कॉल सेंटर में AI की एंट्री: Microsoft, Uber जैसी कंपनियों ने बदली रणनीति

The CSR Journal Magazine

AI का अटैक: कॉल सेंटर की नौकरियों पर मंडराया बड़ा संकट,  AI बना नया कस्टमर केयर एजेंट, ग्राहक सेवा का बदल रहा पूरा खेल

एक समय था जब किसी कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करते ही दूसरी तरफ एक इंसान आपकी समस्या सुनता था। आज वही काम तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट और वॉयस एजेंट कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों में AI तकनीक ने इतनी तेजी से प्रगति की है कि अब वह सामान्य सवालों के जवाब देने, रिफंड प्रोसेस करने, ऑर्डर ट्रैक करने, बैंकिंग संबंधी जानकारी देने और यहां तक कि इंसानों जैसी बातचीत करने में सक्षम हो गया है।

Microsoft, Uber घटा रहे कर्मचारी

दुनिया की कई बड़ी कंपनियां, जैसे Microsoft, Uber और ऑस्ट्रेलिया का Commonwealth Bank (CBA) ने ग्राहक सेवा विभाग में कर्मचारियों की संख्या घटानी शुरू कर दी है। इन कंपनियों का तर्क है कि AI 24 घंटे बिना रुके काम कर सकता है, उसकी लागत कम है और वह हजारों ग्राहकों को एक साथ सेवा दे सकता है। विशेषज्ञ इसे केवल तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि रोजगार के स्वरूप में ऐतिहासिक परिवर्तन मान रहे हैं।

क्यों बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल?

किसी भी कंपनी के लिए ग्राहक सेवा (Customer Support) सबसे महंगे विभागों में से एक होती है। इस विभाग में हजारों कर्मचारियों की भर्ती, प्रशिक्षण, वेतन, कार्यालय, उपकरण और शिफ्ट संचालन पर भारी खर्च आता है। AI आने के बाद कंपनियों को तीन बड़े फायदे दिखाई दिए—
  • 24×7 सेवा
  • कम परिचालन लागत
  • तेज और एकसमान जवाब
AI चैटबॉट एक ही समय में लाखों ग्राहकों की शिकायतें सुन सकता है, जबकि इंसान एक समय में केवल एक ग्राहक से बात कर सकता है।

Microsoft ने बदली रणनीति

Microsoft पिछले कुछ वर्षों से Copilot और Azure AI में भारी निवेश कर रहा है। कंपनी ने अपने आंतरिक ग्राहक सहायता सिस्टम में AI को शामिल किया है, जिससे अनेक सामान्य प्रश्न अब स्वतः हल किए जा रहे हैं। कई रिपोर्टों के अनुसार ग्राहक सेवा सहित कई सपोर्ट टीमों में कर्मचारियों की आवश्यकता कम हुई है।

Uber का AI आधारित नेटवर्क

Uber ने ड्राइवर और यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए AI आधारित सपोर्ट सिस्टम विकसित किया है। अब किराया विवाद, रिफंड, यात्रा संबंधी जानकारी और सामान्य शिकायतें AI के माध्यम से हल की जा रही हैं।

Commonwealth Bank (Australia)

ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े बैंकों में शामिल CBA अपने डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म में AI का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहा है। बैंक के AI सिस्टम ग्राहकों के सामान्य बैंकिंग प्रश्नों का तुरंत समाधान देते हैं। इससे कॉल सेंटर पर आने वाले कॉल्स में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

AI आखिर कर क्या सकता है?

आज के आधुनिक AI एजेंट केवल चैट नहीं करते बल्कि अकाउंट संबंधी जानकारी देते हैं, भुगतान की स्थिति बताते हैं, पासवर्ड रीसेट कराते हैं, रिफंड शुरू करते हैं। टिकट बुकिंग की जानकारी देते हैं, बीमा क्लेम की स्थिति बताते हैं, बैंकिंग सहायता देते हैं, भाषा पहचानते हैं और ग्राहक के मूड का विश्लेषण भी कर सकते हैं। Generative AI आने के बाद बातचीत पहले की तुलना में कहीं अधिक स्वाभाविक हो गई है।

कितनी नौकरियां खतरे में हैं?

अंतरराष्ट्रीय श्रम बाजार से जुड़े कई अध्ययनों में ग्राहक सेवा को उन क्षेत्रों में गिना गया है जहां AI का प्रभाव सबसे पहले और सबसे अधिक दिखाई दे रहा है। प्रमुख अनुमान-
  • दुनिया में करोड़ों लोग कॉल सेंटर और BPO उद्योग में कार्यरत हैं।
  • भारत का BPO उद्योग लगभग 50 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराता है।
  • वैश्विक कस्टमर सर्विस उद्योग का आकार सैकड़ों अरब डॉलर का है।
  • अनेक विश्लेषकों का अनुमान है कि अगले 5–10 वर्षों में ग्राहक सेवा के नियमित कार्यों का बड़ा हिस्सा AI द्वारा संभाला जा सकता है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि “सभी नौकरियां खत्म नहीं होंगी, बल्कि उनका स्वरूप बदलेगा।”

भारत पर क्या असर पड़ेगा?

