टोंक में सिंचाई क्रांति की शुरुआत बीसलपुर कमांड एरिया में ‘समृद्धि’ परियोजना से खेतों तक पहुंचेगा पाइपलाइन से पानी

The CSR Journal Magazine
राजस्थान के टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध कमांड एरिया अब आधुनिक सिंचाई व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। केंद्र सरकार की ‘मॉडर्नाइजेशन ऑफ कमांड एरिया डेवलपमेंट’ (एम-कैड) योजना के तहत यहां ‘समृद्धि’ पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इस योजना के जरिए नहरों से खेतों तक प्रेशराइज्ड पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जाएगा, जिससे पानी की बर्बादी रुकेगी और किसानों को समान रूप से सिंचाई जल उपलब्ध हो सकेगा। परियोजना की लागत करीब 75 करोड़ रुपये आंकी गई है।

देश की 32 पायलट परियोजनाओं में शामिल हुआ बीसलपुर

जल संसाधन विभाग के अनुसार बीसलपुर परियोजना को देशभर में चयनित 32 पायलट परियोजनाओं में शामिल किया गया है। बीसलपुर कमांड एरिया का कुल क्षेत्रफल 81,800 हेक्टेयर है, लेकिन प्रारंभिक चरण में 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र को परियोजना के लिए चुना गया है। इसमें राजमहल, दूनी और दाखिया सिंचाई तंत्र के अंतर्गत आने वाले 13 गांवों को शामिल किया गया है। इस क्षेत्र के करीब 10 हजार किसानों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक अशोक जैफ ने परियोजना क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।

पानी की बचत और चोरी पर लगेगी रोक

वर्तमान व्यवस्था में नहरों से खेतों तक पानी पहुंचाने के दौरान काफी मात्रा में जल हानि होती है। कई स्थानों पर अवैध रूप से पानी की निकासी और चोरी की शिकायतें भी सामने आती हैं। किसान निजी इंजन और पाइप लगाकर सिंचाई करते हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ता है। ‘समृद्धि’ परियोजना के तहत खेत स्तर तक प्रेशराइज्ड पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे पानी सीधे किसानों तक पहुंचेगा। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।

हर किसान को मिलेगा बराबर पानी, कम होंगे विवाद

सिंचाई के लिए पानी की बारी और उपलब्धता को लेकर किसानों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है। नई प्रणाली में निर्धारित मात्रा में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सभी किसानों को समान लाभ मिल सकेगा। पाइपलाइन आधारित वितरण व्यवस्था के कारण पानी का दबाव भी नियंत्रित रहेगा और अंतिम छोर तक खेतों को पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। इससे कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होने की संभावना है।

आधुनिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना का उद्देश्य केवल पानी पहुंचाना नहीं बल्कि किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़ना भी है। योजना के तहत किसानों को ड्रिप, स्प्रिंकलर और जल दक्ष खेती के तरीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो आने वाले वर्षों में बीसलपुर कमांड एरिया के शेष गांवों को भी इससे जोड़ा जाएगा, जिससे राजस्थान में सिंचाई प्रबंधन का एक नया मॉडल विकसित हो सकेगा।

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