मौलाना मदनी बोले- दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है इस्लाम, भारत का क्या है आंकड़ा?

The CSR Journal Magazine
मौलाना अरशद मदनी का हालिया बयान मुस्लिम आबादी की वृद्धि दर को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है। लखनऊ में हुए ‘हिंदू-मुस्लिम एकता सम्मेलन’ में उन्होंने कहा कि “इस्लाम मोहब्बत का मजहब है” और यह दुनिया में तेजी से फैल रहा है। इस बयान के बाद सवाल उठता है कि भारत में मुस्लिम जनसंख्या किस तेजी से बढ़ रही है और इसके पीछे क्या कारण हैं? जनगणना, NFHS और वैश्विक शोध संस्थानों के आंकड़ों के माध्यम से हम इस विषय की गहराई में जाएंगे।

दुनिया में मुस्लिम आबादी का ग्राफ

प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, इस्लाम वर्तमान में विश्व का सबसे तेजी से बढ़ता धर्म है। 2010 से 2020 तक विश्वभर में मुस्लिम आबादी लगभग 35 करोड़ से बढ़ी, जबकि इसी समय ईसाई आबादी में केवल 12 करोड़ का इजाफा हुआ। 2015 के आंकड़ों के मुताबिक, 2010 से 2050 के बीच, वैश्विक जनसंख्या में 35% की वृद्धि होने की संभावना है, जबकि मुस्लिम जनसंख्या में लगभग 73% वृद्धि का अनुमान है। इस रफ्तार से, 2050 में मुस्लिमों की कुल संख्या 2.8 अरब तक पहुंचने का अनुमान है।

भारत में मुस्लिम जनसंख्या की तस्वीर

भारत में सबसे हालिया जनगणना के आंकड़े 2011 के हैं। तब देश की कुल जनसंख्या लगभग 121 करोड़ थी। अनुसंधान से पता चलता है कि मुस्लिम जनसंख्या का भाग 14.2% है। 1951 में मुस्लिमों का जनसंख्या हिस्सा 9.8% था, जो 2011 तक बढ़कर 14.2% हो गया। 2001 से 2011 के बीच मुस्लिम जनसंख्या में 24.6% की वृद्धि हुई, जबकि हिंदुओं में केवल 16.8% की वृद्धि हुई।

फर्टिलिटी रेट और उसकी भूमिका

जनसंख्या वृद्धि की वजह के लिए टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR) पर ध्यान देना आवश्यक है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, भारत का औसत TFR अब 2.0 पर आ गया है। तीन दशक पहले हिंदुओं का TFR लगभग 3.3 और मुस्लिमों का 4.4 था। वर्तमान में हिंदुओं का TFR घटकर 1.94 और मुस्लिमों का 2.36 रहा है। मुस्लिम समुदाय में यह गिरावट हिंदुओं की तुलना में तेज है।

भविष्य की संभावनाएँ

प्यू रिसर्च सेंटर के अनुमानों के अनुसार, 2020 में भारत में मुस्लिमों की हिस्सेदारी करीब 15% थी, जो 2050 तक बढ़कर 18% होने की संभावना है। इसके साथ ही हिंदुओं की जनसंख्या लगभग 130 करोड़ के आसपास रहने की उम्मीद है। इस स्थिति में, भारत को इंडोनेशिया को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम जनसंख्या वाला देश बना देगा।

सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का संकेत

सच्चर कमेटी की 2006 की रिपोर्ट के अनुसार, मुस्लिम जनसंख्या का हिस्सा लंबे समय में स्थिर रहेगा। 1961 से 2001 के बीच, मुस्लिम जनसंख्या का हिस्सा 10.7% से 13.4% तक पहुंचा। हालांकि, रिपोर्ट यह भी बताती है कि जनसंख्या वृद्धि की दर में गिरावट जारी है। इसका मुख्य कारण शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, और सामाजिक-आर्थिक सुधार हैं।

आंकड़ों का सारांश

भारत में मुस्लिम आबादी की वृद्धि दर अब भी

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos