Sonipat के विजेता दहिया बने Cockroach Janta Party की कोर टीम के अहम सदस्य

The CSR Journal Magazine
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पार्टी की कोर टीम में शामिल सोनीपत के विजेता दहिया की कहानी भी किसी फिल्म की तरह दिलचस्प है। विजेता CJP के तीन प्रवक्ताओं में से एक हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई दिल्ली से इंजीनियरिंग की और विदेश मंत्रालय में नौकरी की। फिर उन्होंने अपनी करियर की दिशा बदलकर हरियाणवी फिल्में, लेखन और कंटेंट क्रिएशन का रास्ता चुना। विजेता ने लगभग पांच साल यूट्यूबर ध्रुव राठी के साथ रिसर्चर और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में काम किया। दैनिक भास्कर से बातचीत में विजेता ने बताया कि उन्होंने अपने करियर, कॉकरोच मूवमेंट से जुड़ने की वजह और आगे की रणनीति पर चर्चा की।

शिक्षा: सोनीपत से दिल्ली तक का सफर

विजेता दहिया का जन्म सोनीपत जिले के एक गांव में हुआ। उनकी शुरुआती पढ़ाई होली चाइल्ड स्कूल, सोनीपत से हुई है। पिता एक शिक्षक हैं और उन्होंने हमेशा मेहनत और शिक्षा को प्राथमिकता दी। कॉलेज में विजेता ने अपने खर्च को पूरा करने के लिए ट्यूशन का सहारा लिया। उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से प्रोडक्शन और इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में B.Tech किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका कैंपस प्लेसमेंट रैनबैक्सी में हुआ, लेकिन उनका झुकाव हमेशा क्रिएटिव क्षेत्र की ओर रहा।

फिल्म इंडस्ट्री में कदम: पहला अनुभव

इंजीनियरिंग के बाद विजेता ने थोड़े समय के लिए मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री में अपने लिए अवसर तलाशने की कोशिश की। लेकिन जल्द ही उन्होंने यह समझा कि फिल्ममेकर बनना आसान नहीं है। इसके बाद उन्होंने संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा उत्तीर्ण की और 2012 में विदेश मंत्रालय में काम करने लगे। वहां उन्होंने करीब तीन साल तक काम किया।

फिल्में और किताबें: कंटेंट क्रिएशन में महारत

विजेता ने बाद में एक मीडिया संगठन से जुड़कर कंटेंट, रिसर्च और लेखन में प्रवेश किया। उन्होंने हरियाणवी फिल्मों, जैसे ‘दरारें’ और ‘ओपरी-पराई’ पर काम किया। ‘ओपरी-पराई’ को फरीदाबाद में आयोजित फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट वेब सीरीज का अवॉर्ड मिला। इसके अलावा, उन्होंने दो किताबें लिखी हैं, जिनमें ‘पावर ऑफ यूनिवर्स’ और ‘टू हेल विद दैट जॉब’ शामिल हैं। उनकी हिंदी पुस्तक ‘भाड़ में जाए नौकरी’ उनके जीवन के अनुभवों पर आधारित है।

कॉकरोच मूवमेंट से जुड़ने की वजह

विजेता ने कॉकरोच मूवमेंट से जुड़ने के बारे में बताया कि उन्होंने किस वजह से इसका हिस्सा बनने का फैसला किया। ध्रुव राठी ने उन्हें बताया कि इस मूवमेंट के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो इसके उदेश्य को सही तरीके से लोगों तक पहुंचा सके। विजेता ने कहा कि उन्होंने इस काम के लिए कोई पैसा नहीं लिया; यह एक सामाजिक अभियान है। उनका मानना है कि यह पहल देश और समाज के लिए फायदेमंद हो सकती है।

लोकतंत्र और लोगों की भागीदारी

कॉकरोच मूवमेंट का मुख्य उद्देश्य लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक सक्रिय होने के लिए प्रेरित करना है। विजेता दहिया का मानना है कि जब लोग अपने सांसदों और विधायकों से सवाल करेंगे, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा

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