Layoff 2026- स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में 15 प्रतिशत से ज्यादा नौकरियों पर संकट, रोबोट्स और AI लेंगे जगह

The CSR Journal Magazine

स्टैंडर्ड चार्टर्ड में 15% से अधिक एंप्लॉयीज पर लटकी छंटनी की तलवार

वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ब्रिटिश मल्टीनेशनल दिग्गज स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) ने अपने कार्यबल में एक ऐतिहासिक और बड़े बदलाव की घोषणा की है। बैंक साल 2030 तक अपने कॉरपोरेट और बैक-ऑफिस सपोर्ट विभागों से 15 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों की कटौती करने की योजना बना रहा है। इस फैसले से वैश्विक स्तर पर लगभग 7,000 से 7,800 कर्मचारियों की आजीविका पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह छंटनी किसी वित्तीय घाटे के कारण नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन (स्वचालन) को तेजी से लागू करने के उद्देश्य से की जा रही है। सीईओ बिल विंटर्स के इस बयान ने कॉरपोरेट जगत में हलचल मचा दी है कि बैंक अब कम मूल्य वाले ‘मानव श्रम’ को ‘इन्वेस्टमेंट कैपिटल’ और मशीनों से बदल रहा है।

AI का असर: टेक सेक्टर के बाद फाइनेंशियल सेक्टर में भी जंग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता प्रभाव दुनियाभर के उद्योगों में महसूस किया जा रहा है। टेक सेक्टर में पहले से ही अनेक छंटनियों की खबरें सामने आ चुकी हैं। अब फाइनेंशियल सेक्टर में भी AI के कारण हालात बिगड़ने लगे हैं। स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने विश्वास जताया है कि वह आने वाले समय में अपनी Workforce का एक बड़ा हिस्सा कम करने पर विचार कर रहा है।

15% छंटनी की योजना: कर्मचारियों की चिंता बढ़ी

स्टैंडर्ड चार्टर्ड के प्रबंधन द्वारा तैयार किए गए एक आंतरिक सर्वे में साफ़ तौर पर उल्लेख किया गया है कि वे 15% से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की योजना बना रहे हैं। इस निर्णय का मुख्य कारण AI के तेजी से बढ़ते उपयोग को बताया जा रहा है। इससे फाइनेंशियल सर्विसेज में Automation की प्रक्रिया तेज हो रही है, जिससे कई पारंपरिक भूमिकाओं की आवश्यकता कम हो रही है।

बैंकिंग सेक्टर में परिवर्तन की रफ्तार

AI टेक्नोलॉजी को अपनाने के कारण बैंकिंग सेक्टर में बड़े बदलाव हो रहे हैं। स्टैंडर्ड चार्टर्ड जैसे बैंकों के लिए एंप्लॉयीज के बीच अतिरिक्त स्किल्स विकसित करना जरूरी हो गया है। वे मौजूदा कामकाज के तरीकों को बेहतर और अधिक कुशल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में एंप्लॉयीज की छंटनी एक संकट का रूप ले सकती है।

कर्मचारियों के फीके सपने और अनिश्चितता

जैसे ही इन छंटनियों की खबरें सामने आईं, स्टैंडर्ड चार्टर्ड के कर्मचारियों में चिंता का माहौल बन गया। कई कर्मचारियों ने अपनी चिंता व्यक्त की है कि उनका भविष्य अब सुरक्षित नहीं है। AI के इस नए उपयोग ने उनके जीविकोपार्जन पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड का फैसला कोई अकेला मामला नहीं

पिछले कुछ वर्षों (विशेषकर 2023 से 2026 के बीच) में बैंकिंग, फाइनेंस और टेक इंडस्ट्री ने इतिहास की कुछ सबसे बड़ी छंटनियों (Massive Layoffs) का सामना किया है。इन वैश्विक महा-छंटनियों को मुख्य रूप से दो बड़े बदलावों के रूप में देखा जा सकता है। बैंकिंग और फिनटेक सेक्टर में बड़ी छंटनियां (Banking & Fintech) आर्थिक दबाव और डिजिटल बैंकिंग के चलते कई बड़े वित्तीय संस्थानों ने हज़ारों कर्मचारियों को निकाला।
ब्लॉक (Block – जॅक डॉर्सी की कंपनी)– हाल ही में फिनटेक कंपनी ब्लॉक ने एआई (AI) टूल्स अपनाने के कारण अपने कार्यबल में 40% की भारी कटौती करते हुए लगभग 4,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया।
गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs)– साल 2023 में इस वैश्विक निवेश बैंक ने अपनी सबसे बड़ी छंटनी की, जिसमें 3,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया।
मॉर्गन स्टैनली (Morgan Stanley)– हाल ही में अपने निवेश और वेल्थ मैनेजमेंट डिवीजनों से कुल कार्यबल का 3% यानी करीब 2,500 लोगों को हटा दिया।
डॉयचे बैंक (Deutsche Bank)– साल 2019 में इस जर्मन बैंक ने अपने इक्विटी कारोबार को समेटते हुए वैश्विक स्तर पर 18,000 कर्मचारियों की ऐतिहासिक छंटनी की थी।
एक्सिस बैंक (Axis Bank – भारत)– हालिया वित्तीय वर्ष (FY 2026) में तकनीक और ऑटोमेशन में लगातार निवेश के कारण बैंक के कर्मचारियों की संख्या में 3,000 की कमी आई है।

