ठाणे: खड़ी कार का एयरबैग अचानक खुलने से 25 वर्षीय यूज्ड कार डीलर की मौत

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मीरा रोड हादसा: 15 साल पुरानी कार का निरीक्षण करते समय अचानक फटा एयरबैग, युवक की दर्दनाक मौत

महाराष्ट्र के ठाणे जिलांतर्गत मीरा रोड (काशिमीरा इलाके) में एक खड़ी कार का एयरबैग अचानक खुलने से 25 वर्षीय यूज्ड कार डीलर मोहित सुरेश सोनी की दर्दनाक मौत हो गई है। यह घटना जून 2026 के अंतिम सप्ताह में घटित हुई। काशिमीरा पुलिस स्टेशन ने इस संबंध में आकस्मिक मृत्यु का मामला (ADR) दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

एक खड़ी कार में हुई दर्दनाक घटना

महाराष्ट्र के ठाणे से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। 25 साल का एक युवक, जो कार डीलर था, एक 15 साल पुरानी कार में बैठा था। अचानक एयरबैग खुलने से उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी जान चली गई। घटना बुधवार को काशिमीरा इलाके में हुई, लेकिन पुलिस ने इसकी जानकारी शनिवार को दी। यह घटना सुखद नहीं है और इसे लेकर कई सवाल पैदा करते हैं।

निरीक्षण के दौरान हादसा

मृतक मोहित सोनी पेशे से एक यूज्ड कार डीलर था और मीरा रोड के टियारा हिल्स के रहने वाला था। वह सड़क किनारे खड़ी एक 15 साल पुरानी कार का अंदर बैठकर निरीक्षण कर रहा था। निरीक्षण के दौरान ही अचानक स्टीयरिंग व्हील में लगा सेफ्टी एयरबैग ट्रिगर हो गया।

एयरबैग का अचानक एक्टिव होना

सूत्रों के अनुसार, मोहित जब गाड़ी के अंदर था, तब कार का सेफ्टी सिस्टम एकदम से एक्टिव हो गया। एयरबैग इतनी तेजी से खुला कि उसके झटके से मोहित को गंभीर चोटें आईं। मेडिकल सहायता मिलने से पहले ही वह ज्यादा खून बहने के कारण दम तोड़ गया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मोहित सोनी को कहां-कहां चोटें आई थीं। एयरबैग खुलने की प्रक्रिया के दौरान मोहित को गंभीर शारीरिक चोटें आईं, जिसके कारण वह कार के भीतर ही अचेत हो गया। एक राहगीर ने मोहित को कार के अंदर अचेत अवस्था में देखा और तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम उन्हें अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ का केस दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच से यह पता चला है कि भले ही कार पुरानी थी, लेकिन उसके पास वैलिड फिटनेस सर्टिफिकेट था। पुलिस ने मामले की जांच के लिए ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स से सलाह भी ली है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। काशिमीरा पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब फोरेंसिक टीम और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यह जांच कर रही है कि खड़ी कार में अचानक सेफ्टी सिस्टम (एयरबैग) कैसे और क्यों एक्टिवेट हो गया। इस मामले ने एक बार फिर कार सेफ्टी के विषय को चर्चा में ला दिया है।

एयरबैग की महत्वपूर्ण भूमिका

एयरबैग एक कार के सेफ्टी टूल की तरह काम करता है। यह गुब्बारे के आकार का एक थैला होता है, जो सिलिकॉन की कोटिंग से लैस होता है। जब कार का टकराव होता है, तो यह तुरंत एक्टिव हो जाता है और कार में बैठे व्यक्ति को स्टीयरिंग व्हील, डैशबोर्ड या दरवाजों से टकराने से बचाता है। इसके खुलने की प्रक्रिया सेंटीसेकंड में होती है, लेकिन कभी-कभी तकनीकी खामियों के कारण ऐसी दुर्घटनाएँ हो सकती हैं।

पुरानी गाड़ियों में एयरबैग सुरक्षा मानक

पुरानी गाड़ियों में एयरबैग सुरक्षा मानकों और उनकी कार्यप्रणाली को लेकर कई महत्वपूर्ण नियम और तकनीकी पहलू हैं। ठाणे (मीरा रोड) में हुई घटना के संदर्भ में, जहाँ 15 साल पुरानी कार का एयरबैग अचानक खुल गया, पुरानी गाड़ियों में लगे सुरक्षा सिस्टम की सघन जांच और रखरखाव बेहद जरूरी हो जाता है। पुरानी गाड़ियों में एयरबैग की सुरक्षा, लाइफस्पैन और नियमों से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं।

भारत में एयरबैग से जुड़े सरकारी नियम (Regulations)

ड्राइवर सीट एयरबैग (2019): भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 1 जुलाई 2019 से सभी कारों (M1 कैटेगरी) के लिए ड्राइवर-साइड एयरबैग अनिवार्य कर दिया था।
ड्यूल फ्रंट एयरबैग (2021): 31 दिसंबर 2021 से सभी मौजूदा और पुराने कार मॉडलों में आगे की दोनों सीटों (ड्राइवर और पैसेंजर) के लिए ड्यूल एयरबैग अनिवार्य कर दिए गए थे।
15 साल पुरानी गाड़ियां: 2010 या उससे पहले बनी कई पुरानी गाड़ियों में केवल टॉप-एंड वेरिएंट में ही एयरबैग आते थे, या फिर वे बिना एयरबैग के ही बेची जाती थीं।

क्या एयरबैग्स की कोई ‘एक्सपायरी डेट’ होती है?

