नौकरी नहीं, रोजगार सृजन: मान सरकार के बिजनेस क्लास प्रोग्राम से छात्र बने युवा CEO

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पंजाब: शिक्षा क्रांति के साथ बिजनेस में भी नाम, 20,000 से अधिक छात्र कमा रहे करोड़ों रुपये

पंजाब सरकार का कहना है कि राज्य की शिक्षा क्रांति अब हमारे युवाओं को केवल नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार और अवसर सृजित करने के लिए भी तैयार कर रही है। विद्यार्थियों को ई-कॉमर्स, बेकरी, डिजिटल कंटेंट निर्माण, कोडिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, फिटनेस, वेलनेस, रिटेल, ब्यूटी तथा कृषि आधारित उद्यम की शिक्षा दी जा रही है। पंजाब सरकार की इस शिक्षा क्रांति के तहत बिजनेस क्लास प्रोग्राम के सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं। पहले वर्ष में 95,000 विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिनमें से 25,693 ने अपने व्यवसाय शुरू किए।

नौकरी नहीं, रोजगार सृजन का लक्ष्य

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के ‘शिक्षा क्रांति’ अभियान ने राज्य के युवाओं के भविष्य को एक नई दिशा दी है। पारंपरिक डिग्रियों और रटने की शिक्षा प्रणाली से हटकर शुरू किए गए ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम ने अपने पहले ही वर्ष में अभूतपूर्व सफलता की नई इबारत लिखी है। इस योजना के तहत राज्य भर के तकनीकी और उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों ने पढ़ाई के साथ-साथ स्वयं के उद्योग स्थापित किए हैं। महज एक साल के भीतर पंजाब के 20,241 छात्र उद्यमों ने मिलकर लगभग 90 करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व (टर्नओवर) अर्जित किया है। सरकार का मुख्य विजन युवाओं को नौकरी ढूंढने वाले (जॉब सीकर्स) के बजाय नौकरी देने वाले (जॉब क्रिएटर्स) बनाना है।

शिक्षा क्रांति और ‘बिजनेस क्लास’ का अभूतपूर्व मॉडल

पंजाब के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की गई थी। इसके अंतर्गत बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. और बी.वोक. जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए दो-क्रेडिट का अनिवार्य पाठ्यक्रम लागू किया गया। इस अनूठे पाठ्यक्रम को केवल किताबों और थ्योरी तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसमें व्यावहारिक उद्यमिता (प्रैक्टिकल एंटरप्रेन्योरशिप) को मुख्य आधार बनाया गया। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान में 925 उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के करीब 95,000 छात्रों  ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इसमें से 25,693 छात्रों ने अपने स्वयं के व्यावसायिक उपक्रम शुरू किए और 20 हजार से अधिक टीमों ने करोड़ों की कमाई कर देश के सामने मिसाल पेश की है।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का दृष्टिकोण

पंजाब के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस सफलता पर गहरी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम पारंपरिक शिक्षा के पूरे उद्देश्य को ही बदल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा लक्ष्य युवाओं को केवल कागज की डिग्रियां सौंपना नहीं है, बल्कि उनके भीतर छिपे नवाचार (इन्नोवेशन), नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता की भावना को बाहर निकालना है।हरजोत बैंस ने कहा:”पंजाब की शिक्षा क्रांति हमारे युवाओं को केवल कल की नौकरियों की कतार में खड़े होने के लिए तैयार नहीं कर रही, बल्कि उन्हें भविष्य के ऐसे उद्योगपति और मार्गदर्शक के रूप में विकसित कर रही है जो दूसरों को रोजगार के हजारों अवसर प्रदान करेंगे। जब कॉलेज के पहले वर्ष का छात्र एक कंपनी का CEO और फाउंडर बनता है, तो वह पूरे समाज की सोच को बदल देता है।”

विविध क्षेत्रों में छात्रों का दबदबा और सफलता की कहानियां

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि विद्यार्थियों ने लीक से हटकर नए और आधुनिक क्षेत्रों को अपने व्यापार के लिए चुना। छात्रों ने न केवल पारंपरिक कृषि या स्थानीय मांग को पूरा किया, बल्कि डिजिटल युग की आवश्यकताओं को समझते हुए कई प्रकार के टेक स्टार्टअप भी शुरू किए।

प्रमुख सेक्टर्स जहां छात्रों ने दिखाया दम

फूड एंड बेकरी सर्विसेज: स्थानीय स्तर पर हाइजीनिक और इनोवेटिव खाद्य पदार्थ तैयार करना।
कृषि व मशरूम फार्मिंग: पारंपरिक खेती से अलग आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल।
ई-कॉमर्स और डिजिटल कंटेंट: ऑनलाइन स्टोर खोलना और कंटेंट क्रिएशन के जरिए कमाई।
कोडिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और टेक सॉल्यूशंस: सॉफ्टवेयर और आईटी सेवाएं प्रदान करना।
ब्यूटी, पर्सनल केयर व हस्तशिल्प: नेल आर्ट स्टूडियो, घरेलू उत्पाद और हैंडिक्राफ्ट्स।

