गर्मी का तांडव: बिजली संकट से निपटने के लिए सरकार का दमदार प्लान

The CSR Journal Magazine
इस साल भयंकर गर्मी ने बिजली की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। केंद्र सरकार ने बताया है कि अप्रैल में पीक पावर डिमांड 256 गीगावॉट से बढ़कर 20 मई को 265 गीगावॉट तक पहुंच गई। जून में यह 271 गीगावॉट और जुलाई में 283 गीगावॉट तक जा सकती है। ऐसे में बिजली उत्पादन और सप्लाई के बीच संतुलन बनाए रखने की सबसे बड़ी चुनौती है।

सरकार की तैयारी: थर्मल पावर प्लांट्स की सक्रियता

केंद्र सरकार ने इस बार गर्मियों के लिए पहले से ही तैयारी कर ली है। सभी थर्मल पावर प्लांट्स को चालू रखने की योजना बनाई गई है, जबकि सामान्यतः कई प्लांट मेंटेनेंस के लिए बंद रहते हैं। इससे लगभग 15,000 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी, जो मांग के बढ़ने पर मदद करेगी। लोग बड़ी शहरों से लेकर गांवों तक बिजली की आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी का सामना न करें।

सौर और वायु ऊर्जा का अधिकतम उपयोग

सरकार ने बताया है कि उनकी रणनीति केवल बिजली उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। दिन के समय अधिकतम सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। जून से तेज हवाएं चलने पर विंड एनर्जी का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, जिससे ग्रिड पर दबाव कम होगा। इसके अलावा जलविद्युत परियोजनाओं से भी बिजली उत्पादन में वृद्धि की जाएगी।

राज्यों के बीच लोड शेयरिंग का नया तरीका

बिजली संकट के समय सहयोग बढ़ाने के लिए राज्य सरकारों के साथ बातचीत की गई है। उत्तर प्रदेश ने अतिरिक्त सपोर्ट मांगा है, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है। यह व्यवस्था अधिक मांग वाले राज्यों को अतिरिक्त बिजली देने में मदद करेगी। इस बार सरकार ने भरोसा दिलाया है कि बड़े पैमाने पर बिजली की कमी नहीं होने दी जाएगी।

कोयले की उपलब्धता पर ध्यान

बिजली उत्पादन के लिए कोयला महत्वपूर्ण है और इस संबंध में सरकार ने स्थिति को स्पष्ट किया है। वर्तमान में पावर प्लांट्स में लगभग 18 दिनों का कोयला भंडार है। हालांकि, आदर्श स्थितियों में 30 दिनों का भंडार होना चाहिए, लेकिन सरकार का मानना है कि इस बार कोयले की सप्लाई नियमित रूप से की जाएगी।

गैस सप्लाई के संभावित खतरे

ग्लोबल परिस्थितियों के कारण गैस सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संकट के चलते गैस की कीमतों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में नाइजीरिया जैसी अन्य स्रोतों से गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

सरकार का आश्वासन: बिजली संकट से निपटने की तैयारी पूरी

पावर मंत्रालय ने कहा है कि रिकॉर्ड मांग के बावजूद देश बिजली संकट का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कोयले की उपलब्धता और नवीनीकरण ऊर्जा के उपयोग में सुधार करके, सरकार इस गर्मी में बिजली की सप्लाई को स्थिर रखने की कोशिश कर रही है। अब देखना यह है कि क्या ये उपाय कारगर होंगे।

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