ने इस ट्रेंड को और अधिक लोकप्रिय बना दिया है। यहां पर युवा अपनी ब्यूटी रूटीन और प्रोडक्ट्स के बारे में जानकारी साझा कर रहे हैं। यह देखने में आया है कि कई लोग इस ग्लो को पाने के लिए फेमस कोरियन ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कोरियन ग्लास स्किन क्या है?
कोरियन ग्लास स्किन एक ऐसी स्किन का टर्म है जो बेहद नर्म, चमकदार और बेदाग होती है। इसमें त्वचा की नमी और निखार का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस लुक को पाने के लिए सही स्किनकेयर रूटीन का पालन करना होता है, जिसमें क्लिंजिंग, जैल, सीरम्स और मॉइश्चराइज़र शामिल होते हैं।
क्या हर कोई पा सकता है यह ग्लो?
एक्सपर्ट का मानना है कि कोरियन ग्लास स्किन हर किसी के लिए संभव नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति की स्किन टाइप और उसके अनुसार जरूरतें अलग होती हैं। जो लोग सपष्ट और स्वस्थ स्किन पाना चाहते हैं, उन्हें अपने स्किनकेयर रूटीन पर ध्यान देना आवश्यक है।
स्किन टाइप की पहचान
हर स्किन टाइप अलग होती है। ऑयली स्किन वालों के लिए जो प्रोडक्ट चमत्कार कर सकता है, वही ड्राई या सेंसिटिव स्किन पर मुंहासे पैदा कर सकता है। भारतीय त्वचा की बनावट कोरियन त्वचा से भिन्न होती है। यहाँ का वातावरण, प्रदूषण और हमारी त्वचा में मेलेनिन की मात्रा अलग है, इसलिए कोरियन रूटीन को हूबहू अपनाना हमेशा प्रभावी नहीं होता। ग्लास स्किन का मतलब ऑयली होना नहीं, बल्कि हाइड्रेटेड होना है। पानी का भरपूर सेवन और हायलूरोनिक एसिड जैसे हाइड्रेटिंग सीरम का उपयोग त्वचा को अंदर से निखारता है। रात को सोने से पहले मेकअप और प्रदूषण को साफ करने के लिए डबल क्लींजिंग (पहले तेल आधारित, फिर पानी आधारित क्लींजर) जरूरी है।
स्किनकेयर रूटीन का महत्व
एक सही स्किनकेयर रूटीन केवल प्रोडक्ट्स की खपत से नहीं आता, बल्कि यह आपकी दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डेली क्लिनिंग, हाइड्रेशन और प्रोटेक्शन बहुत जरूरी हैं। ड्राई स्किन वालों को अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होती है, जबकि ऑयली स्किन वाले हल्के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ग्लास स्किन के लिए जरूरी सामग्रियां
हाइलूरोनिक एसिड (Hyaluronic Acid): यह त्वचा में नमी को लॉक करता है। यह अपने वजन से 1000 गुना ज्यादा पानी सोख सकता है, जिससे त्वचा ‘प्लंप’ और हाइड्रेटेड दिखती है। नायसिनामाइड (Niacinamide – Vitamin B3): यह बढ़े हुए रोमछिद्रों को कम करने, त्वचा की रंगत को समान करने और स्किन बैरियर को मजबूत बनाने में मदद करता है। ग्लाइकोलिक एसिड (Glycolic Acid – AHA): यह त्वचा की ऊपरी मृत कोशिकाओं (dead skin cells) को धीरे से हटाता है, जिससे नीचे की नई और चमकदार त्वचा बाहर आती है। स्नेल म्यूसिन (Snell Mucin): कोरियन ब्यूटी का सबसे चर्चित घटक। यह डैमेज स्किन को रिपेयर करता है और त्वचा को गहरा हाइड्रेशन देकर उसे कोमल बनाता है। विटामिन-सी (Vitamin C): यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो काले धब्बों को हल्का करता है और त्वचा को प्रदूषण से बचाकर प्राकृतिक चमक देता है। सिरामाइड्स (Ceramides): ये त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखने और बाहरी कीटाणुओं व प्रदूषण से बचाने के लिए ‘ईंट-मसाले’ का काम करते हैं। चावल का पानी (Rice Water): सदियों पुराना एशियाई नुस्खा, जो त्वचा को निखारने और उसे शांत करने के लिए जाना जाता है।
डाइट का योगदान
महंगे प्रोडक्ट्स के अलावा, त्वचा की सेहत में खाना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सेहतमंद खाने से त्वचा को अंदर से पोषण मिलता है। ताजे फल, सब्जियाँ और पर्याप्त पानी पीना जरूरी होता है। एक अच्छी डाइट से त्वचा की चमक को बढ़ाने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में कोरियन ग्लास स्किन को पाने के लिए किसी भी प्रोडक्ट्स का चयन करने से पहले स्किन टाइप की पहचान बहुत जरूरी है। कई बार, एक ही प्रोडक्ट सभी के लिए उपयुक्त नहीं होता। इसलिए, सही प्रोडक्ट्स का चुनाव और एक नियमित स्किनकेयर रूटीन का पालन करें।
न्यू जेनरेशन की पसंद
आजकल की न्यू जेनरेशन ग्लोइंग स्किन के प्रति ज्यादा सजग है। युवा चाहते हैं कि उनकी त्वचा एकदम बेदाग और तरोताजा दिखे। इसके लिए वे विभिन्न प्रकार के ब्यूटी ट्रीटमेंट्स की मदद ले रहे हैं, लेकिन यह जरूरी है कि वे अपने स्किनकेयर रूटीन को नज़रअंदाज़ न करें। ग्लास स्किन का ट्रेंड आकर्षक लग सकता है, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि त्वचा की असली खूबसूरती उसकी सेहत में है, न कि उसकी चमक की तीव्रता में। सोशल मीडिया के फिल्टर वाले लुक के पीछे भागने के बजाय, अपनी त्वचा की जरूरतों को समझें। एक स्वस्थ स्किनकेयर रूटीन, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद ही लंबे समय तक टिकने वाला असली निखार दे सकते हैं। अपनी त्वचा से प्यार करें, चाहे वह ‘ग्लास’ जैसी हो या न हो।
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