टेक इंडस्ट्री में एआई (AI) के कारण महा-छंटनी (Tech Sector)

कोरोना महामारी के दौरान ज़रूरत से ज़्यादा हायरिंग (Over-hiring) करने के बाद, टेक कंपनियों ने अपनी प्राथमिकता बदलकर एआई और प्रॉफिटेबिलिटी पर कर दी है।
मेटा (Meta/Facebook)– मार्क जुकरबर्ग की कंपनी ने ‘ईयर ऑफ एफिशिएंसी’ (Year of Efficiency) के तहत 2023 से अब तक कई चरणों में 30,000 से अधिक नौकरियां खत्म की हैं, और हाल ही में मई 2026 में 8,000 और कर्मचारियों की छंटनी की प्रक्रिया शुरू की है।
ओरेकल (Oracle)– अप्रैल 2026 में ओरेकल ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने के लिए वैश्विक स्तर पर 30,000 कर्मचारियों (लगभग 18%) को नौकरी से निकाल दिया, जिससे सबसे बड़ा झटका भारत में काम कर रहे करीब 12,000 टेक कर्मचारियों को लगा।
इंटेल (Intel)– सेमीकंडक्टर क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी ने वित्तीय संकट से उबरने के लिए हाल ही में 15,000 से अधिक कर्मचारियों की भारी छंटनी की है।
अमेज़न (Amazon)– अमेज़न ने 2023 में 27,000 से अधिक और जनवरी 2026 में 16,000 और कर्मचारियों को बाहर किया है।

AI OverhaulAI नहीं छीन रहा नौकरी, बदल रहा है खेल: LinkedIn की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा

माइक्रोसॉफ्ट और गूगल (Microsoft & Google)- दोनों कंपनियों ने एआई रेस में बने रहने और कॉरपोरेट स्ट्रक्चर को छोटा करने के लिए पिछले 2-3 सालों में 20,000 से अधिक कुशल इंजीनियरों और सपोर्ट स्टाफ को निकाला है। इन छंटनियों के पीछे के मुख्य कारण AI Overhaul (एआई का बढ़ता प्रभाव) है।  कंपनियाँ अब पारंपरिक कोडिंग, सपोर्ट, डेटा एंट्री और बैक-ऑफिस के लिए इंसानों के बजाय जेनरेटिव एआई (Generative AI) को ज्यादा किफायती मान रही हैं। दुनिया भर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी और मुद्रास्फीति (Inflation) के कारण निवेशकों का दबाव मुनाफे को बढ़ाने पर है।

फाइनेंशियल सेक्टर में AI के फायदे और नुकसान

फाइनेंशियल सेक्टर में AI के इस्तेमाल से कार्यकुशलता में वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन इस तकनीक के कारण मजदूरों की संख्या में कमी भी तेजी से हो रही है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड जैसे संस्थान अब अपने एंप्लॉयीज को नए कौशल सिखाने के लिए कदम उठा रहे हैं ताकि वे टेक्नोलॉजी से जुड़े कामों में विशेषज्ञ बन सकें।

भविष्य के लिए चुनौती: नई तकनीक और रोजगार

हालांकि AI टेक्नोलॉजी की मदद से बैंकिंग सेक्टर में कई प्रक्रियाओं को आसान बनाया जा सकता है, लेकिन यह भी सच है कि यह कई एंप्लॉयीज के लिए चुनौती पेश कर रहा है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड की योजना विशेष रूप से इस बात को उजागर करती है कि कैसे संस्थान अपनी जरूरतों के मुताबिक कामकाज के तरीकों को बदल रहे हैं। इसके परिणाम स्वरूप श्रमिकों के लिए नई चुनौतियाँ सामने आ रही हैं।

भविष्य की झलक

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक का यह कदम इस बात का साफ संकेत है कि भविष्य का बैंकिंग और कॉरपोरेट सेक्टर कैसा होने वाला है। जहाँ एक तरफ बैंक इस रीस्ट्रक्चरिंग के जरिए साल 2028 तक प्रति कर्मचारी आय में 20% की बढ़ोतरी और अपने वित्तीय मुनाफे (RoTE) को 18% तक ले जाने का लक्ष्य रख रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह मानव श्रम के भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। भारत, चीन और मलेशिया जैसे देश, जहाँ बैंक के मुख्य बैक-ऑफिस ऑपरेशन्स स्थित हैं, इस फैसले से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि बैंक ने प्रभावित कर्मचारियों को वेल्थ मैनेजमेंट जैसे अन्य बढ़ते विभागों में समायोजित (Redeploy) करने का भरोसा दिया है, लेकिन यह घटनाक्रम इस कड़वी सच्चाई को उजागर करता है कि कॉरपोरेट जगत में अब एआई (AI) और रोबोट्स इंसानी नौकरियों के लिए एक बड़ा और वास्तविक रिप्लेसमेंट बनते जा रहे हैं।

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