U.S. State Department ने पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन के दौरान एक महत्वपूर्ण और कड़ा फैसला लेते हुए वीज़ा प्रतिबंध नीति का बड़े स्तर पर विस्तार करने की घोषणा की है। इस नई नीति के तहत अब उन विदेशी नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश से रोका जा सकेगा, जिन पर यह संदेह है कि वे अमेरिका के “विरोधी देशों” (adversarial countries) के हित में काम कर रहे हैं या उनके एजेंट के रूप में सक्रिय हैं।
क्या है नई वीज़ा प्रतिबंध नीति
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह नीति मुख्य रूप से पश्चिमी गोलार्ध (Western Hemisphere) के देशों में लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य उन गतिविधियों पर रोक लगाना है जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक हितों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बन सकती हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब केवल प्रत्यक्ष अपराध ही नहीं, बल्कि “इरादतन विरोधी देशों के लिए काम करने” के संदेह के आधार पर भी वीज़ा रोका जा सकेगा। यह इस नीति का सबसे सख्त और विवादास्पद पहलू माना जा रहा है।
किन लोगों को बनाया जाएगा निशाना
इस विस्तारित नीति के तहत कई श्रेणियों के लोगों को वीज़ा प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है-
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वे व्यक्ति जो विरोधी देशों की ओर से राजनीतिक या आर्थिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करते हैं
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जो रणनीतिक संसाधनों या महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर नियंत्रण दिलाने में मदद करते हैं
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जो डिजिटल या मीडिया माध्यमों से प्रचार (influence operations) चलाते हैं
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जो क्षेत्रीय अस्थिरता, भ्रष्टाचार या अवैध नेटवर्क से जुड़े होते हैं
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वे कारोबारी या अधिकारी जो अमेरिका विरोधी रणनीतियों को समर्थन देते हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह नीति “राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों को पहले ही चरण में रोकने” के उद्देश्य से बनाई गई है।

