संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती माघ पूर्णिमा को पूरे श्रद्धा भाव के साथ मनाई जाती है, विशेषकर वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास मंदिर में, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्ति आंदोलन के महान संत रविदास ने समानता, प्रेम और जाति-भेद से मुक्त समाज का संदेश दिया, जिस कारण यह पर्व केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। इस अवसर पर भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए वाराणसी जिला प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम, यातायात डायवर्जन और सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं ताकि आयोजन शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।
संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती के अवसर पर वाराणसी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़े यातायात प्रबंध किए हैं। 30 जनवरी की सुबह से लेकर 1 फरवरी की मध्यरात्रि तक कुल 64 घंटे के लिए शहर में व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। यह व्यवस्था मुख्य रूप से सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास मंदिर की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर प्रभावी होगी।प्रशासन के अनुसार, देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु संत रविदास जयंती के अवसर पर मंदिर पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित किया गया है। सामान्य वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जबकि केवल कार्यक्रम से जुड़े वाहनों, प्रशासनिक गाड़ियों और आपातकालीन सेवाओं को ही अनुमति दी जाएगी।
इन इलाकों में रहेगा विशेष ट्रैफिक डायवर्जन
ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी योजना के अनुसार भगवानपुर, रमना, रविदास गेट, लंका, नरिया, ट्रॉमा सेंटर, BHU और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था बदली जाएगी। इन मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी और कई सड़कों पर वन-वे या वैकल्पिक मार्ग लागू किए जाएंगे।
• लंका–रविदास गेट मार्ग पर सामान्य वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी!
• BHU की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन!
• रामनगर, मंडुवाडीह और शिवपुर की ओर से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा!
• बाहरी जिलों से आने वाली बसों और निजी वाहनों के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
पुलिस प्रशासन ने बताया कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, ट्रैफिक पुलिस, पीएसी और होमगार्ड की तैनाती की गई है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से लगातार निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम और एंबुलेंस भी मौके पर तैनात रहेंगी।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन और वाराणसी पुलिस ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर न जाएं, ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक प्रयोग करने की सलाह दी गई है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संत रविदास जयंती को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
संत रविदास जयंती: सामाजिक समरसता और भक्ति का पर्व
संत रविदास जयंती हर वर्ष माघ मास की पूर्णिमा को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। संत शिरोमणि गुरु रविदास भक्ति आंदोलन के महान संत, समाज सुधारक और मानव समानता के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने अपने उपदेशों और वाणियों के माध्यम से जाति-भेद, ऊंच-नीच और सामाजिक असमानता का विरोध किया तथा प्रेम, करुणा और समता का संदेश दिया। उनकी वाणी आज भी गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित है, जो उनकी आध्यात्मिक महानता का प्रमाण है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सीर गोवर्धनपुर को संत रविदास की जन्मस्थली माना जाता है, जहां हर वर्ष उनकी जयंती पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस अवसर पर भव्य शोभायात्राएं, भजन-कीर्तन, सत्संग और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। संत रविदास जयंती न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और समान अधिकारों की भावना को सशक्त करने का संदेश भी देती है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
A sudden storm, accompanied by heavy rainfall and strong winds, wreaked havoc in Sultanpur district, Uttar Pradesh, on April 30, 2026. The extreme weather...
US President Donald Trump welcomed the Artemis II astronaut crew to the Oval Office, emphasising the significance of this encounter for NASA's forthcoming lunar...