मई से राजस्थान में जनगणना की शुरुआत, क्या बंद होंगी सरकारी सुविधाएं? निदेशक ने किया बड़ा खुलासा

The CSR Journal Magazine
राजस्थान में 1 मई से जनगणना-2027 की प्रक्रिया शुरू हो रही है। निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने साफ किया है कि इससे किसी की सरकारी सुविधाएं बंद नहीं होंगी और व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

1 मई से शुरू होगी जनगणना, दो चरणों में होगा पूरा काम

राजस्थान में जनगणना 2027 की प्रक्रिया 1 मई से शुरू हो रही है। इस बार जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 1 मई से 15 मई तक “स्वगणना” की सुविधा दी गई है, जिसमें लोग खुद ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद सरकारी प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे।
पहले चरण में “मकान सूचीकरण” और “आवासीय सुविधाओं” की गणना की जा रही है। इसमें घर की स्थिति, परिवार का विवरण, पीने के पानी की उपलब्धता, शौचालय, बिजली, खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन, इंटरनेट जैसी सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाएगी।
साथ ही परिवार के पास मौजूद संपत्तियों जैसे रेडियो, टीवी, कंप्यूटर, दोपहिया और चारपहिया वाहनों का भी डेटा एकत्र किया जाएगा।

सरकारी सुविधाएं बंद नहीं होंगी, डेटा रहेगा पूरी तरह सुरक्षित

जनगणना को लेकर लोगों में सबसे बड़ी चिंता यही है कि कहीं गलत जानकारी देने या जानकारी सामने आने से उनकी सरकारी योजनाओं का लाभ बंद न हो जाए। इस पर जनगणना कार्य निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने स्पष्ट किया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जनगणना से जुटाया गया डेटा केवल समग्र रूप में जारी किया जाता है। किसी भी व्यक्ति या परिवार की व्यक्तिगत जानकारी किसी एजेंसी या व्यक्ति के साथ साझा नहीं की जाती।
इस डेटा का उपयोग केवल नीतियां बनाने, संसाधनों के सही वितरण, विकास योजनाओं और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए किया जाता है। इसलिए लोगों को बिना किसी डर के सही जानकारी देनी चाहिए।

गलत जानकारी देने पर हो सकती है कार्रवाई, OTP को लेकर भी सावधानी जरूरी

जनगणना प्रक्रिया में सही जानकारी देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। निदेशक मल्लिक ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है या जानकारी देने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा साइबर अपराध को लेकर भी लोगों में शंका है, खासकर OTP को लेकर। इस पर उन्होंने साफ किया कि स्वगणना के दौरान किसी को भी OTP साझा करने की जरूरत नहीं है। प्रगणक केवल मोबाइल नंबर पूछेगा, OTP नहीं। अगर आपने पहले ही स्वगणना कर ली है, तो प्रगणक केवल आपका “SE ID” लेगा। इसलिए लोगों को किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रगणक की पहचान कैसे करें, फरवरी 2027 में होगा दूसरा चरण

जनगणना के दौरान कई लोगों को यह डर रहता है कि कहीं कोई फर्जी व्यक्ति प्रगणक बनकर घर न आ जाए। इस पर भी प्रशासन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। प्रगणक आमतौर पर स्थानीय स्कूल शिक्षक या सरकारी कर्मचारी होंगे। उनके पास पहचान पत्र होगा, जिसे देखकर उनकी पुष्टि की जा सकती है। इसके अलावा QR कोड स्कैन कर भी उनकी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।
इसमें परिवार के सदस्यों के नाम, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, जाति, धर्म, शिक्षा, भाषा, विकलांगता, प्रवासन और व्यवसाय जैसी जानकारी शामिल होगी। विवाहित महिलाओं से प्रजनन संबंधी विवरण भी लिया जाएगा।

पहले कब हुई थी जनगणना?

भारत में आखिरी बार जनगणना 2011 में हुई थी, जिसमें राजस्थान समेत पूरे देश की जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का विस्तृत डेटा एकत्र किया गया था। इसके बाद 2021 में जनगणना प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया। अब जनगणना-2027 के जरिए लंबे अंतराल के बाद नई जनसंख्या और संसाधनों की स्थिति का अपडेटेड आंकड़ा सामने आएगा, जो आने वाले वर्षों की नीतियों और विकास योजनाओं के लिए बेहद अहम साबित होगा।

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