Jharkhand News: रामगढ़ के कोल माइंस में हादसा हुआ है। मिट्टी धंसने की वजह से चार ग्रामीणों की मौत हो गई है और कइयों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। स्थानीय पुलिस, CCL अधिकारी और प्रशासन मौके पर मौजूद हैं।
झारखंड के करमा प्रोजेक्ट खदान में हुआ हादसा
Ramgarh: झारखंड के रामगढ़ जिले में शनिवार सुबह एक भीषण हादसा हो गया। CCL के करमा प्रोजेक्ट सुगिया इलाके में चाल धंसने से कई लोगों के दबे होने की सूचना है। घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई है और स्थानीय प्रशासन एवं बचाव दल राहत कार्य में जुट गए हैं। बंद खदान में मिट्टी धंसने से कइयों के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
बंद खदान में चल रहा था अवैध खनन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, CCL ने कुछ दिनों पहले इस खदान को बंद कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद अवैध रूप से खनन जारी था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात ग्रामीणों द्वारा कोयला निकालने के दौरान चाल धंस गई, जिससे बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंस गए। घटनास्थल के बिल्कुल पास में सुगिया गांव है। संभावना जताई जा रही है कि कोयला चोरी के दौरान हादसा हुआ है। इस बात की भी चर्चा है कि कुछ और लोग इसकी चपेट में आए थे, जिनके शव को ग्रामीण लेकर भाग चुके हैं। लेकिन प्रशासन के हिसाब से सिर्फ 4 बॉडीस घटनास्थल पर मिली हैं।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि 8 से 10 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
CCL की लापरवाही आई सामने
यह हादसा एक बार फिर CCL की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। जानकारी के अनुसार, ओपन कास्ट माइंस में CCL द्वारा ब्लास्टिंग की गई थी, जिसके बाद भारी बारिश होने पर खदान को खुला छोड़ दिया गया। इसी दौरान स्थानीय ग्रामीण वहां कोयला निकालने पहुंचे और चाल धंसने के बाद खदान के अंदर चले गए। इससे हादसा और भी भयावह हो गया। घटना में घायल ग्रामीण के एक परिजन ने कहा कि वे सूचना पर यहां पहुंचे हैं। यह पूरी तरह से CCL की लापरवाही है। CCL ने खदान को खुला छोड़ दिया, जहां ग्रामीण जलावन और अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए कोयला लेने जाते हैं। इसी दौरान यह हादसा हुआ है।
बचाव कार्य जारी, प्रशासन सतर्क
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और बचाव टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। स्थानीय पुलिस, CCL अधिकारी और प्रशासन मौके पर मौजूद हैं और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीण करमा परियोजना पदाधिकारी कार्यालय के गेट के सामने तीनों शव को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि जब तक CCL द्वारा उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक शव को नहीं हटाया जाएगा। जिस जगह पर हादसा हुआ है, वह सीसीएल का प्रतिबंधित क्षेत्र है। वैसी जगह पर आम लोगों के आवाजाही की सख्त मनाही होती है।
अवैध खनन का एक और उजागर मामला है CCL खदान हादसा
रामगढ़ की यह घटना न केवल अवैध खनन की भयावह सच्चाई को सामने लाती है, बल्कि CCL जैसे संस्थानों की जिम्मेदारियों और सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े करती है। जरूरत है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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