विवाद के बीच राम मंदिर के चढ़ावे में भारी बढ़ोतरी, पहले 18 लाख, अब आ रहे 24 लाख रोज

The CSR Journal Magazine

हेराफेरी पर लगाम या बढ़ा भरोसा! राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच दान राशि में औसत छह लाख का इजाफा

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद सामने आने के बाद रोजाना मिलने वाली दान राशि में औसतन 6 लाख रुपये का बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। जहां इस विवाद और जांच की शुरुआत से पहले मंदिर का औसत दैनिक चढ़ावा 16 से 18 लाख रुपये के बीच रहता था, वहीं अब यह अचानक बढ़कर 22 से 24 लाख रुपये प्रतिदिन पहुंच गया है।इस भारी उछाल के बाद अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि क्या मंदिर में लंबे समय से रोजाना लाखों रुपये की हेराफेरी (चोरी) की जा रही थी, जिस पर प्रशासन की सख्ती के बाद लगाम लगी है।

भक्तों की आस्था बरकरार

राम मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी का विवाद जारी है, लेकिन भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। हाल के हफ्तों में मंदिर में दान की राशि में उल्लेखनीय इजाफा देखा गया है। पहले हर दिन चढ़ावे के रूप में 16-18 लाख रुपए जमा होते थे, जबकि अब यह आंकड़ा 22-24 लाख रुपए तक पहुंच गया है। यह एक साफ संकेत है कि भक्तों का विश्वास महत्त्वपूर्ण है, चाहे कितने भी विवाद हों।

दान में स्थायी बढ़ोतरी का राज़

सूत्रों की मानें तो गर्मी की छुट्टियों के चलते मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस दौरान भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या ने चढ़ावे की राशि को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब से विवाद शुरू हुआ है, तब से दान में औसत छह लाख रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह ध्यान देने योग्य है कि वीकेंड पर भीड़ बढ़ने और बैंक बंद रहने की वजह से सोमवार को दान की राशि अधिक होती है।

चोरी के आरोप और भक्तों का भरोसा

धर्मसेना के अध्यक्ष संतोष दुबे ने कहा है कि छोटे चोर पकड़े गए हैं, लेकिन बड़े चोर अब भी सक्रिय हैं। उनका मानना है कि यदि इन्हें रोका जाए तो चढ़ावे में और बढ़ोतरी होगी। चोरी के मुद्दे के बाद भक्तों का विश्वास किसी भी तरह से कम नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, चढ़ावे में बढ़ोतरी यह दर्शाता है कि भक्तों का इरादा मजबूत है।

कैसे खुली हेराफेरी की पोल?

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। नोट गिनने वाली टीम के कुछ सदस्य जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे के सामने आ जाते थे, ताकि उनका दूसरा साथी नोटों की गड्डियां कपड़ों में छिपा सके। चोरी किए गए पैसों को पहले मंदिर के ही बाथरूम में छिपाया जाता था और बाद में उन्हें परिसर से बाहर ले जाकर बांटा जाता था। जांच एजेंसियों को पता चला है कि दान गिनने वाले कुछ मामूली वेतन पाने वाले कर्मचारियों की नेटवर्थ में अचानक अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई और उन्होंने महंगी संपत्तियां व प्लॉट खरीदे।

अब तक की बड़ी गिरफ्तारियां

मामले में मुख्य रूप से कैश काउंटिंग स्टाफ और सुपरवाइजर समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। आरोपियों के पास और उनके ठिकानों से अब तक लगभग 80 लाख रुपये कैश बरामद किया जा चुका है। इस बड़े सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन चूक की जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के कुछ शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे की भी खबरें हैं। SIT की सिफारिशों के बाद अब कैश काउंटिंग रूम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले (Pocketless) यूनिफॉर्म अनिवार्य करने तथा बाहर निकलते वक्त सख्त तलाशी जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

कैसे होता है दान

राम मंदिर में भक्तों के लिए 20 से ज्यादा दान बॉक्स लगाए गए हैं, जहां वे सीधे दान कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन प्लेटफार्म और मंदिर परिसर के अंदर कंप्यूटराइज्ड काउंटरों पर भी दान लिया जाता है। आंकड़ों के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच लगभग 12 करोड़ भक्त राम मंदिर का दर्शन करने आए। एक आम दिन में लगभग 50,000 से 60,000 भक्त मंदिर में आते हैं।

विवाद के बावजूद बढ़ती चढ़ावा राशि

अधिकांश दान नकद के अलावा, भक्त सोना, चांदी, और अन्य कीमती वस्तुएं भी चढ़ाते हैं। हाल के हफ्तों में ताजा आंकड़े बताते हैं कि इस विवाद के बावजूद दान की राशि बढ़ रही है। मंदिर से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भक्तों का उत्साह और विश्वास सर्वाधिक है।

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