आजीविका सृजन, पारंपरिक कला के संरक्षण और खुशियां फैलाने के उद्देश्य से स्वदेशी हाट फाउंडेशन एक बार फिर मुंबईवासियों के लिए एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन लेकर आया है। इस बार अंधेरी पश्चिम में आयोजित होने जा रही स्वदेशी हाट हथकरघा एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी न केवल शिल्प प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी, बल्कि देशभर के कारीगरों और बुनकरों के लिए रोज़गार और पहचान का सशक्त माध्यम भी होगी। यह बहुप्रतीक्षित प्रदर्शनी रतन नगर लेन के समीप स्थित जीएसी रिक्रिएशन ग्राउंड, अंधेरी पश्चिम में आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी का शुभारंभ 6 फरवरी से होगा और यह 16 मार्च, 2025 तक चलेगी। आयोजन प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।
देश के कोने-कोने से आएंगे कारीगर
स्वदेशी हाट प्रदर्शनी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां प्रदर्शित सभी उत्पाद सीधे कारीगरों और बुनकरों के घरों से लाए जाते हैं। फाउंडेशन के अनुसार, इस आयोजन में राजस्थान, गुजरात, कश्मीर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत सहित कई राज्यों के कुशल शिल्पकार हिस्सा लेंगे। प्रदर्शनी में हथकरघा साड़ियां, सूती और रेशमी वस्त्र, हैंडलूम ड्रेस मटीरियल, कशीदाकारी परिधान, लकड़ी व धातु की कलाकृतियां, मिट्टी के बर्तन, जूट उत्पाद, आभूषण, पारंपरिक पेंटिंग्स, होम डेकोर आइटम्स और उपहार सामग्री उपलब्ध रहेगी।
परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम
स्वदेशी हाट केवल एक खरीदारी स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और रचनात्मकताका जीवंत मंच है। यहां आने वाले दर्शक न सिर्फ उत्पाद खरीद सकेंगे, बल्कि कारीगरों से सीधे संवाद कर उनकी कला, मेहनत और परंपराओं को भी समझ सकेंगे। फाउंडेशन का कहना है कि यह प्रदर्शनी आधुनिक शहरी जीवन और पारंपरिक ग्रामीण शिल्प के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है, जिससे कारीगरों को उचित मूल्य मिलता है और उपभोक्ताओं को शुद्ध, हस्तनिर्मित उत्पाद।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा बढ़ावा
इस तरह के आयोजनों से न केवल कारीगरों की आमदनी बढ़ती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलता है। मुंबई जैसे महानगर में स्वदेशी हाट का आयोजन पारंपरिक भारतीय उत्पादों के प्रति बढ़ती रुचि को भी दर्शाता है। स्वदेशी हाट प्रदर्शनी को इस तरह सजाया गया है कि यह परिवार, बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सभी के लिए एक सुखद अनुभव बने। रंग-बिरंगे स्टॉल, जीवंत वातावरण और विविध शिल्पकला इसे एक यादगार सांस्कृतिक उत्सव बनाते हैं।
आयोजन की प्रमुख जानकारी एक नज़र में
• आयोजन: स्वदेशी हाट हथकरघा एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी,
• स्थान: जीएसी रिक्रिएशन ग्राउंड, रतन नगर लेन के पास, अंधेरी पश्चिम, मुंबई,
• तारीख: 6 फरवरी से 16 मार्च, 2025,
• समय: सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक,
• प्रवेश: आम जनता के लिए खुला!
स्वदेशी हाट के पिछले आयोजन: कारीगरों और शिल्प परंपरा को मिला सशक्त मंच
स्वदेशी हाट फाउंडेशन बीते कई वर्षों से देशभर में हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निरंतर प्रदर्शनियों का आयोजन करता आ रहा है। इसके पूर्व आयोजित स्वदेशी हाट कार्यक्रमों को देश के विभिन्न महानगरों में व्यापक जनसमर्थन और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुंबई में स्वदेशी हाट के पिछले आयोजन दादर, बोरीवली, ठाणे, घाटकोपर और अंधेरी जैसे प्रमुख इलाकों में आयोजित किए गए थे। इन आयोजनों में प्रतिदिन हजारों दर्शकों ने भाग लिया और कारीगरों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों की सराहना की। विशेष रूप से अंधेरी और दादर में आयोजित प्रदर्शनी को शहरी उपभोक्ताओं और पर्यटकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी।
देश के अन्य शहरों में स्वदेशी हाट
स्वदेशी हाट फाउंडेशन ने दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद, सूरत, इंदौर, भोपाल, नागपुर, पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी सफल प्रदर्शनियाँ आयोजित की हैं। इन आयोजनों में ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से आए कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने का अवसर मिला। पिछले आयोजनों के माध्यम से हजारों कारीगरों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को स्थायी और अस्थायी रोज़गार प्राप्त हुआ। कई कारीगरों के लिए स्वदेशी हाट उनकी वार्षिक आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है। फाउंडेशन का दावा है कि प्रदर्शनी में होने वाली बिक्री का बड़ा हिस्सा सीधे कारीगरों को प्राप्त होता है।
पारंपरिक कला के संरक्षण में भूमिका
पूर्व आयोजनों में बनारसी रेशम, महेश्वरी और चंदेरी हथकरघा, कच्छ की कढ़ाई, कश्मीर की पश्मीना, मधुबनी और वारली पेंटिंग, धातु और लकड़ी की पारंपरिक कलाकृतियां प्रमुख आकर्षण रही हैं। इन आयोजनों ने लुप्तप्राय शिल्प कलाओं को नई पहचान देने में अहम भूमिका निभाई है। पिछले स्वदेशी हाट आयोजनों में आए दर्शकों ने गुणवत्ता, उचित मूल्य और उत्पादों की प्रामाणिकता की सराहना की है। वहीं कारीगरों का कहना है कि शहरी बाजारों में बिना बिचौलियों के सीधी बिक्री से उन्हें आत्मसम्मान और आर्थिक सुरक्षा दोनों मिली है।
स्वदेशी हाट प्रदर्शनी निःसंदेह मुंबई में भारतीय हस्तकला और संस्कृति को करीब से देखने, समझने और अपनाने का एक शानदार अवसर है। यह आयोजन न केवल शॉपिंग का अनुभव देगा, बल्कि देश की समृद्ध विरासत से जुड़ने का भावनात्मक एहसास भी कराएगा।
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