मानसून में भारत के इन इलाकों में बढ़ते सांप के काटने के मामले, हर दिन 4000 लोग बनते हैं शिकार

The CSR Journal Magazine
मानसून का समय आते ही भारत में सांप के काटने के मामले तेज़ी से बढ़ जाते हैं। हर दिन हजारों लोग इसके शिकार बनते हैं, जो एक गंभीर पब्लिक हेल्थ समस्या बन चुका है। झारखंड के गुमला जिले से मिले आंकड़े यह दर्शाते हैं कि मात्र 125 दिनों में 83 लोग सांप के काटने का शिकार हुए हैं। इससे यह समझा जा सकता है कि मानसून के दौरान यह खतरा कितना बढ़ जाता है।

किसान और ग्रामीण आबादी ज्यादातर प्रभावित

खेतों में काम करने वाले किसान, जंगलों में रहने वाले लोग, और घरों में सो रहे लोग सबही इस खतरे का सामना कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत उन देशों में शामिल है जहाँ सांप के काटने के मामले सबसे अधिक हैं। इन घटनाओं में हजारों लोगों की जान चली जाती है, जो एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है।

सही समय पर इलाज की जरूरत

सांप के काटने का शिकार होने पर समय पर इलाज न मिलने की वजह से कई मौतें होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संक्रमित व्यक्ति तुरंत अस्पताल पहुंचता है, तो उसकी जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में कई लोग झाड़-फूंक और घरेलू उपचार को प्राथमिकता देते हैं, जिससे वक्त बर्बाद होता है।

बारिश का मौसम लाता है गंभीर खतरा

बारिश के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, जिससे वे सूखी जगहों की तलाश में निकल आते हैं। यही कारण है कि जून से सितंबर के बीच सांप काटने के मामले सबसे ज्यादा देखे जाते हैं। WHO के अनुसार, जागरूकता और समय पर एंटी-वेनम से बड़ी संख्या में मौतों को रोका जा सकता है।

आंकड़ों की नजर में सांप काटने की गंभीरता

दुनिया में हर साल लगभग 54 लाख लोगों को सांप काटते हैं, जिनमें से 18 से 27 लाख मामलों में जहर शरीर में फैलता है। हर साल 81,000 से 1,38,000 लोगों की जान जाती है, जबकि 4 लाख लोग गंभीर विकलांगता का सामना करते हैं। भारत में हर साल अनुमानतः 10 से 15 लाख लोग सांप काटने का शिकार होते हैं।

गुमला जिले में एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता

गुमला जिले में हाल ही में 1,380 एंटी-स्नेक वेनम वायल उपलब्ध होने की सूचना मिली है। सिविल सर्जन ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को मानसून में सर्पदंश के बढ़ते मामलों के आधार पर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से कहा है कि सांप काटने के मामले में झाड़-फूंक करने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचे।

जोखिम में सबसे ज्यादा कौन है?

विशेषकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसान, खेत मजदूर, और बच्चे सांप के काटने के सबसे ज्यादा शिकार बनते हैं। रात के समय करैत जैसे जहरीले सांप घरों में घुस आते हैं, जिससे हादसों की संभावना बढ़ जाती है।

सांप के काटने पर क्या करें?

भारत में लगभग 90% जहरीले सांप काटने के मामले चार प्रमुख प्रजातियों से जुड़े होते हैं। सांप काटने के बाद मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। किसी भी प्रकार की झाड़-फूंक या घरेलू इलाज से बचें, क्योंकि इससे स्थिति और गंभीर हो सकती

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