CSR पहल: इलेक्ट्रिक वाहन से 3,000 बच्चों तक पहुंचेगा मिड-डे मील, पोषण और हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा

The CSR Journal Magazine
जापान की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनी कोनिका मिनोल्टा बिजनेस सॉल्यूशंस इंडिया ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) पहल NEEV और URJA कार्यक्रमों का विस्तार करते हुए छठे इलेक्ट्रिक वाहन (EV) को सेवा में शामिल किया है। अक्षय पात्र फाउंडेशन के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य दिल्ली और हैदराबाद के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 3,000 विद्यार्थियों तक पौष्टिक मिड-डे मील समय पर और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पहुंचाना है। कंपनी का कहना है कि इस पहल से बच्चों के पोषण, शिक्षा और हरित परिवहन को एक साथ बढ़ावा मिलेगा।

Konica Minolta CSR: तीन वर्षों में 6,800 बच्चों तक पहुंचा लाभ

कंपनी के अनुसार पिछले तीन वर्षों में NEEV और URJA कार्यक्रमों के माध्यम से वाराणसी, भुवनेश्वर, देहरादून, हैदराबाद और दिल्ली सहित पांच शहरों के करीब 6,800 विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया गया है। इस अवधि में कंपनी ने कुल छह इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराए हैं, जिनका उपयोग मिड-डे मील के वितरण में किया जा रहा है। इससे भोजन समय पर पहुंचने के साथ-साथ पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता भी कम हुई है।

बच्चों के पोषण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

कोनिका मिनोल्टा का NEEV कार्यक्रम बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा तथा समग्र विकास को मजबूत करने पर केंद्रित है। वहीं URJA कार्यक्रम स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देता है। कंपनी का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए भोजन वितरण करने से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और मिड-डे मील वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी एवं टिकाऊ बनेगी।

‘सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ’

कोनिका मिनोल्टा बिजनेस सॉल्यूशंस इंडिया के प्रबंध निदेशक कत्सुहिसा असारी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य केवल व्यावसायिक विकास नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण दोनों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भोजन जो स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन से बच्चों तक पहुंचता है, वह स्वस्थ भविष्य और टिकाऊ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी आगे भी ऐसे कार्यक्रमों का विस्तार कर अधिक समुदायों तक पहुंचने की योजना बना रही है।

मिड-डे मील योजना को मिलेगी नई मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मिड-डे मील योजना स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, कुपोषण कम करने और शिक्षा को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में यदि भोजन वितरण के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ता है, तो इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि भोजन की आपूर्ति भी अधिक तेज, विश्वसनीय और लागत प्रभावी बन सकेगी।

CSR के जरिए सामाजिक बदलाव का प्रयास

अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ साझेदारी में संचालित यह पहल बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वच्छ ऊर्जा को जोड़ने का एक सफल मॉडल बनकर उभर रही है। कंपनी का कहना है कि NEEV और URJA जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से वह भविष्य में भी सामुदायिक विकास, हरित ऊर्जा और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में दीर्घकालिक योगदान देती रहेगी।
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