भोपाल: स्कूल में बेटियों की खास कैबिनेट, CM Mohan Yadav हुए शामिल

The CSR Journal Magazine
भोपाल में ‘किताब से कल तक’ नामक कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि वे भी सरकारी स्कूल से पढ़े हैं और वर्तमान में छात्राओं को मिले सुविधाओं की तारीफ की। 5 अगस्त को उन्होंने कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय की छात्राओं की विशेष कैबिनेट से मुलाकात की, जिससे वे गदगद हो गए। यह स्कूल अनमोल है, जहां छात्राएं न केवल शिक्षा प्राप्त कर रहीं हैं, बल्कि खुद को सशक्त भी महसूस कर रही हैं।

कैबिनेट का महत्व और इसके कार्य

सीएम के साथ संवाद के दौरान, कैबिनेट के सदस्यों ने अपनी जिम्मेदारियों के बारे में बताया। 12वीं कक्षा की शिवानी, जो स्पोर्ट्स मिनिस्टर हैं, ने सीएम को बताया कि वह खेल पसंद करने वाले बच्चों की बात शिक्षकों तक पहुंचाती हैं। सपना गिरी, जो कल्चरल मिनिस्टर हैं, ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की देखरेख का कार्य बताया। शालिनी, जो डिसिप्लीन मिनिस्टर हैं, ने अनुशासन बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। शालिनी के जवाब पर सीएम मुस्कुराए और कहा कि अनुशासन बनाने वाले से लोग अक्सर नाराज रहते हैं।

सीएम ने बोधक बातें साझा कीं

सीएम यादव ने छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपने दिमाग का इस्तेमाल करें और किसी भी जानकारी के लिए शोध करें। छात्राओं के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि AI का उपयोग करना चाहिए, लेकिन अपनी समझ और विचारों का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को सड़क पर घायल राहगीरों की मदद करने की सीख भी दी। सीएम ने कहा कि भारत की संस्कृति जियो और जीने दो की है, जिसका पालन करना बेहद जरूरी है।

विद्यालय की विशेषताएँ और उपलब्धियाँ

कमला नेहरू कन्या शासकीय विद्यालय की स्थापना 1958 में हुई थी। वर्तमान में यह विद्यालय छात्रों को सर्व सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहा है। यहां स्मार्ट क्लासेस, कंप्यूटर लैब, और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। स्कूल को हरित विद्यालय श्रेणी में मान्यता मिल चुकी है और इसके परिणाम 100 प्रतिशत रहे हैं।

छात्राओं का उत्साह और भविष्य की बातें

सीएम ने छात्राओं से बात करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षा के साथ-साथ खेलों का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने लक्ष्य को निश्चित करें और उसी के अनुसार अध्ययन करें। छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जैसे कि उन्हें कौन-सी अतिरिक्त पुस्तकें पढ़नी चाहिए। इस पर सीएम ने कहा कि पाठ्यक्रम के अलावा जीवन में लक्ष्य तय करना बहुत जरूरी है।

सकारात्मक सोच और तनाव प्रबंधन, शिक्षकों का भी था संवाद

सीएम ने छात्राओं से तनाव को हैंडल करने के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि संगीत सुनना और योग करना मानसिक शांति के लिए जरूरी है। इन गतिविधियों से तनाव को कम किया जा सकता है। सीएम ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से अपने कार्यों का मूल्यांकन करने की भी सलाह दी। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भी बातचीत की और उन्हें प्रेरणा देने को कहा कि वे अपने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए तैयार करना चाहिए।

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