सफलता के कुछ जीवंत उदाहरण

स्किलएक्सस (Skillexus): महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, बठिंडा के बी.टेक कंप्यूटर साइंस के छात्र शरणवीर सिंह (Living India News) ने ‘स्किलएक्सस’ नाम से एक डिजिटल करियर गाइडेंस प्लेटफॉर्म बनाया। इस प्लेटफॉर्म के आज 2.5 लाख से अधिक यूजर्स (Punjab Newsline) हैं, जो छात्रों को सही करियर चुनने में मदद करता है।
केएमएल मशरूम (KML Mushroom): सरकारी आईटीआई, पटियाला के छात्र कमलजीत सिंह (News18) ने अपनी मशरूम फार्मिंग यूनिट शुरू की और पहले ही साल में लगभग 1.5 लाख रुपये (News18) की शानदार कमाई की।
नेल स्टूडियो बाई गगन: सरकारी आईटीआई (महिला), मोहाली की छात्रा गगनप्रीत कौर रेंगी (News18) ने अपना खुद का नेल आर्ट स्टूडियो खोला, जिससे उन्होंने 55,000 रुपये (News18) का मुनाफा कमाया। गगनप्रीत का कहना है कि इस कोर्स ने उनके सोचने का तरीका बदल दिया और उन्हें नौकरी की निर्भरता से मुक्त कर दिया।

स्कूल स्तर से रखी गई थी ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ की नींव

उच्च शिक्षण संस्थानों में चल रहे इस ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम की सफलता की नींव दरअसल पंजाब सरकार के स्कूल स्तर के ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ (Business Blasters) कार्यक्रम से जुड़ी हुई है। दिल्ली के सफल मॉडल से प्रेरित होकर मान सरकार ने नवंबर 2022 में पंजाब के सरकारी स्कूलों में ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए इसकी पायलट शुरुआत की थी। बाद में इसे राज्य के सभी 1,920 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लागू कर दिया गया।

अनोखे बिसनेस आइडिया को प्रोत्साहन

इस स्कूली योजना के तहत सरकार प्रत्येक छात्र को अपने अनोखे बिजनेस आइडिया को जमीन पर उतारने के लिए 2,000 रुपये की सीड मनी (शुरुआती पूंजी) प्रदान करती है। अब तक लगभग 1.88 लाख से अधिक स्कूली छात्रों ने इसमें भाग लिया है और सरकार करोड़ों रुपये की सीड मनी सीधे छात्रों के खातों में ट्रांसफर कर चुकी है। स्कूलों में मिले इसी व्यावहारिक अनुभव का नतीजा है कि जब ये छात्र कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में पहुंचे, तो उन्होंने ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम के तहत सीधे बड़ी कंपनियों और विनिर्माण इकाइयों की स्थापना कर करोड़ों का टर्नओवर खड़ा कर दिया।

व्यावहारिक कौशल विकास पर मुख्य ध्यान

यह कार्यक्रम केवल वित्तीय सहायता देने तक सीमित नहीं है। इसमें छात्रों को एक सफल उद्योगपति बनाने के लिए कड़ा और व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाता है। पाठ्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं-
अवसरों की पहचान: बाजार की कमियों और स्थानीय समस्याओं को समझकर उनके समाधान के रूप में उत्पाद तैयार करना।
मार्केट वैलिडेशन: अपने आइडिया को बाजार में उतारने से पहले उसका ग्राहकों के बीच परीक्षण करना।
डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग: सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से अपने उत्पाद को बड़े स्तर पर बेचना।
वित्तीय योजना और मूल्य निर्धारण: लागत निकालना, सही कीमत तय करना और लाभ-हानि का प्रबंधन संभालना।
समस्या समाधान क्षमता: व्यापार के दौरान आने वाली व्यावहारिक और कानूनी चुनौतियों से निपटने का कौशल।
इसके अतिरिक्त, छात्रों द्वारा तैयार किए गए सर्वश्रेष्ठ बिजनेस प्रस्तावों को राज्य के स्थापित बड़े उद्योगपतियों और औद्योगिक घरानों के सामने पेश किया जाता है, जिससे उन्हें मेंटरशिप और बड़ा निवेश (इन्वेस्टमेंट) भी प्राप्त होता है।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी स्नातक कोर्सों में विस्तार

पहले वर्ष के इन चमत्कारी और उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए पंजाब के विभिन्न विश्वविद्यालयों के उप-कुलपतियों (वाइस चांसलर्स) ने सर्वसम्मति से एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार अब इस ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम का दायरा और अधिक बढ़ाने जा रही है। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इस कार्यक्रम को पंजाब के सभी स्नातक डिग्री पाठ्यक्रमों में अनिवार्य रूप से लागू करने की सिफारिश की गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब बीए (BA), बीएससी (B.Sc.) और अन्य सामान्य स्नातक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने वाले लाखों छात्र भी अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ उद्यमिता और व्यापार प्रबंधन का अनिवार्य प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इस विस्तार से पंजाब में स्टार्टअप्स का एक ऐसा मजबूत ईकोसिस्टम तैयार होगा जो आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

पंजाब के आर्थिक व सामाजिक परिदृश्य में बदलाव

पंजाब हमेशा से अपनी कृषि और जांबाज संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब ‘शिक्षा क्रांति’ के इस नए दौर ने इसे ‘स्टार्टअप हब’ के रूप में स्थापित करना शुरू कर दिया है। युवाओं का पढ़ाई के दौरान ही करोड़ों रुपये का बिजनेस टर्नओवर खड़ा करना इस बात का पुख्ता सबूत है कि यदि नई पीढ़ी को सही मंच, उचित मार्गदर्शन और थोड़ा सा प्रोत्साहन मिले, तो वे चमत्कारी परिणाम दे सकते हैं।

रोजगार सृजन का महाअभियान

‘नौकरी नहीं, रोजगार सृजन’ का यह महाअभियान न केवल राज्य से बेरोजगारी की समस्या को जड़ से खत्म करेगा, बल्कि युवाओं के विदेशों में होने वाले पलायन (ब्रेन ड्रेन) को रोकने में भी एक मील का पत्थर साबित होगा। कॉलेज के फर्स्ट ईयर से ही फाउंडर और सीईओ बनकर पंजाब के ये युवा आत्मनिर्भर भारत और रंगले पंजाब के सपने को पूरी मजबूती से साकार कर रहे हैं।

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