लाइफटाइम पार्ट्स: 1990 के दशक के उत्तरार्ध (Late 1990s) के बाद बनी अधिकांश गाड़ियों में एयरबैग को ‘लाइफटाइम पार्ट’ (वाहन के पूरे जीवनकाल तक चलने वाला) माना जाता है।
10-15 साल की सीमा (पुरानी तकनीक): 1990 या 2000 के दशक की शुरुआत की कुछ गाड़ियों के ओनर मैनुअल (Owner’s Manual) में निर्माताओं ने 10 से 15 साल में एयरबैग के निरीक्षण या रिप्लेसमेंट की सलाह दी थी। ऐसा इसलिए था क्योंकि तब तकनीक नई थी और इसके लंबे समय तक टिकने के पुख्ता प्रमाण नहीं थे।
तकनीकी बदलाव: सोसाइटी ऑफ मोटर मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स के अनुसार, आधुनिक एयरबैग्स के लिए समय-समय पर सर्विसिंग की जरूरत नहीं होती है, जब तक कि वे किसी दुर्घटना में क्षतिग्रस्त न हुए हों।

पुरानी गाड़ियों में खराबी के मुख्य कारण

खड़ी गाड़ी में अचानक एयरबैग खुलने (Inadvertent Deployment) या दुर्घटना के समय न खुलने के पीछे ये मुख्य तकनीकी कारण हो सकते हैं-
सेंसर और वायरिंग की खराबी: एयरबैग सिस्टम क्रैश सेंसर्स और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) पर निर्भर करता है। 15-20 साल पुरानी गाड़ियों में नमी, चूहे द्वारा तार काटने, या शॉर्ट-सर्किट की वजह से सेंसर गलत सिग्नल भेज सकते हैं।
केमिकल और इग्नाइटर में नमी: एयरबैग को पलक झपकते ही (लगभग 10-30 मिलीसेकंड में) फुलाने के लिए सोडियम एजाइड (Sodium Azide) जैसे रसायनों और एक इग्नाइटर (Squib) का उपयोग होता है। सालों तक नमी (Moisture) या अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहने से यह केमिकल अस्थिर हो सकता है, जिससे यह बिना किसी टक्कर के भी ट्रिगर हो सकता है।
तकाता एयरबैग रिकॉल: दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव रिकॉल में से एक ‘तकाता एयरबैग’ विवाद था। इसमें पुरानी गाड़ियों के एयरबैग इन्फ्लेटर अत्यधिक बल के साथ फट जाते थे और धातु के टुकड़े (Shrapnel) केबिन में फेंकते थे, जो जानलेवा साबित हुआ।
गलत आफ्टरमार्केट फिटिंग: कई लोग पुरानी कारों में बाहर से (Retrofitted) एयरबैग लगवाते हैं। बाहरी वेंडर्स द्वारा की गई वायरिंग या खराब गुणवत्ता वाले एयरबैग्स की कोई सुरक्षा गारंटी नहीं होती।

पुरानी गाड़ी खरीदते या जांचते समय सुरक्षा टिप्स

SRS वार्निंग लाइट पर ध्यान दें: कार का इग्निशन ऑन करते ही डैशबोर्ड पर SRS/Airbag की लाइट जलनी चाहिए और इंजन स्टार्ट होने के बाद बंद हो जानी चाहिए। यदि लाइट लगातार जल रही है या बिल्कुल भी नहीं जलती (बल्ब हटा दिए जाने के कारण), तो सिस्टम में गंभीर खराबी है।
VIN नंबर से रिकॉल जांचें: पुरानी यूज्ड कार खरीदने से पहले गाड़ी के व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर (VIN) के जरिए कंपनी की वेबसाइट पर चेक करें कि वह गाड़ी किसी एयरबैग रिकॉल का हिस्सा तो नहीं है।
सेंसर एरिया के साथ छेड़छाड़ न करें: स्टीयरिंग व्हील, डैशबोर्ड या फ्रंट बम्पर (जहाँ सेंसर होते हैं) पर भारी मॉडिफिकेशन, एक्स्ट्रा फिटिंग या जोर से प्रहार करने से बचें।

क्या हैं सुरक्षा उपाय?

इस घटना को देखते हुए ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में एयरबैग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता है। सुरक्षा उपायों को और बेहतर बनाने के लिए सरकार और कार निर्माता कंपनियों को मिलकर काम करना होगा। ऐसी घटनाएँ जो जीवन को खतरे में डाल सकती हैं, उन्हें रोका जाना चाहिए।

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