Maharashtra School Reopens Praveshotsav: महाराष्ट्र में खुले स्कूल, नए छात्रों का फूल और किताबों के साथ हुआ स्वागत

The CSR Journal Magazine
Maharashtra School Reopens Praveshotsav: गर्मी की छुट्टियों के बाद महाराष्ट्र में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत उत्साह के साथ हुई। राज्य सरकार के “स्कूल प्रवेशोत्सव” अभियान के तहत सरकारी और स्थानीय निकायों के स्कूलों में नए विद्यार्थियों का भव्य स्वागत किया गया। स्कूलों में बच्चों को फूल, नई किताबें और स्कूल यूनिफॉर्म देकर उनका पहला दिन यादगार बनाया गया। रत्नागिरी में जिलाधिकारी मनुज जिंदल (Ratnagiri DM Manuj Jindal IAS) ने जिला परिषद स्कूल में पहुंचकर पहली बार स्कूल आने वाले बच्चों का स्वागत किया। वहीं ठाणे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पालिका स्कूल में बच्चों को गुलाब के फूल, किताबें और नया गणवेश देकर उनका उत्साह बढ़ाया। मुंबई के घाटकोपर स्थित महानगरपालिका स्कूल में मंत्री आशीष शेलार ने भी विद्यार्थियों का स्वागत किया।

Maharashtra School Reopens Praveshotsav: हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास

राज्य सरकार का उद्देश्य सभी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना है। इसी उद्देश्य से हर साल “स्कूल प्रवेशोत्सव” मनाया जाता है। सरकार का मानना है कि स्कूल का पहला दिन बच्चों के जीवन का महत्वपूर्ण दिन होता है। यदि उनका स्वागत उत्साहपूर्ण माहौल में किया जाए तो बच्चों में स्कूल के प्रति लगाव और पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ती है।

मुफ्त किताबें और यूनिफॉर्म का वितरण

प्रवेशोत्सव के दौरान विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और स्कूल यूनिफॉर्म वितरित की गईं। पहली कक्षा में दाखिला लेने वाले बच्चों के लिए “पहला कदम” पहल के तहत उनके पैरों के निशान लेकर उसकी स्मृति प्रति अभिभावकों को देने की भी व्यवस्था की गई।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी करेंगे स्कूलों को गोद

राज्य सरकार ने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कम से कम एक स्कूल का दौरा करने का निर्देश दिया है। साथ ही कई स्कूलों को “दत्तक विद्यालय” के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, ताकि वहां शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार हो सके।

Maharashtra School Reopens Praveshotsav: शिक्षा समृद्ध महाराष्ट्र का लक्ष्य

शिक्षा विभाग का कहना है कि पिछले वर्ष प्रवेशोत्सव के सकारात्मक परिणाम मिले थे और कई जिलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी थी। इसी को देखते हुए इस वर्ष अभियान को और व्यापक बनाया गया है। सरकार का मानना है कि प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक और समाज के संयुक्त प्रयासों से हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाई जा सकती है और “शिक्षा समृद्ध महाराष्ट्र” का सपना साकार किया जा सकता है।

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