Bengal में रिकॉर्ड वोटिंग पर CJI खुश, हिंसा न होने पर Supreme Court संतुष्ट

The CSR Journal Magazine
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए रिकॉर्ड वोटिंग की सराहना की। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपिन पंचोली की बेंच ने बंगाल में चुनावी हिंसा न होने पर संतोष व्यक्त किया। CJI ने कहा, “भारत के नागरिक के रूप में, मुझे मतदान प्रतिशत देखकर बहुत खुशी हुई। जब लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है।”

वोटर लिस्ट से बाहर नामों पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, वे लोग समाधान के लिए कोर्ट द्वारा नियुक्त 19 अपीलीय ट्रिब्यूनलों से संपर्क करें। कोर्ट बंगाल में SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर रहा था और चुनाव से पहले इस प्रक्रिया को रोकने से इनकार किया। इसके अलावा, कोर्ट ने अपीलीय ट्रिब्यूनलों से कहा कि वे उन लोगों को पहले सुनवाई का मौका दें, जो वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए अर्जेंट सुनवाई की गुहार लगाते हैं।

चुनाव ड्यूटी अधिकारियों की याचिका पर सुनवाई से मना

सुप्रीम कोर्ट ने 24 अप्रैल को उन विभिन्न लोगों की याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया, जिनके नाम पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान मतदाता सूची से काट दिए गए थे। इनमें लगभग 65 चुनाव ड्यूटी अधिकारी भी शामिल थे। याचिकाकर्ता के वकील एमआर शमशाद ने कहा कि कई अधिकारियों के नाम बिना किसी कारण के मनमाने ढंग से मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। उनका कहना था कि उनके ड्यूटी ऑर्डर में एपिक नंबरों का उल्लेख है, लेकिन अब उन नंबरों को हटा दिया गया है। अब चुनाव कराने वाले लोग वोट नहीं दे सकते।

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण बयान

इस पर जस्टिस बागची ने कहा, “इस चुनाव में शायद वे वोट नहीं दे पाएंगे, लेकिन उनके नाम बनाए रखने का महत्वपूर्ण अधिकार सुरक्षित रखा जाएगा।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल नामों के हटने से वोट डालने का अधिकार नहीं छीन लिया जा सकता। यह मामला समाज में असमानता का भी संकेत देता है, जहां कुछ लोग मतदान के अधिकार से वंचित रह जाते हैं।

बंगाल में महिला वोटर्स की बढ़ती संख्या

बंगाल में लगभग 90 लाख मतदाताओं को हटाने वाली SIR लिस्ट के प्रकाशन के बाद चुनाव हो रहे हैं। गुरुवार को हुए मतदान में महिला वोटर्स की संख्या पुरुषों से ज्यादा रही। महिला वोटर 92.69% रहीं, जबकि पुरुष वोटर 90.92% रहे। थर्ड जेंडर के वोटर का प्रतिशत 56.79% था। यह आंकड़े इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि विभिन्न वर्गों की भागीदारी बढ़ रही है।

मतदाता सहभागिता के कारण

बंगाल में वोट प्रतिशत बढ़ने के कई कारण हैं। चुनावी प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी, जागरूकता अभियानों और सामाजिक समावेशिता जैसे पहलू इस बढ़ती संख्या में योगदान कर रहे हैं। लोग अब पहले से ज्यादा मतदान के लिए प्रेरित महसूस कर रहे हैं और खुद को लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा समझ रहे हैं। ऐसे में इस चुनाव का परिणाम राज्य के राजनीतिक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

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