भारत दुनिया का सबसे बड़ा BPO हब माना जाता है। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, नोएडा, गुरुग्राम, चेन्नई और मुंबई जैसे शहरों में लाखों युवा ग्राहक सेवा उद्योग में कार्यरत हैं। यदि AI का उपयोग इसी गति से बढ़ता रहा तो सबसे अधिक असर इन क्षेत्रों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार—
  • Entry Level Jobs कम होंगी।
  • Voice Process सबसे पहले प्रभावित होंगे।
  • Chat Support में AI तेजी से जगह बना रहा है।
  • Night Shift कॉल सेंटर की मांग घट सकती है।

लेकिन सभी नौकरियां समाप्त नहीं होंगी

AI अभी भी कई मामलों में इंसानों जितना सक्षम नहीं है। उदाहरण के लिए भावनात्मक बातचीत, गंभीर शिकायतें, कानूनी विवाद, चिकित्सा सलाह, वित्तीय जटिल मामले और ग्राहक सेवा जैसी परिस्थितियों में आज भी मानव एजेंट अधिक भरोसेमंद माने जाते हैं। इसी कारण कंपनियां अब कर्मचारियों को “AI Supervisor” और “Customer Experience Specialist” जैसी नई भूमिकाओं में प्रशिक्षित कर रही हैं।

AI और इंसान की लागत में कितना अंतर?

विश्लेषकों के अनुसार एक बड़े कॉल सेंटर में हजारों कर्मचारियों के वेतन, प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे पर भारी खर्च आता है। इसके विपरीत AI प्लेटफॉर्म स्थापित करने के बाद प्रति ग्राहक लागत काफी कम हो सकती है। इसी वजह से कंपनियां AI में निवेश बढ़ा रही हैं।

क्या ग्राहक भी AI पसंद कर रहे हैं?

हाल के वर्षों में हुए कई सर्वे बताते हैं कि अधिकांश ग्राहक साधारण प्रश्नों का तुरंत उत्तर चाहते हैं। लंबा इंतजार उन्हें पसंद नहीं। AI तुरंत जवाब देने के साथ 24 घंटे उपलब्ध रहता है। हालांकि जब समस्या जटिल होती है तो अधिकांश ग्राहक अभी भी इंसान से बात करना पसंद करते हैं।

नई नौकरियां भी पैदा होंगी

AI जहां कुछ नौकरियां कम करेगा वहीं नई भूमिकाएं भी बनाएगा। जैसे AI Trainer, Prompt Engineer, AI Quality Analyst, Conversation Designer, AI Ethics Specialist, Human-AI Supervisor और Customer Experience Manager! इन क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में रोजगार बढ़ने की संभावना है।

विश्व आर्थिक मंच क्या कहता है?

विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) की Future of Jobs रिपोर्ट के अनुसार आने वाले वर्षों में AI और ऑटोमेशन के कारण अनेक पारंपरिक नौकरियों का स्वरूप बदलेगा। रिपोर्ट यह भी बताती है कि नई तकनीकों के साथ बड़ी संख्या में नई भूमिकाएं भी पैदा होंगी, लेकिन कर्मचारियों को री-स्किलिंग (Reskilling) और अप-स्किलिंग (Upskilling) की आवश्यकता होगी।

क्या AI पूरी तरह इंसानों की जगह ले लेगा?

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में ऐसा संभव नहीं है। AI तेजी से जवाब दे सकता है, डेटा खोज सकता है, प्रक्रियाएं पूरी कर सकता है लेकिन सहानुभूति नहीं दिखा सकता, जटिल परिस्थितियों में मानवीय निर्णय नहीं ले सकता, सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भों को हमेशा सही तरह नहीं समझ पाता। इसलिए आने वाले वर्षों में सबसे प्रभावी मॉडल Human + AI Collaboration माना जा रहा है।

युवाओं को क्या सीखना चाहिए?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल कॉल सेंटर कौशल पर निर्भर रहने के बजाय युवाओं को निम्न क्षेत्रों में दक्षता विकसित करनी चाहिए जैसे- AI Tools का उपयोग, Data Analysis, Communication Skills, Problem Solving, Customer Psychology, Cloud Technology, Cyber Security, Digital Sales और Automation Platforms !

क्या सरकारों के सामने भी चुनौती है?

यदि AI के कारण बड़ी संख्या में ग्राहक सेवा नौकरियां प्रभावित होती हैं, तो सरकारों के सामने रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा की चुनौती भी बढ़ेगी। नीति-निर्माताओं को ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता होगी जो कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करें और उद्योगों को जिम्मेदार तरीके से AI अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें।

रोजगार का सबसे बड़ा बदलाव

ग्राहक सेवा उद्योग में AI का बढ़ता उपयोग तकनीकी प्रगति का स्पष्ट संकेत है। कंपनियां इसे लागत कम करने, तेज सेवा देने और 24 घंटे सहायता उपलब्ध कराने के साधन के रूप में देख रही हैं। दूसरी ओर, यह बदलाव लाखों कर्मचारियों के लिए नई चुनौतियां भी लेकर आया है। निकट भविष्य में सबसे अधिक मांग उन पेशेवरों की होगी जो AI के साथ मिलकर काम कर सकें। इसलिए यह कहना अधिक उचित होगा कि AI हर नौकरी समाप्त नहीं करेगा, बल्कि उन भूमिकाओं को तेजी से बदल देगा जो दोहराए जाने वाले, नियम-आधारित कार्यों पर आधारित हैं। आने वाले दशक में सफलता उसी की होगी जो बदलती तकनीक के साथ अपने कौशल को भी लगातार विकसित करता रहेगा।
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