2249 नई एम्बुलेंस, 250+ ALS यूनिट्स और करोड़ों मरीजों को समय पर राहत
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को समय पर और सुलभ बनाने के लिए जिस तेज़ी से काम किया है, वह ‘Time is Life’ की अवधारणा का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। Emergency Health Services को मजबूत करने के लिए GPS Tracking, Communication Devices और रियल-टाइम Monitoring सिस्टम के चलते आज UP की 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाएं Response Time में रिकॉर्ड कमी दर्ज करा चुकी हैं।
Emergency Services में 4 गुना सुधार, GPS आधारित Response System बना गेमचेंजर
जहां वर्ष 2014-15 में 108 एम्बुलेंस का औसत रिस्पांस टाइम 28 मिनट से अधिक था, वहीं आज यह घटकर मात्र 7.25 मिनट रह गया है। इसी तरह 102 मातृ एवं शिशु एम्बुलेंस का समय 19.10 मिनट से घटकर 6.58 मिनट हो चुका है। यह सफलता GPS Tracking, Route Optimization, और Real-Time GIS Mapping तकनीकों के उपयोग का नतीजा है, जो अब UP के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ बन चुकी हैं।
2249 नई एम्बुलेंस, पहुंच अब बुंदेलखंड से पूर्वांचल तक
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2017 में कार्यकाल शुरू होते ही Emergency Services को विस्तार देने का निर्देश दिया था। इसी विजन के तहत अब तक 2249 नई एम्बुलेंसें सड़कों पर उतारी गई हैं। इनका फायदा उन क्षेत्रों तक पहुंचा है जहां स्वास्थ्य सुविधाएं पहले न के बराबर थीं खासतौर पर बुंदेलखंड और पूर्वांचल के दूर दराज ग्रामीण इलाकों तक।
ALS एम्बुलेंस – गंभीर मरीजों के लिए जीवन रक्षक मोबाइल ICU
उत्तर प्रदेश में 250 से अधिक Advanced Life Support (ALS) एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं, जो वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर और अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों से लैस हैं। इन ALS एम्बुलेंसों ने अब तक
7.14 लाख से अधिक गंभीर मरीजों को ऑन-स्पॉट Critical Care उपलब्ध कराई है जहां सेकंड्स की देरी जानलेवा साबित हो सकती थी।
13.26 करोड़ से अधिक लोगों को मिली एम्बुलेंस सेवा
योगी सरकार की एम्बुलेंस सेवा का दायरा कितना व्यापक है, इसे आंकड़ों से समझा जा सकता है कि 108 सेवा से 3.57 करोड़ लोगों को आपात स्थिति में राहत, 102 सेवा से 9.62 करोड़ गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधा और प्रसव सहायता, ALS सेवा से 7.14 लाख Critical Patients को उच्च स्तरीय देखभाल, यही वजह है कि वर्ल्ड बैंक ने भी अपनी रिपोर्ट (2018-19) में UP की एम्बुलेंस सेवाओं की सराहना की थी।
इनोवेशन की नई राह, अब Drone Ambulance और AI Integration की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार अब भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए Drone Ambulance, AI आधारित Monitoring, और Smart Dispatch Systems पर काम कर रही है। ये तकनीकें एम्बुलेंस सेवाओं को और तेज़, सटीक और प्रभावी बनाएंगी। UP में Emergency Health Services का वर्तमान मॉडल देश के लिए एक Best Practice Case Study बन चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार एम्बुलेंस सेवाओं के विस्तार, तकनीकों के बेहतर इस्तेमाल और ALS जैसी सुविधाओं से मृत्यु दर में महत्वपूर्ण कमी आई है और प्रदेश का Health Infrastructure मजबूत हुआ है। योगी सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव साबित हो रहा है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
The tragic incident occurred when an 18-year friendship culminated in the murder of Prakash Chandra Gupta, aged 30, by his close associate, Mohit Dwivedi,...
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath articulated the belief that while non-violence should guide humanity, force might be necessary when confronting individuals who threaten...
Severe storms, relentless rain, and strong winds have affected various regions of Uttar Pradesh, resulting in 16 fatalities over a two-day period. The extreme...